पलामू: प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बालू का उठाव बंद होने से  निर्माण कार्य ठप, जिले में गहराया बालू का कृत्रिम संकट

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/12/2018 - 16:05

Dilip Kumar, Palamu: पलामू जिले में बालू के अवैध खनन के खिलाफ की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है और उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए बालू का उठाव बंद कर दिया है. इससे जिले में बालू की कृत्रिम किल्लत हो गयी है और निर्माण कार्य ठप पड़ गये हैं. अगर कुछ दिन और निर्माण कार्य बाधित रहा तो जिले के हजारों दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो जायेगा. हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि दो-चार दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.

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सभी बालू घाटों में बंद है बालू का उठाव

बालू ठेकेदार जिले के किसी बालू घाटों से बालू का उठाव नहीं कर रहे हैं. जिले की कोयल नदी सहित अन्य छोटी नदियों से ठेकेदारों द्वारा बालू का उठाव नहीं करने से घाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. कोयल नदी के किसी भी घाट से बालू का उठाव नहीं हो रहा है. इसी तरह हुसैनाबाद के दंगवार, सोन नदी के क्षेत्र से भी बालू का उठाव बंद है. जिले के अन्य प्रखंडों से होकर गुजरने वाली नदियों से भी बालू का उठाव नहीं हो रहा है.

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सरकारी निर्माण करा रहे ठेकेदारों के सामने खड़ी हुई बड़ी परेशानी

जिले में अचानक बालू का उठाव ठेकेदारों द्वारा बंद कर देने से मकान निर्माण करने वाले लोगों में बेचैनी छा गई है. बालू उठाव नहीं होने से जिले के मकान, अर्पाटमेंट, सरकारी कार्यालय आदि का निर्माण कार्य फिलहाल ठप पड़ गया है. सरकारी भवन, पुल-पुलियों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों में बेचैनी है. उन लोगों के समक्ष सबसे बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी है जिन्हें समय पर निर्माण कार्य को पूरा करना है. अगर बालू का उठाव 15 से 20 दिन भी ठप रहा तो सरकारी भवनों का निर्माण करवा रहे ठेकेदारों के समक्ष कई प्रकार की दिक्कतें आनी शुरू हो जायेगी.

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एसपी की छापेमारी के बाद से हड़कंप

चैनपुर प्रखंड के शाहपुर दक्षिणी पंचायत स्थित कोयल नदी घाट से अवैध बालू का उठाव होने से शाहपुर कोयल पुल पर उत्पन्न हो रहे खतरे को लेकर पांच जनवरी को एसपी इंद्रजीत माहथा ने छापेमारी की थी. एसपी ने मौके से कई टैक्टरों को जब्त कर ठेकेदार पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था. इसके बाद से ही बालू माफियाओं में हड़कंप है. चर्चा है कि इसी विरोध के कारण ठेकेदार बालू का उठाव नहीं कर रहे हैं.

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चोरी- छिपे महंगे दाम में बिक रहे बालू

बालू का उठाव बंद होने के बाद इसकी कीमतें काफी बढ़ गयी हैं. रात के अंधेरे में बालू को संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि प्रति ट्रेलर बालू 2000 से 2500 रूपए तक बिक रहा है, जबकि इसकी कीमत आधे से भी कम थी. रोक वाले बालू घाटों में रात के अंधेरे में बालू का उठाव किया जा रहा है. 

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क्या कहते हैं नोडल पदाधिकारी

बालू घाटों की देख-रेख के लिए नियुक्त नोडल पदाधिकारी सह सदर सीओ शिवशंकर पांडेय ने कहा कि जिले में बालू उठाव की स्थिति दो-चार दिनों में सामान्य हो जायेगी. उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर पूर्णतः अंकुश लगा दिया गया है. यही वजह है कि बालू का कृत्रिम संकट पैदा किया गया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल सदर अंचल के हिसरा पोखराहा घाट से लोग बालू की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. अभी सदर अंचल में यही एक मात्र ऐसा घाट है, जहां बालू का वैध खनन हो रहा है. उन्होंने आश्वस्त किया कि बालू के अभाव में निर्माण कार्य बाधित नहीं होने दिया जायेगा. प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर सकता है.

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