पलामू: अवैध संबंध में पति बना हैवान, पत्नी की गला दबाकर की हत्या, दो दिन बाद शव की पहचान हुई तो खुला राज

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/05/2018 - 16:14

Daltonganj : भाभी के साथ अवैध संबंध में पत्नी के रोड़ा बनने पर एक युवक हैवान बन बैठा. उसने बड़े ही नाटकीय ढंग से पहले पत्नी को झांसे में लिया और फिर उसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. घटना के बाद से आरोपी पति फरार है. महिला के परिजन सोमवार को एसपी इन्द्रजीत महथा से मिले और न्याय की गुहार लगायी.

पुलिस ने किया था शव बरामद

दरअसल, रविवार को जिले के पाटन थाना क्षेत्र के नवडीहा मांझीटांड़ से एक 30 वर्षीया महिला का शव पुलिस ने बरामद किया था. उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. रविवार पूरे दिन पुलिस शव की पहचान करती रही, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. जिसके बाद सोमवार को गढ़वा से कुछ लोग एक लापता महिला को खोजते हुए डालटनगंज पहुंचे. खोज के दौरान उन्हें 30 वर्षीया महिला का शव मिलने की बात पता चली. जिसके बाद वो सभी डालटनगंज के सदर अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान की. शव की पहचान पांडू थाना क्षेत्र के फुलिया निवासी अखिलेश पांडेय की पत्नी सुनीता देवी के रूप में की गयी.

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पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अच्छे नहीं थे संबंध

सुनीता और उसके पति के बीच लंबे समय से संबंध अच्छे नहीं थे. मृतका के परिजनों का कहना है कि सुनीता के पति का उसकी भाभी के साथ अवैध संबंध थे. 15 वर्ष पहले गढ़वा के मेराल थाना क्षेत्र के रेजो निवासी सुनीता की शादी अखिलेश पांडेय से हुई थी. शादी के पहले से ही अखिलेश का उसकी भाभी के साथ नाजायज संबंध थे. वहीं कई साल पहले ही अखिलेश का बड़ा भाई विक्षिप्त होकर घर से भाग गया था. इस दौरान अखिलेश और उसकी भाभी के बीच नजदीकियां बढ़ी और संबंध भी बने. सुनीता अखिलेश की पत्नी तो थी, लेकिन उसे एक पत्नी के तौर पर जो अधिकार सहित अन्य सुख मिलने चाहिये थे वह उसे नहीं मिल पाते थे. नतीजा दोनों अलग-अलग रहने लगे. कई बार इस मामले को लेकर पंचायत भी बैठी लेकिन दोनों के बीच संबंध अच्छे नहीं हुये. इसी बीच अखिलेश ने सुनीता के नाम से एक बिगहा जमीन भी रजिस्ट्री किया, लेकिन वह किसी भी प्रकार का भरण-पोषण सुनीता को नहीं देता था. सुनीता ने इसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था और कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही थी. इसी मामले को लेकर  शनिवार को तारीख पड़ने के कारण सुनीता न्यायालय आयी थी. लेकिन उसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी.

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पति ने रची थी सुनीता की हत्या की साजिश

कोर्ट में सुनीता और अखिलेश दोनों की पेशी थी. कोर्ट पहुंचने पर अखिलेश के साथी श्यामकिशोर पांडेय उर्फ लंबू ने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की. इसके बाद अखिलेश ने अपनी पत्नी से माफी मांगी और साथ रहने की बात भी कही. बात इतनी साकारात्म हुई कि सुनीता को अखिलेश पर विश्वास आ गया और वह उसके साथ चल पड़ी. इसी बीच सुनीता ने अपने मायके वालों को फोन किया और कहा कि अखिलेश से साथ उसका समझौता हो गया है. वह उसके साथ घर आ रही है, खाना बनाना-साथ खायेंगे.

पंडवा मोड़ के बाद मोबाइल हा गया था बंद

पंडवा मोड़ तक मोबाइल का लोकेशन मिला. लेकिन वहां के बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया. जिसके बाद रविवार को सुनीता का शव बरामद हुआ. वहीं एसपी से मिलने आये परिजनों इस मामले की पूरी जानकारी दी. एसपी के निर्देश पर डीएसपी वन हीरालाल रवि ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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पांडू थाना ने नहीं सुनी फरियाद

सुनीता के नहीं मिलने पर उसके परिजनों ने तीन फरवरी को पांडू थाना में सनहा दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कहते हुए वापस लौटा दिया कि आज गयी है आ जायेगी. सुनीता के भाई सतीश मिश्रा और दिलीप मिश्रा ने बताया कि अगले दिन रविवार को वह फिर से पांडू थाना गये और मामला दर्ज कराने का आग्रह किया. लेकिन पुलिस ने उनकी फरियाद नहीं सुनी और वहां से भगा दिया. बाद में थक-हारकर वो एसपी से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगायी. इधर सुनीता के भाई सतीश मिश्रा ने अखिलेश पर हत्या का मामला दर्ज कराया है.

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