देश के आर्थिक विस्तार से खनन को मिलेगी रफ्तार: राष्ट्रपति

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 10:01

NewDelhi: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि और विकास प्रक्रिया में आने वाले दशकों में तेजी आएगी और इससे खनन व खनित्र क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही राष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि संसाधनों की खोज, निकासी और खनिज सामग्री के विकास के कारोबार का लाभ स्थानीय समुदायों तक जरूर पहुंचना चाहिए. बुधवार को राष्ट्रपति कोविंद ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही. साथ ही कहा कि खनन क्षेत्र में चार वर्ष पहले शुरू की गई सुधार प्रक्रिया के अच्छे नतीजे दिखने लगे हैं और इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. 

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भारत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति ने कहा कि  भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. आने वाले दशकों में हमारे जीडीपी और विकास प्रक्रियाओं में अधिक तेजी आने वाली है. इस आर्थिक विस्तार की वजह से खनन एवं खनिज क्षेत्र भी बढ़ेगा. इसी समय यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों में विस्तार का इंजन भी साबित होगा. उन्होंने कहा कि भारत में अभी भी कई खनिज संसाधनों और वस्तुओं की प्रति व्यक्ति खपत वैश्विक स्तर से बहुत कम है और इस क्षेत्र में वृद्धि की उम्मीद हैं. शहरीकरण, घरों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से प्रमुख खनिज संसाधनों का उपयोग बढ़ेगा. कोविंद ने कहा कि देश को खनन क्षेत्र में टिकाऊ और पारिस्थितिक रूप से अनुकूल संसाधन उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शोध तथा प्रौद्योगिकी नवाचार में सार्थक निवेश की आवश्यकता है. यही कारण है कि सरकार ने पिछले चार वर्षों में खनन क्षेत्र में नियम काननू में सुधार को बढ़ावा दिया गया तथा इन सुधारों ने नतीजे दिखाने शुरू हो गए हैं. 

इस अवसर पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जीएसआई ने कोयले को छोड़ अन्य मुख्य खनिजों के 36 प्रखंडों की हाल में हुई नीलामी से राज्यों को 1.11 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. 

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