रांची के दानिश और मंजर को एनआइए की विशेष अदालत ने आतंकी मामले में 7 साल की सजा सुनाई

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 05/15/2018 - 17:13

Ranchi : आतंकी संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के केरल स्थित आतंकी प्रशिक्षण केंद्र में शामिल होने और आतंकी सांठगांठ में संलिप्तता मामले में रांची बरियातू के दो युवकों को सोमवार को दोषी करार दिया था. दोनों आरोपितों में रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के दानिश व मंजर इमाम शामिल है. वहीं, दूसरे राज्यों से संबद्ध 16 अन्य अभियुक्तों को भी कर्नाटक के एर्नाकुलम स्थित एनआइए की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था. मंगलवार को सिमी आतंकी दानिश और मंज़र को एनआइए की विशेष अदालत ने 7 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है.

सिमी के प्रशिक्षण केंद्र से संबंधित कांड में एनआइए की विशेष अदालत में 35 आरोपितों का ट्रायल चल रहा था. जिसमें 33 आरोपित अहमदाबाद, दिल्ली, भोपाल व बेंगलुरु की जेलों में बंद हैं, सभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में प्रस्तुत हुए. दो आरोपितों को कोर्ट में सशरीर हाजिर किया गया था. इसमें 77 गवाहों का बयान दर्ज किया गया था. आरोपितों के विरुद्ध 252 दस्तावेज व 43 वस्तुएं प्रदर्श प्रस्तुत किए गए थे. ट्रायल के दौरान 17 आरोपितों को कोर्ट ने बरी कर दिया था.

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21 जून 2008 को 43 आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी

केरल के कोट्टायम स्थित मुंडाकयाम थाने में 21 जून 2008 को कांड संख्या 257/2008 में 43 आरोपितों पर आतंकी गतिविधियां व आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस कांड को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 21 जनवरी 2010 को टेकओवर किया था और इस मामले में नई प्राथमिकी दर्ज की थी. केस प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी के प्रशिक्षण कैंप से संबंधित था. एनआइए ने पहली चार्जशीट 13 जनवरी 2011 को 30 आरोपितों के खिलाफ दाखिल की थी. जबकि, छह आरोपितों पर पूरक चार्जशीट 29 जुलाई 2013 को और अंतिम रूप से पूरक चार्जशीट 38 आरोपितों के खिलाफ 30 दिसंबर 2015 को दाखिल की थी.

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दानिश की गिरफ्तारी के बाद आया रांची का नाम

बड़ोदरा में जून 2011 में रांची के बरियातू निवासी दानिश की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद आतंकी गतिविधियों में रांची का नाम सामने आया. इससे पहले रांची का नाम आतंकी मामले में नहीं उछला था. दानिश के बाद रांची के बरियातू के ही मंजर इमाम और उसके बाद आठ अन्य युवकों को एनआईए ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है. वर्ष-2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का नाम सामने आया था. जिसमें आतंकियों के रांची कनेक्शन की बात सामने आई थी. जिसमें जांच में दानिश और मंजर इमाम का नाम सामने आया. बरियातू क्षेत्र में ही दानिश का घर है. 

मंजर उर्दू में गोल्ड मेडलिस्ट है

आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आरोपित व स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का सदस्य रांची का मंजर इमाम उर्दू में गोल्ड मेडलिस्ट था. मंजर आतंकियों के संपर्क में आया. मंजर इमाम उर्फ जमील उर्फ अबू हनीफा को एनआइए ने 04 मार्च 2013 को कांके थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था.

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