मनरेगा योजना में सामने आया बड़ा घोटाला, 32 सप्‍लायर को 32 करोड़ 43 लाख जमा करने का नोटिस

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/19/2018 - 20:23

Ranchi: पाकुड़ जिले में मनरेगा योजना में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. यहां मेटेरियल की सप्‍लाई करने वाले 32 सप्‍लायर्स को सेल्स टैक्स विभाग ने आगामी तीस दिनों के अंदर 32 करोड़ 43 लाख रुपये सेल्स टैक्स जमा करने का डिमांड नोटिस जारी किया है. साल 2013-14, 14-15, 15-16 तथा 16-17 में योजना के तहत अलग-अलग सप्‍लायर्स द्वारा 55 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं में मेटिरियल की सप्‍लाई की गई थी. लेकिन इन सप्‍लायर्स द्वारा न तो सेल्स टैक्स जमा कराया गया है और न ही खनन विभाग को रॉयल्टी दी गयी, जबकि डीआरडीए से बहाल किये गये मनरेगा के खातों से मेटिरियल सप्‍लाई के विरुद्ध 55 करोड़ रुपयों से अधिक की निकासी की जा चुकी है.

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खातों की जांच के दौरान डीसी ने पकड़ी गड़बड़ी

यह रकम सप्‍लायर्स को बतौर भुगतान दिया गया हैलेकिन किसी भी सप्‍लाईकर्ता ने सप्‍लाई के अनुरूप खनन तथा सेल्स टैक्स विभाग को किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया. विभागीय कार्यों व इसके खातों की जांच के दौरान पाकुड़ के डीसी दिलीप कुमार झा ने इस गड़बड़ी को पकड़ा. डीसी के निर्देश पर खनन व सेल्स टैक्स विभाग सक्रिय हुआ और अपने-अपने हिस्से का टैक्स व रॉयल्टी जमा करने का नोटिस सप्‍लायर्स को जारी किया गया है. 

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30 दिन के अंदर राशि जमा करने का निर्देश

उधर सेल्स टैक्स विभाग ने रॉयल्टी और पेनाल्टी की गणना की तो पाया कि सप्‍लायर्स ने 32 करोड़ 43 लाख रुपये डकार लिए हैं. इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी सप्‍लायर्स को डिमांड नोटिस जारी कर तीस दिनों के अंदर राशि जमा करने को कहा है. सेल्‍स टैक्‍स अधिकारी विनय कुमार वर्मा ने बताया कि हमने सभी सप्‍लायर्स को वित्तीय वर्ष वार अलग-अलग नोटिस जारी किया है. 

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जांच हुई तो सामने आ सकता है राज्यस्तरीय घोटाला

मनरेगा योजना में मेटिरियल सप्‍लाई के लिए राज्य के सभी जिलों में सप्‍लायर्स की बहाली की गई है और इसके विरुद्ध उनके खाते में सीधे भुगतान भेजा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक पाकुड़ की ही तरह किसी भी जिले में सप्‍लायर्स द्वारा न तो खनन विभाग को रॉयल्टी दी गई है और न ही सेल्स टैक्स जमा कराया गया है. विभाग के एक बड़े पदाधिकारी ने बताया कि संपूर्ण राज्य में इसकी विधिवत जांच करायी जाए तो एक बहुत बड़ा घोटाला उभर कर सामने आएगा. 

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