फर्जी चालान पर पत्थर व गिट्टी पास करने वाले गिरोह के सरगना राजेश की तलाश में की जा रही छापेमारी

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 02/06/2018 - 11:37

Pakur : फर्जी चालान पर पत्थर व गिट्टी के कारोबार के मुख्य सरगना आरोपी राजेश भगत की पुलिस को तलाश है. पुलिस और खनन विभाग का मानना है कि राजेश की गिरफ्तारी से इस गोरख धंधे में शामिल अन्य लोगों के नाम का खुलासा हो सकता है. आरोप है कि पुलिस व खनन माफिया से बचने के लिए राजेश रात के अंधेरे में ही पत्थर व गिट्टी ढोने वाले वाहनों को जाली चालान दिया करता था और इसके एवज में चालक से 2800 रुपये लेता था. चालान में लेसी का नाम के साथ एक फर्जी जीएसटी नंबर अंकित कर धंधे को अंजाम देता था.

इसे भी पढ़ें- रवि केजरीवाल ने कहा मेरी सिर्फ दो कंपनियां, दोनों कोलकाता में, भाजपा के मोमेंटम झारखंड घोटालों को एक-एक कर उजागर करेगी झामुमो

राजेश की गिरफ्तारी के बाद गिरोह का खुलासा होने की संभावना

खनन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है की हिरणपुर इलाके में एक संगठित गिरोह इस गोरख धंधे को अंजाम दे रहा है. राजेश की गिरफ्तारी के बाद गिरोह का खुलासा होने की संभावना है. गिरोह का तार जिला मुख्यालय पाकुड़ और कोटालपोखर से सीधे जुड़ा है. सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा ने कहा कि जब्त किए गये. चालान में फर्जी जीएसटी नंबर दिया गया है. इस मामले में राजेश पर सेल टैक्स विभाग एफआईआर दर्ज करायेगी. वहीं हिरणपुर थाना प्रभारी का कहना है पुलिस छापेमारी कर रही है. चालक और वाहन मालिक को जेल भेज दिया गया है. फिलहाल राजेश की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

इसे भी पढ़ें- पकौड़े बनाना शर्म की बात नहीं, उनकी तुलना भिखारी से करना शर्म की बात : अमित शाह

जिले में काफी दिनों से चल रहा चालान का अवैध धंधा

हिरणपुर थाना क्षेत्र में जिला टास्क फोर्स की टीम द्वारा छापेमारी में फर्जी चालान पकड़ा जाना सिर्फ उदाहरण है. फर्जी चालान से पाकुड़ में प्रतिदिन लाखों रुपये का धंधा चलता है. इसमें कई मामले दर्ज भी किये गये हैं. कई सफेदपोश लोगों का नाम भी पहले से पुलिस रिकॉर्ड में है. हिरणपुर में पकड़ा गया चालान ऑनलाइन निकलने वाले चालान की फर्जी कॉपी है.

इसे भी पढ़ें- लोहरदगा में नक्सलियों की पुलिस को नुकसना पहुंचाने की योजना नाकाम, 238 किलो सेफ्टी फ्यूज बरामद

किन-किन इलाकों में होता है फर्जी चालान का कारोबार

हिरणपुर-कोटालपोखर सड़क पर फर्जी चालान का कारोबार खूब चल रहा है. सूत्रों की माने तो कोटालपोखर थाना के नाम रुपये उगाही करने वाले दो दलालों द्वारा थाना का भय दिखाकर वाहन मालिक को जबरदस्ती चालान देते हैं. मालिक द्वारा नहीं लेने पर गाड़ी फंसाने की धमकी दी जाती है. उक्त दलाल कोटालपोखर में लोगों की नजर से बचाते हुये अपने घर मे कंप्यूटर से माफिया चालान प्रिंट आउट निकाल लेते हैं और उसे बाजार में बेच देते हैं. एक चालान की फर्जी कॉपी को कई गाड़ियों को बेचा जाता है. यह फर्जी चालान तभी पकड़े जाते हैं जब एक ही चालान की दूसरी या तीसरी कॉपी बाजार में चली आती है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.