मोमेंटम झारखंड के एक सालः इसे बरसी कहेंगे या सालगिरह ! सरकारी दावाः हुआ करोड़ों निवेश, राजनीतिक पार्टियां और बिजनसमैन: हाथी उड़ने की बजाय जमीन पर गिरा

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 02/15/2018 - 20:40

Akshay/Saurav/Asghar

Ranchi : एक साल पहले की बात है. आज के दिन रांची दुल्हन की तरह सजी थी. लाखों करोड़ों निवेश लाने के दावे के साथ रंग-बिरंगे पोस्टरों और बैनरों से रांची पटा हुआ था. हर दिवार ऐसी सजी थी जैसे रांची को मेंहदी रची हो. 16 फरवरी 2017 को इस सरकार का ही नहीं बल्कि झारखंड बनने से लेकर अबतक का सबसे बड़ा मेगा शो शुरू हुआ था, नाम था मोमेंटम झारखंड, ग्लोबल इंवेस्टर समिट. मोमेंटम झारखंड के आयोजन के बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि राज्य को इस समिट से उम्मीद से दोगुना मिला है. कुल 210 एमओयू हुए. 3,10,277 करोड़ के निवेश का करार कंपनियों ने किया. 11,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड डेलिगेट्स आए. जिसमें 600 डेलिगेट्स विदेशी थे.

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जानिए एक साल में कितने उद्योग आए और कितना निवेश हुआ

सरकार की उद्योग विभाग ने मोमेंटम झारखंड से पहले और बाद में कंपनियों के साथ जो एमओयू किये उसकी पूरी विवरणी.

  •    मोमेंटम झारखंड से पहले हुए एमओयू : 13
  •    मोमेंटम झारखंड के दौरान हुए एमओयू : 210
  •    मोमेंटम झारखंड के बाद हुए एमओयू : 44
  •    कुल एमओयू की संख्या : 267
  •    इनमें 55 एमओयू ही हैं, जिसने अपना काम राज्य में शुरू किया है.  

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मोमेंटम झारखंड के बाद हुए तीन ग्राउंड ब्रेकिंग का सच

मोमेंटम झारखंड के आयोजन के बाद सरकार की तरफ से तीन बार ग्राउंड ब्रेकिंग का आयोजन रांची, जमशेदपुर और बोकारो में हुआ.

  • 18 मई 2017, रांचीः 21 प्रोजेक्ट का शिलान्यास, निवेशः 710 करोड़, रोजगार की गारंटीः 21184
  • 19 अगस्त 2017, जमशेदपुरः 74 प्रोजेक्ट का शिलान्यास, निवेशः 2184 करोड़, रोजगार की गारंटीः 10335
  •  20 दिसंबर 2017, बोकारोः 105 प्रोजेक्ट का शिलान्यास, निवेशः 3375 करोड़, रोजगार की गारंटीः 17700.  
  •  इसके अलावा सरकार के उद्योग विभाग का दावा है कि 2018 के मार्च-अप्रैल तक 125 प्रोजेक्ट राज्स में शुरू कर दिए जायेंगे. 

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इन तथ्यों से साबित होता है, यह सालगिरह नहीं बरसी है

सवाल यह कि मोमेंटम झारखंड के साल पूरे होने पर आखिर सालगिरह मनाया क्यों जाये. क्यों ना इसे इसकी पहली बरसी कही जाए. ऐसे कई सबूत और साक्ष्य सामने आये हैं, जिसके आधार पर मोमेंटम झारखंड को फेल कहा जा सकता है. उन्हीं सबूतो और साक्ष्यों में से कुछ न्यूज विंग आपके सामने रख रहा है.

-      39 दिन उम्र वाली Orient Craft Fashion Park One LLP जिसकी कुल जमा पूंजी महज एक लाख रुपये है. इस कंपनी ने सरकार के साथ 1500 करोड़ का करार किया है. हैरान करने वाली बात यह है कि एक लाख पूंजी वाली इस कंपनी ने राज्य में 50,000 रोजगार का दावा किया है.

