पाकुड़ जिले के 90% स्कूलों में मिड डे मील बंद, कम हुई बच्चों की उपस्थिति

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/19/2018 - 09:27

Pakur: सूबे की भाजपा सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में अंडा देने की योजना पाकुड़ जिले में फ्लॉप होती दिख रही है. जिले के तकरीबन 90 फीसद विद्यालयों में बच्चों को एमडीएम में अंडा नहीं मिल रहा है. कुछ विद्यालयों में अंडा मिल भी रहा है तो वह बच्चों को टुकड़ों में काट कर दिया जा रहा है.

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नवम्बर माह में जिले के लिए अंडा मद में 24 लाख 3 सौ अस्सी रुपये प्राप्त हुए थे

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य से पिछले नवम्बर माह में जिले के लिए अंडा मद में 24 लाख 3 सौ अस्सी रुपये प्राप्त हुए थे. लेकिन जिले के लिए ये रकम सिर्फ पांच दिनों में ही खत्म हो गये. जिले के सरकारी विद्यालयों में एमडीएम योजना खिचड़ी योजना बनकर रह गयी है. एमडीएम को अधिक पौष्टिक बनाने के लिए सरकार ने बच्चों को सप्ताह में तीन दिन अंडा या मौसमी फल देने की योजना शुरू की थी. शुरूआती दिनों में बच्चों को योजना का लाभ भी मिला परंतु कुछ माह में ही यह योजना फ्लॉप हो गयी. इसके लिए राशि की कमी होने की बात बतायी गयी. इसका असर विद्यालयों में बच्चों की उपस्थित पर भी दिखने लगा है. अब सवाल उठता है कि सरकार एक तरफ विधालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, बच्चों को पौष्टिक आहार देने, यहां तक कि दूध दिए जाने की भी बात सरकार ने जोर शोर से उठायी थी. लेकिन जब बच्चों की थाली से अंडा ही गायब हो गया तो अभिभावकों में जैसी मुंह वैसी बातें हो रही हैं.

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क्या कहते हैं शिक्षक

पहाड़िया टोला पाकुड़ के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक सेतमण्डल किस्कु का कहना है कि राशि के अभाव में विद्यालय में बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में दिया जानेवाला अंडा बंद है. कुछ दिन कुकिंग कॉस्ट से बच्चों को अंडा दिया गया था. उसके बाद से बंद है.

पाकुड़ फरसा के नव प्राथमिक विद्यालय, प्रधान शिक्षक, अंजरुल शेख कहते हैं कि राशि के अभाव में विगत कई माह से विद्यालय में अंडा बंद है.बीते कुछ माह पूर्व एक बार अंडा का राशि  आया था. उक्त राशि से कुछ दिन बच्चों को अंडा दिया गया. राशि समाप्त होने के बाद से अंडा बंद है.

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इस बाबत पूछे जाने पर पाकुड़ के जिला शिक्षा अधीक्षक, राजाराम साह ने कहा कि राज्य स्तर से अंडा के मद में लगभग 24 लाख रूपये की राशि मिली थी. सभी विद्यालयों को रुपये भेजे गये थे. कुकिंग कॉस्ट मद से विद्यालयों में बच्चों को अंडा दिया जा रहा था. अंडा देकर सरकार के निर्देश का पालन किया गया. राशि के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है. राशि मिलते ही इसे शुरू किया जाएगा.

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