लातेहारः वाहनों में आग लगायी माओवादियों, घटना के बाद पहुंची पुलिस ने बेरहमी से की ग्रामीणों की पिटाई

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 15:05

Latehar : लातेहार के गारू थाना क्षेत्र स्थित महुआडाबर ग्राम में बुधवार की शाम को प्रतिबंधित नक्सली संघटन भाकपा माओवादी के वर्दीधारी हथियारबंद दस्ते ने भूमि संरक्षण विभाग द्वारा निर्माणधीन तालाब में लगी एक जेसीबी मशीन और दो ट्रैक्टर को लेवी की मांग को लेकर आग के हवाले कर दिया और मौके से फरार हो गए. घटना के ठीक आधे घंटे के बाद गारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी विफलता को छिपाने के लिए ग्रामीणों पर ही गुस्सा उतार दिया. पुलिस ने महुआडाबर ग्राम के मुकुंद उरांव, बिरेंदर बिरजिया अरविंद नगेसिया एवं चन्द्रदेव बिरजिया को माओवादी समर्थक बताते हुए उनकी पिटाई कर दी.

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पुलिस ने ग्रामीणों पर उतारी खीझ

घटना के संबंध में अरविंद नगेसिया ने बताया कि घटना कि सूचना पर मै तालाब पर पहुंचा था. पुलिस भी वहां मौजूद थी. पुलिस ने मुझे बुलाकर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया, तब मैने कहा कि हम गरीब लोग हैं, ऐसी घटना को अंजाम देने की सोच भी नहीं सकते, इसपर पुलिस पिटाई करने लगी. वहीं ग्रामीण मुकुंद उरांव ने बताया कि ग्राम के ही वीरेंद्र बिरजिया के साथ वह बगल के ग्राम कबरी से लौट रहा था कि रास्ते में पुलिसकर्मी मिले और घटना स्थल से थोड़ी दूर ले जाकर दोनों के साथ मारपीट करने लगे और पूछ रहे थे कि बताओ घटना में किसका हाथ है. तुम लोग पार्टी वालों से मिले हुए हो. तुम्हारा घर सर्च करेंगे. इस बीच पुलिस का रवैया देख मुकुंद उरांव की पत्नी सालो देवी ने पुलिस वालों का विरोध किया तो पुलिस उसके घर जाकर तलाशी लेने लगी. ग्रामीण महिला मुनिता देवी ने बताया कि मै पानी लेकर घर पहुँच रही थी कि पुलिस वाले मिले और कहने लगे कि तुमलोग पार्टी का सामान घर में रखते हो. वे घर में घुसकर तलाशी लेने लगे और भला-बुरा कहा. पुलिस कि पिटाई से नाराज वीरेंद्र बिरजिया ने बताया कि पुलिस वाले ने मुझसे पूछा कि अगल बगल कौन कौन गांव है. जब मैने जवाब दिया तो पुलिस ने हमलोगों पर नक्सलियों का समर्थक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुमलोग पार्टी वाले हो इसीलिए इलाके के बारे में जानते हो. इसके बाद पिटाई करने लगे.

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नक्सलियों ने दिया था घटना को अंजाम

आगजनी घटना के प्रत्यक्षदर्शी भुनेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि चार की संख्या में काली वर्दी पहने हथियारबंद माओवादी आये और कहने लगे कि किसकी इजाजत से काम चल रहा है ? फिर मुझे बन्दुक के कुंदे से मारा और निर्माण कार्य में लगे जेसीबी मशीन को जला दिया जब चारों ट्रैक्टर की ओर आग लगाने के लिए बढ़े तब मैं मौका पाकर पीछे से भागा और देखा कि ग्राम का चुनमुन सिंह तीन बाइक के साथ अकेले खड़ा है. और अन्य ट्रैक्टर वालों को भी इशारा कर के भागा दिया. जिससे यह पता चलता है कि माओवादी बाइक से घटना को अंजाम देने पहुंचे थे.

एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

वहीं गारू थाना पुलिस ने आगजनी के मामले में चुनमुन सिंह एवं माओवादियो के विरुद्ध दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है. इस बीच ग्रामीणों के साथ हुई मारपीट के सवाल पर लातेहार एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि निर्दोश ग्रामीणों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किया जाना गलत है. पुलिस पुलिस जांच कर सकती है, तलाशी ले सकती है, मगर पिटाई नहीं करनी चाहिए. एसपी ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो मामले कि जांच कर कार्रवाई करूंगा. एसपी के मुताबिक पुलिस माओवादियो के विरुद्ध इलाके में छापामारी अभियान चला रही.

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