-      सरकार ने तीन ऐसी कंपनियों के साथ 2800 करोड़ रुपया एमओयू किया, जिन कंपनियों की कुल पूंजी महज तीन लाख रुपये थी. करार करते वक्त कंपनी की उम्र महज 39 दिन से 10 माह तक की थी. यह कंपनियां Offorbys Conglomerate LLP, PJP Cinemas LLP और Orient Craft Fashion Park One LLP हैं.

-      Chargetech Energy LLP के साथ 3.5 करोड़ का करार. कंपनी की उम्र करार के वक्त सिर्फ पांच महीने. पूंजी एक लाख रुपये. Dhara Holiday LLP के साथ एक करोड़ का करार. कंपनी की उम्र 10 महीने और पूंजी एक करोड़.

-      6400 करोड़ का एमओयू ऐसी कंपनी के साथ जिसका कहीं नामोनिशान ही नहीं है. सरकार के Dept. of Industry, Mines & Geology ने एक कंपनी SIBICS Housing P Ltd से EPS pannel Single, Double, Multi-layer PCB बनाने के लिए 6400 करोड़ का करार किया है. लेकिन  गौर करने वाली बात ये है कि ये कंपनी ना तो मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफयर्स में रजिस्टर है, और ना ही यह कंपनी दूसरा कोई काम कर रही है. विधानसभा में मामला उठने पर सरकार की तरफ से जो जवाब दिया गया, वो भी झूठा निकला. सरकार ने जिस कंपनी का नाम बताया, उसके मालिक ने कहा कि वो कंपनी उनकी है ही नहीं. किसी दूसरी कंपनी ने सरकार के साथ करार किया है. लेकिन वो भी अब झारखंड सरकार के साथ काम नहीं करना चाहते. 

-      Recycled Refuse International Limited. मोमेंटम झारखंड के आयोजन से ठीक 4 महीने पहले यानि नवंबर 2016 को कंपनी की स्थापना होती है. कंपनी की कुल जमा पूंजी एक लाख रुपये है. कंपनी किसी बैंक पास जाये तो शायद ही कोई बैंक कंपनी को एक करोड़ का लोन दे. लेकिन झारखंड सरकार का Dept. of Urban Development & Housing Department विभाग कंपनी के साथ 7000 करोड़ का एमओयू करता है.

-      मोमेंटम झारखंड जिन कंपनियों के साथ सरकार ने करार किया है, वो ज्यादातर LLP कंपनी है. LLP कंपनियों के साथ होने वाले नुकसान की अगर बात करें तो, LLP का फुल फॉर्म Limited Liability Partnership  है. मतलब ऐसी कंपनी का सरकार या किसी बड़े फर्म के साथ एमओयू होने के बाद अगर किसी भी कारण से करार पूरा नहीं हो पाता है, तो कंपनी करार करने वाली एजेंसी या सरकार को सिर्फ उतना ही रकम लौटायेगी जितनी उसकी अधिकृत पूंजी है. इस लिहाज से 400 करोड़, 899 करोड़ और 1500 करोड़ का एमओयू करने वाली कंपनी अगर काम पूरा नहीं कर पाती है तो वो सिर्फ एक लाख रुपये लौटाने की जिम्मेदार होगी. जो कि उसकी अधिकृत पूंजी है.

-      मोमेंटम झारखंड के बाद कोरियाई कंपनियों ने सरकार से करीब 7000 करोड़ का करार किया. लेकिन कोरियाई कंपनियों ने अपना सारा प्रोजेक्ट गुजरात शिफ्ट कर लिया. उनका कहना था कि सरकार के अधिकारियों का रवैया यहां प्रोफेशनल नहीं है. इससे झारखंड में निवेश होने वाले 7000 करोड़ बाहर चले गये.

