किसी भी ऑपरेटर ने नहीं भरा टेंडर, अब सड़ने के कगार पर हैं निगम की सिटी बसें

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 06/12/2018 - 14:36

Nitesh ojha

Ranchi : रांची नगर निगम द्वारा राजधानी में चलायी जा रही सिटी बसें खुद निगम के लिए सिर दर्द बन गयी हैं. बसों के लिये किसी भी ऑपरेटर ने टेंडर नहीं भरा, जिससे अब हालात ये हैं कि सिटी बसें सड़ने के कगार पर हैं. वहीं इन सिटी बसों के परिचालन नहीं होने से सस्ती परिवहन सुविधा का लाभ शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. हालांकि सिटी बसों को चलाने के लिए निगम द्वारा पहले भी कई बार टेंडर निकाला गया , लेकिन बस चलाने वाले ऑपरेटरों की मनमानी की वजह से टेंडर नहीं भरा गया है. 

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बकरी बाजार में पड़ी हैं कुल 66 बसें, परिचालन केवल 9 से 10 का

रांची नगर निगम ने शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुचारु रुप से चलाने के लिए कुल 91 सिटी बसों की खरीददारी की थी. इसमें कुल 66 बसें निगम के बकरी बाजार स्टोर रुम में पड़ी हैं. जिसमें से प्रतिदिन केवल 9-10 सिटी बसों का परिचालन ही शहर की सड़कों पर हो पा रहा है. जिससे  बड़ी आबादी को सस्ती सवारी का लाभ नहीं मिल पा रहा है. 

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ऑपरेटर द्वारा टेंडर नहीं भरने से हो रही परेशानी

निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इन सिटी बसों को चलाने के लिए निगम द्वारा पहले ही छह बार टेंडर निकाला गया. पहले के निकाले गये टेंडर में निगम द्वारा यह शर्त रखी गयी थी कि ऐसे लोगों को ही बस परिचालन का कार्य सौंपा जायेगा, जिनके पास कम से कम खुद की पांच बसें हों और साथ ही उसे बस परिचालन करने का भी अनुभव हो. हालांकि फिर भी किसी ऑपरेटर ने इन सिटी बसों को चलाने में किसी तरह की कोई रुचि नहीं दिखायी. इसके पीछे ऑपरेटरों द्वारा सिटी बसों को चलाने के लिए निगम द्वारा निर्धारित राशि को कम करवाना है. यही वजह है कि ये बसें आज निगम के बकरी बाजार स्थित शो रूम में पड़ी हैं.

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नगर आयुक्त ने कम की थी राशि, बस ऑपरेटर कर रहे मनमानी

मालूम हो कि टेंडर निकलने से पहले ही नगर आयुक्त शांतनु कुमार अग्रहरि ने इन बसों को चलाने के लिए पूर्व निर्धारित दर में कमी कर दी थी. पहले पुरानी सिटी बसों के लिए इन ऑपरेटरों को 201 रुपये व नई सिटी बसों के लिए 451 रुपये प्रति सिटी बस निगम को देना पड़ता था. वहीं बाद में नगर आयुक्त ने उक्त राशि में कमी कर 125 रुपये व 400 रुपये का भुगतान तय किया. इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया में किसी ऑपरेटर द्वारा भाग नहीं लिया गया है. इसके पीछे ऑपरेटरों का एक रुपये प्रति सिटी बस प्रीमियम राशि की मांग करना है.

पहले के करार को किया जा चुका है रद्द

इससे पहले निगम ने अपनी 91 बसों के परिचालन के लिए दो ऑपरेटर से एकरारनामा किया था. इनमें सुरेश सिंह को 66 बस और किशोर मंत्री को 25 बसों के परिचालन का जिम्मा दिया गया था. लेकिन बाद में ऑपरेटर सुरेश सिंह द्वारा एकरारनामा का उल्लंघन किया गया था. जिसके एवज में निगम ने उन्हें सौंपे सभी 66 बस अपने हाथ में ले लिये. साथ ही निगम द्वारा सुरेश सिंह द्वारा सिक्यूरिटी मनी के रूप में जमा किये गये 36 लाख रुपये को भी जब्त कर लिया था. आज यही बसें बकरी बाजार के स्टोर रुम में खड़ी रहती हैं. इन्हीं बसों में से प्रतिदिन 9 -10 बसों का परिचालन शहर में किया जा रहा है.

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