रमजान के महीने में एक नेकी के बदले मिलता है 70 गुना ज्यादा सवाब

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 06/07/2018 - 15:55

Ranchi : रमज़ान का महीना बड़ा पवित्र है. इसी महीने में क़ुरान उतरा. इस महीने में एक नेकी के बदले 70 गुना ज़्यादा मिलता है सवाब. इस महीने में नमाज़ रोज़े के साथ-साथ भूखों को खाना खिलाना, प्यासों को पानी पिलाना और गरीबों को कपड़ा पहनाना रब के नेक बन्दों का काम है. खुदा के प्यारे रसूल हज़रत मुहम्मद ने फ़रमाया कि जो आदमी भूखे को खाना खिलायेगा, उसे जन्नती मेवे खिलाये जायेंगे, जो आदमी गरीबों को कपड़े पहनायेगा उसे जन्नती कपड़ा पहनाया जायेगा. इस महीने ये अमल किया जाये तो 70 गुना ज्यादा सवाब (पुण्य) मिलेगा. इसके अलावा स्वस्थ रहने के लिए अपने आसपास सफाई का पूरा ख्याल रखें. पेड़ पौधे लगाएं और उनकी हिफाज़त करें, हदीस में बताया गया है कि सफाई ईमान का हिस्सा है. मुस्कुरा कर बात करना, लोगों को बुराई से रोकना और अच्छी बात बताना, भूले को रास्ता बताना, रास्ते में पड़ी कोई तकलीफ देने वाली चीज़ को हटा देना, ये सब बड़े सवाब का काम है.

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रमजान
मौलान गुलाम दस्तगीर

सैय्यद एहराज़ फाउंडेशन कई वर्षों से झारखण्ड, बिहार, बंगाल, हैदराबाद, कश्मीर और भारत की राजधानी दिल्ली में ये सब काम कर रही है और समाज के वातावरण को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है. इस साल झारखण्ड, बिहार एवं बंगाल में प्रत्येक दिन 500 से अधिक लोगों को इफ्तार करा रही है. महंगाई के दौर में जहां फलों और घरेलू खाद्यान की कीमत आसमान छू रही है और पैसे वालों के लिए घर की ज़िम्मेदारी संभाल पाना बड़ा मुश्किल हो गया है तो सोचें उन घरों का हाल क्या होता होगा, जहां एक मजदूर की ज़िन्दगी है जो रोज़ सुबह चौराहे पर खड़े होकर उस दिन की रोज़ी की चिंता में खोये दिखाई देता है. ऐसे वक़्त में संस्था का हर दिन इफ्तार कराना तारीफ़ के काबिल है. संस्था रमजान जैसे पवित्र महीने में कई वर्षों से सैकड़ों ग़रीबों के बीच चावल, आटा, तेल, सवई एवं कपड़े का वितरण करती है. संस्था के कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में जाकर घर-घर गरीबों को तलाशती है और उन्हें उनका हक देती है. संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक सैय्यद एहराज़ अहमद आमिरी हैं जो न सिर्फ भारत में बल्कि 11-12 देशों में सफ़र करते हैं और सब की परेशानियों को गले लगाते हैं और सब के मुश्किल हालात में मसीहा बनते हैं.

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संस्था कई वर्षों से बोकारो के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरुकता अभियान चला रही है. संस्था साप्ताहिक प्रोग्राम का आयोजन करा रही है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में पुरुष एवं स्त्री 1 घंटे बैठकर परमात्मा से लौ लगाते हैं और प्रोग्राम के समाप्त होने के बाद सबके लिए लंगर का आयोजन किया जाता है. झारखण्ड प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना ग़ुलाम दस्तगीर जो दिन और रात सारे कर्म को संभाल रहे हैं. संस्था का मानना है कि भारत स्वच्छ तब ही होगा जब लोगों की मानसिकता में स्वच्छता आ जाये, जो मालिक के सन्देश और सूफी संतों से लौ लगाने से मिलता है.

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