आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार, पैसों के लिए बेटी को ही रख दिया गिरवी

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 06/12/2018 - 13:22

Chatra : कौन कहता है कि झारखंड में गरीबों का मुफ्त इलाज होता है. प्रदेश के चहुमुखी विकास व कल्याणकारी योजनाओं का डंका पीटने वाले सरकार के राज में इलाज के लिए एक गरीब ने अपनी बेटी को गिरवी रख दिया है. आर्थिक तंगी से जूझ रही घायल महिला को ना तो किसी ने उचित इलाज के लिए मदद की और ना ही किसी तरह का कोई संसाधन मिला. व्यवस्था से हार जाने के बाद घायल महिला के पति ने उसका इलाज एक झोलाछाप डॉक्टर से कराया. वहीं इलाज कराने के पैसे चुकता करने के लिए उसने अपनी 13 साल की बेटी को पांच महीने के लिए 10 हजार में गिरवी रख दिया.

बच्ची को गिरवी रखने का वीडियो हुआ वायरल

मामला चतरा का है. इस संबंध में एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में एक घायल महिला इलाज का पैसा देने वाले एक रसूखदार के घर अपनी 13 साल की बच्ची को गिरवी रखकर उससे काम कराने की बात कर रही है. महिला साफ तौर पर यह कहते हुए नजर आ रही है कि इस युग में जब अपने व सरकार ने धोखा दे दिया तो बाबू ही एक मात्र सहारा बचे थे. अब मेरी बच्ची बाबू के घर रहकर कर्ज चुकता कर देगी.

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क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के देवरिया स्थित मूर्ति टोला निवासी झगर भुइयां की पत्नी पुतुल देवी विगत 26 मई को काम करने के दौरान अपने घर की छत से गिर गई थी. जिसके बाद घायल अवस्था में परिजनों ने उपचार के लिए उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. यहां एक दिन भर्ती रखने के बाद चिकित्सकों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया. छत से गिरने की वजह से पुतुल का बाया पैर टूट गया था. वहीं डॉक्टरों द्वारा रेफर करने के बाद पैसे के अभाव में परिजन उसे रांची नहीं ले जा सके. इस दौरान गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला झगर भुईयां स्वास्थ्य विभाग के रहनुमाओं से मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी. ना तो सरकार के नियमों के मुताबिक उसे एंबुलेंस उपलब्ध कराया गया और ना ही पुतुल का अस्पताल में समुचित इलाज किया गया. हां उपचार के नाम पर घायल को पानी जरूर चढ़ा दिया गया. ऐसे में दो दिनों तक सदर अस्पताल का चक्कर काटकर थक चुके पीड़ित ने अपनी पत्नी को शहर के गुदरी बाजार स्थित झोलाछाप डॉक्टर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती करा दिया. यहां घायल महिला का इलाज करने के बाद डॉक्टर ने उसे पांच हजार रुपये का बिल दे दिया. बिल जमा करने में असमर्थता जताने के बाद डॉक्टर ने भी महिला को रेफर कर दिया. जिसके बाद झगर ने अपनी घायल पत्नी के इलाज के लिए अपनी बेटी को शहर के एक रसूखदार के घर में मजदूरी करने के नाम पर गिरवी रख दिया और उससे 10 हजार रुपये कर्ज के तौर पर ले लिए. उसके बाद वह अपनी पत्नी को गुदरी बाजार स्थित एक अन्य  झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गया. जहां उस डॉक्टर ने महिला का कच्चा प्लास्टर व मलहम पट्टी कर दिया और बदले में 10 हजार रुपये ले लिए. इलाज के बाद भी महिला की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. दर्द से कराह रही महिला की स्थिति उचित उपचार के अभाव में दिन प्रतिदिन और भी बिगड़ते जा रही है. फिलहाल पुतुल भगवानदास इलाके में स्थित अपने पिता के घर रह रही है. घायल पुतुल का कहना है कि पांच महीनों में मजदूरी कर उसकी बेटी बाबू के कर्ज का दस हजार रुपया अदा कर देगी. कर्ज अदा करने के बाद उसकी बेटी घर वापस लौट आएगी.

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एक्शन में सीडब्ल्यूसी

इधर सोशल मीडिया में पैसे के लिए बेटी को गिरवी रखने संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद बाल कल्याण समिति हरकत में आ गया है. बाल कल्याण समिति के सदस्य धनंजय तिवारी ने बताया कि मामला संगीन है. इलाज के लिए मासूम बच्ची को गिरवी रखकर बाल श्रम करवाना श्रम अधिनियम का खुलेआम अवहेलना करना है. उन्होंने बताया कि मामले को लेकर सीडब्ल्यूसी की एक कमेटी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी लेगा. परिवार से मिलने के बाद मासूम बच्ची से बाल श्रम कराने वाले तथाकथित रसूखदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

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बच्ची को मुक्त कराना पहली प्राथमिकता : थाना प्रभारी

इधर मामले को चतरा पुलिस ने भी गंभीरता से लिया है. घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राम अवध सिंह पैसे के लिए गिरवी रखी गई मासूम को रसूखदार के चंगुल से मुक्त कराने में जुट गए हैं. थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है. मामला गंभीर और मानवता को शर्मसार करने वाला है. पैसे के एवज में मजदूरी कर रही बच्ची को मुक्त कराकर सीडब्ल्यूसी को सौंपना पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि पैसे के एवज में बच्ची से बाल मजदूरी कराया जा रहा है तो संबंधित मजदूरी कराने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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