-      मोमेंटम झारखंड के बाद कैसी कंपनियों के साथ करार किया गया, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 225 करोड़ का एमओयू करने वाला प्रज्ञान फाउंडेशन के आला अधिकारी कोलकाता पुलिस की गिरफ्त में है.

लेकिन उद्योगपति, विपक्षी पार्टियां और सहयोगी दल ने मोमेंटम को फेल बताया 

सरकार का दावा भले ही करोड़ों निवेश लाने की हो. हजारों रोजगार देने का हो. करीब 300 कंपनियों के साथ एमओयू करने का हो. लेकिन सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, व्यवसायी हों या उद्योगपति सभी सरकार को मोमेंटम झारखंड को लेकर कोस रही हैं. सभी का मानना मोमेंटम झारखंड का हाथी उड़ने की बजाय मतवाला होकर जमीन पर गिर गया है. जानिए किसने क्या कहा.

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झारखंड के लिए टर्निंग प्वाइंट था मोमेंटम झारखंड : प्रतुल शाहदेव
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विरोधियों के दावों को गलत बताते हुए कहा कि जी बिल्कुल इसे बरसी नहीं कहीं जा सकती है. इसे सालगिरह ही बोला जाएगा. बहुत ही कामयाब रहा है मोमेंटम झारखंड. 200 कंपनियों से ज्यादा ने सरकार के साथ करार किया हैं. करोड़ों रुपए का निवेश हुआ हैं, लाखों लोगों को रोजगार मिलने की गारंटी मिली है. मोमेंटम झारखंड महज एक आयोजन नहीं था, बल्कि झारखंड के लिए एक टर्निंग पॉइंट है. मोमेंटम झारखंड के रिजल्ट अब दिखने शुरू हो गए हैं. आने वाले दिनों में और रिजल्ट देखने को मिलेंगे. पहले लोग झारखंड में निवेश करने के लिए नहीं आते थे. अब झारखंड के युवा जिन्हें दिल्ली, पंजाब, सूरत और हरियाणा जाना पड़ता था, उन्हें झारखंड में ही रोजगार मिल जाएगा.
 मैं मोमेंटम झारखंड को 10 में से 10 नंबर दूंगा.

सरकार से जनता का विश्वास उठा : मुनचुन राय

आजसू पार्टी के रांची महानगर अध्यक्ष मुनचुन राय ने कहा कि मोमेंटम झारखंड के बाद जो निवेश का दावा सरकार की तरफ से किया जा रहा है वो दिखावा है. सरकार ने वैसी कंपनियों के साथ एमओयू किया, जिनके होने पर भी संदेह है. कहा कि अगर जांच हो तो कई ऐसी कंपनियां मिल जायेंगी जो फर्जी है. कहा कि राज्य की जनता का सरकार से विश्वास उठ चुका है.

मोमेंटम झारखंड को मुनचुन राय ने 10 में से दो नंबर दिए.

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ग्राउंड पर निवेश नजर नहीं आता है : रंजीत गड़ोदिया

रांची चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रंजीत गड़ोदिया ने कहा कि एक साल बीतने को है, सरकार लाख दावे कर ले, लेकिन मोमेंटम झारखंड का निवेश राज्य में नहीं दिख रहा है. निवेश ग्राउंड पर दिखाई ही नहीं दे रहा है. जिस बड़े पैमाने पर निवेश का दावा किया गया था, वो एक साल में नहीं दिखा. उन्होंने कहा कि निवेश के लिए आठ महीने पहले ही कई कारोबारियों को जमीन आवंटित कर दी गयी थी. लेकिन, अबतक काम शुरू नहीं हुआ है. जबकि नियमानुसार छह महीने में ही काम शुरू नहीं होने पर दी गयी जमीन का एग्रीमेंट कैंसल हो जाता है. गड़ोदिया ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है, लेकिन निवेश को धरातल पर उतारने की जरुरत है.

