अरगोड़ा झंडोत्तोलन के दौरान करंट से मौत पर सासंद महेश पोद्दार ने इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर पर उठाये सवाल

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 03/14/2018 - 19:45

Ranchi : अरगोड़ा झंडोतोलन के दौरान करंट की चपेट में आने से मुख्य शिक्षक विपुल सिंह की मौत के बाद सीएम रघुवर दास से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा तक के बयान सामने आये. इसी बीच राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने शोक जताने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है. इस मामले में उन्होंने एक-के-बाद-एक तीन ट्वीट किये. ट्वीट में उन्होंने राज्य के बिजली इंस्पेक्टर को घेरा है. उनका कहना है कि बिजली के तार के पास पोल खड़ा करना गलती हो सकती है. लेकिन तार इतने नीचे से कैसे गुजर रहे थे. क्या इस तार पर बिजली विभाग की नजर कभी नहीं पड़ी थी. बिजली के तार इतने नीचे से गुजरने के पीछे किसका हाथ है. क्या उसकी जिम्मदारी नहीं तय की गयी थी.

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एक-के-बाद-एक तीन ट्वीट किये सांसद महेश पोद्दार ने

सांसद महेश पोद्दार द्वारा किये गये ट्वीट
सांसद महेश पोद्दार द्वारा किये गये ट्वीट

महेश पोद्दार ने इस मामले को लेकर तीन ट्वीट किये. पहले ट्वीट उन्होंने में उन्होंने लिखा कि अरगोड़ा चौक पर विद्युत् स्पर्शाघात से महर्षि अरविन्द प्रभात शाखा के मुख्य शिक्षक विपुल सिंह जी के असामयिक निधन से मर्माहत हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे और उनके परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दे.

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दूसरे ट्वीट में उन्होंने बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाये

दूसरा ट्वीट किया कि अरगोड़ा चौक पर हुई दुर्घटना के लिए जिम्मेवार कारणों पर ध्यान देने की जरुरत है. इतने हाईवोल्टेज के तार इतने नीचे होने चाहिए अब बिजली सप्लाई सीधे सरकार नहीं, एक सरकारी कंपनी करती है. प्राइवेट कंपनी जिम्मेवार होती तो अबतक कई लोग गिरफ्तार हो चुके होते.

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तीसरे ट्वीट में उन्होंने फिर से बिजली व्यवस्था पर सवाल दोहराया

तीसरे ट्वीट में कहा कि मुझे बताया गया है कि राज्य में सरकार इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर बहाल करती है, वो बिजली कंपनी का कर्मचारी नहीं होता. उसे देखना है कि सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं. इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर अरगोडा मामले की जांच करे, गडबडियों की रिपोर्ट दे.

प्राइवेट कंपनी होती तो हम लोग उसके पीछे हाथ धो कर पड़ जाते : पोद्दार

सांसद महेश पोद्दार द्वारा किये गये ट्वीट
सांसद महेश पोद्दार द्वारा किये गये ट्वीट

इस मामले में महेश पोद्दार ने न्यूज विंग से बात की. उन्होंने कहा कि जितने इलेक्ट्रकिल इंस्टॉलेशन होते हैं उसके लिए इलेक्ट्रिसिटी कोड है. सेफ्टी कोड को इंश्योर करना इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर का काम है. इसके लिए बाकायदा हर स्टेट में एक इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर होता है. अपने झारखंड में भी है. जितने इलेक्ट्रकिल इंस्टॉलमेंट होते हैं उसे देखने का काम इनका होता है. तार नीचे थे, क्या था कितना था. शॉट सर्किट हुआ तो ट्रिप क्यों नहीं हुआ. इन सारी चीजों को इन्हें ही देखना है. किसी भी दुर्घटना को हमलोग हल्के में ले लेते हैं. यह भी सही है कि पोल खड़ा करना गलती थी. पूरे घटना की रिपोर्ट बना कर इस्पेक्टर को सरकार को सौंपनी चाहिए. इस दुर्घटना में शामिल जो भी इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलमेंट था, वो सही था या नहीं अगर यही कोई प्राइवेट सेक्टर की कंपनी का इंस्पैक्टर होता तो हमलोग उसके पीछे हाथ धो कर पड़ जाते. लेकिन पब्लिक सेक्टर की भी जिम्मेदारी होती है. उस जिम्मेदारी को तय किया जाना चाहिए.

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