नक्सलियों का गढ़ तबाह, सुरक्षा बलों को देखकर कैंप से भाग खड़े हुए नक्सली

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 04/26/2018 - 21:40

Chaibasa : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियानों से नक्सली संगठनों की कमर टूटने लगी है. जो इलाके लाल आतंक का गढ़ बन चुके थे, अब वहां भी नक्सलियों का दायरा सिमटता चला जा रहा है. वहीं लगातार मिल रही सफलता से सुरक्षा बलों और पुलिस के हौसले बुलंद हैं. कोल्हान के जंगल में नक्सलियों के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन में पुलिस को बोरोई गांव के पास पहाड़ियों पर बुधवार को बड़ी सफलता मिली. यहां उन्होंने नक्सलियों के सबसे बड़े कैंपों को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान पहाड़ियों से भारी मात्रा में लैंडमाइन, राशन सामग्री, दवाइयां, वायरलेस सेट सहित कई साजोसामान बरामद किये गए. लेकिन जवानों को अपने तय मकसद में सफलता नहीं मिल पाई क्योंकि जंगल में मौजूद सभी बड़े नक्सली छोटी-छोटी टुकड़ियों में सुरक्षा बलों को चकमा देकर फरार हो गए.

इसे भी देखें- मैं आदिवासी हूं, मेरे हिन्दी बोलने पर पुलिस ने नक्सली कह कर पीटा

नक्सलियों का हौसला हो रहा पस्त

जानकारी के मुताबिक पोलित ब्यूरो एवं केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा, मिसिर बेसरा उर्फ सुनिर्मल भाष्कर, सुधाकरण, विवेक दा, अनल दा, मोछू, चमन, जीवन कंडुलना, महाराज प्रमाणिक, संदीप यादव, कांडे, सुरेश मुंडा, अमित मुंडा, सलुका कायम समेत एक सौ से ज्यादा नक्सली भाग खड़े हुए. इसके बावजूद पुलिस इस अभियान से संतुष्ट है. पुलिस का मानना है कि कोल्हान के सांगाजाटा, बोरोई गांव जैसे दुर्गम क्षेत्र में जाकर नक्सलियों के कैंप को ढूंढ़ लेना, उनसे लोहा लेना बेहद जटिल कार्य है.किसी भी ऑपरेशन में नक्सलियों को ढूंढकर उनसे मुठभेड़ करना पुलिस के लिए सफलता मानी जाती है, जिसमें पुलिस सफल रही. कोल्हान के जंगल में भारी मात्रा में रसद की आपूर्ति की खबर व अन्य खुफिया जानकारी के बाद पुलिस ने 12 दिन पहले ऑपरेशन शुरू किया था. ऑपरेशन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के दर्जनों संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर जंगल से लेकर चाईबासा तक पूछताछ की गयी, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा. बताया जा रहा है कि इस दौरान सारे नक्सली छोटे-छोटे व अलग-अलग गुटों में बंटकर सारंडा एंव पोड़ाहाट जंगल की ओर भाग निकले. जो नक्सली कल तक पुलिस से सीधा मोर्चा ले रहे थे, अब उनका जान बचाकर भागना ही पुलिस की नजर में हालात बदलने का संकेत है.

इसे भी देखें- आईपीएस राकेश बंसल की पत्नी ने राज्य को दिए गए विदाईनामे में जमकर यहां के सिस्टम को कोसा

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.