बिजली की चरमराई व्‍यवस्‍था पर सरकार को दे रहे हैं सुझाव 'दिल्‍ली एनसीआर की तरह पेशेवर कंपनियों को क्‍यों नहीं देते बिजली का जिम्‍मा'

Publisher ADMIN DatePublished Tue, 04/24/2018 - 15:37

Ranchi : पिछले दिनों बिजली टैरिफ सात गुणा करने का मन बना चुका झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड जनसुनवाई के दौरान प्रजेंटेशन के दौरान गुणवत्‍तापूर्ण बिजली उपलब्‍ध कराने का दावा किया जा रहा था. जेबीवीएनएल का यह दावा जमीन पर अब फेल दिख रहा है. झारखंड में सभी जगह बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है. इस बीच बिजली विभाग से जुड़े अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल भी उठ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर लोग बिजली के निजीकरण करने की वकालत कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर विष्‍णु राजगढिया ने अखबार में एक छपी खबर का हवाला देकर ट्विटर पर पोस्‍ट करते हुए लिखा है कि दिल्ली में बिजली नहीं, तो हर्जाना मिलेगा. देश में पहली बार ऐसी योजना लागू होगी. एक घंटे से ज्यादा बिजली कटौती पर मिलेगा हर्जाना. बिजली कंपनियों को जवाबदेह बनाने की बड़ी पहल. बिहार, यूपी, झारखंड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी ऐसी योजना लागू हो.

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विष्‍णु राजगढिया के पोस्ट पर नियामक आयोग के एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अजय भंडारी ने ली चुटकी  

विष्‍णु राजगढिया के इस पोस्‍ट पर नियामक आयोग के एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अजय भंडारी ने चुटकी लेते हुए ट्विटर पर लिखा है कि 'बाकी प्रदेशों का तो पता नहीं, पर आप झारखंड के प्रबुद्ध नागरिक होने के नाते, इतना तो जानते हैं कि यहां बिजली की कितनी भयावह स्थिति‍ है. इस स्कीम में तो JBVNL बंद हो जाएगा.

उन्‍होंने कहा है कि यदि पेशेवर बिजली कंपनियां एनसीआर को 24x7 बिजली मुहैया करा सकते हैं और बिजली टैरिफ में भी लगातार कमी कर रहे हैं. तो ऐसा करने में झारखंड सरकार क्यों रोक रही है. हमारी कुल मांग एनसीआर की तुलना में अधिक नहीं है.

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हेमंत सोरेन ने कहा  बिजली की समस्याओं की अनदेखी कर हाथी उड़ाने का असफल एवं भ्रष्ट प्रयास कर रहे रघुवर

वहीं बिजली के इस ज्‍वलंत मुद्दे पर विपक्षी दल के नेता हेमंत सोरेन ने राज्‍य सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि ऊर्जा मंत्री रघुवर दास को आने वाले दिनों में, राज्य में की जा रही बिजली कटौती, टैरिफ निर्धारण का अपारदर्शी तरीका, सौर बिजली के दर का मनमाना निर्धारण आदि अनेक विषय है, जिसपर  जवाब देना होगा. उन्‍होंने कहा है कि जिन छोटे-छोटे उद्यमियों ने झारखंड को पहचान दिलाई उनकी बिजली की समस्याओं की अनदेखी कर आप हाथी उड़ाने का असफल एवं भ्रष्ट प्रयास करने में व्यस्त हैं. लोगों एवं आने वाली कंपनियों से 24 घंटे बिजली का झूठा वादा करने से पहले ठोस कार्यक्रम बना उस पर अमल करें.

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