मोमेंटम झारखंड को रंजीत गड़ोदिया ने 10 में से पांच नंबर दिए. 

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निवेश पर करोड़ों का दावा झूठा : जेएसआईए

झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट और रांची चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य दीपक मारु ने कहा कि एक साल में करोड़ों के निवेश के दावे गलत है. राज्य में ऐसी स्थिति बिल्कुल नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि मोमेंटम झारखंड में राज्य के छोटे उद्योगों को उपेक्षित किया गया. जो भी निवेश बीते एक साल में हुए, उसपर संदेह है. उन्होंने कहा कि राज्य के छोटे कारोबारियों को भी अबतक कोई लाभ नहीं हुआ है. 

मोमेंटम झारखंड को दीपक मारू ने 10 में से दो नंबर दिए. 

मोमेंटम झारखंड पर निवेश का दावा खोखला है : कांग्रेस

झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवीन्‍द्र सिंह ने कहा कि मोमेंटम झारखंड पर सरकार का निवेश का दावा खोखला है. कहा कि मोमेंटम झारखंड जनता के साथ छलावा और एक बड़ा घोटाला साबित होगा. अगर सरकार करोड़ों रुपये निवेश का दावा कर रही है, तो उसका पूरा ब्योरा देना चाहिए. किसने कितना और कहां निवेश किया यह रिपोर्ट सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए. उन्होंने राज्य के छोटे कारोबारियों के लाभ के सवाल पर कहा कि सरकार ने राज्य के बिजनसमैन को जीएसटी और नोटबंदी से बर्बाद कर दिया है. 

मोमेंटम झारखंड को रवीन्‍द्र राय ने जीरो नंबर दिया. 

मोमेंटम झारखंड को कोई नंबर नहीं दे सकता हूं : केके पोद्दार

झारखंड के जाने-माने इंडस्ट्रलिस्ट केके पोद्दार ने मोमेंटम झारखंड के निवेश पर कहा कि सरकार अगर  झारखंड में वाकई औद्योगिकीकरण करना चाहती है, तो उद्योगपतियों को बढ़ावा देना होगा. सिर्फ निवेशकों को बुलाने से काम नहीं चलेगा. मोमेंटम झारखंड के नाम पर बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया, लेकिन छोटे उद्योगों को पूर्ण रूप से दरकिनार कर दिया गया. उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग के लिए सरकार ने विचार नहीं किया. मेरे समझ से ऐसी परिस्थिति में झारखंड के व्यक्ति का विकास नहीं हो सकता है. एमएसएमई के तहत जितने उद्यमी हैं उन्हें सिर्फ नुकसान हुआ है. उद्योग तभी लग सकता है, जब आपके पास आधारभूत संरचना हो. उद्योग के लिए सबसे प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर है बिजली, लेकिन बिजली की हालत और कीमतों से सब लोग वाकिफ हैं.

मोमेंटम झारखंड को केके पोद्दार ने जीरो नंबर दिया. 

मोमेंटम झारखंड के नाम पर जमीन की लूट हुई है  झामुमो

झामुमो नेता मनोज पांडे ने कहा कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर पूरे राज्य की जनता ठगी गयी है. मोमेंटम झारखंड के भव्य आयोजन में जनता की गाढ़ी कमाई को खर्च किया गया. लेकिन एक भी काम धरातल पर नहीं उतर सका. उन्होंने कहा कि फर्जी कंपनियों के साथ एमओयू किया गया, जिसका खुलासा मीडिया और सूचना के अधिकार से हुआ. छह महीने और एक साल की कंपनियों के साथ करोड़ों रुपए का एमओयू किया गया. कई कंपनियों को एक रुपया में  50-100 एकड़ जमीन आवंटित की गयी. मोमेंटम झारखंड पूरी तरह से एक सुनियोजित तरीके से झारखंड की जमीन को लूटने की साजिश है.

मोमेंटम झारखंड को मनोज पांडे ने जीरो नंबर दिया.

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