रांची क्राइम : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक गिरफ्तार, धुर्वा में दंपति ने की खुदकुशी

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/12/2018 - 20:23

Ranchi: सोशल मिडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी समीर कुल्लू को पुरूलिया रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अधीक्षक साईबर क्राईम सुनील भास्कर को गुप्त सुचना मिली थी, कि समीर कुल्लू पुरूलिया में है. सूचना के आधार पर एक टीम का गठन किया गया. जिसके बाद टीम ने आरोपी को धर दबोचा. आरोपी समीर कुल्लू ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, साथ ही अपने फेसबुक एकाउन्ट पर की जाने वाली अपत्तिजनक पोस्ट के बारे में भी जानकारी दी. अनुसंधान में आये साक्ष्यों के आधार पर आरोपी समीर कुल्लू को न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया.

दिसम्बर में दर्ज किया गया था मामला

20 दिसम्बर को मधुकम निवासी राजकुमार जयसवाल ने समीर के खिलाफ साइबर क्राइम का मामला दर्ज कराया था. समीर कुल्लू पर फेसबुक एवं वाट्सऐप एकाउंट पर धार्मिक द्वेष एवं राजनीतिक उन्माद फैलाने के साथ-साथ प्रतिष्ठित लोगों पर अभद्र टिप्पणी एवं अपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था. उसके खिलाफ भादवि की धारा 153 A, 295A, 295A, 298A, 469A, 500A, 501A, 503A, 504A, 505A, 505(C) एवं धारा 66/66(E)/67 आईटी एक्ट के अन्तर्गत मामला दर्ज किया गया था.

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जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में दंपति ने की आत्महत्या

रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में रिलाइंस पेट्रोल पंप के पीछे क्वार्टर नंबर सीडी-396 के दिलीप कुमार मांझी और उनकी पत्नी रीमा मांझी ने खुदकुशी कर ली. दोनों का शव फांसी के फंदे से झूलता मिला है. दिलीप आर्किटेक्ट का काम करता था. पिता जे माझी के नाम से यह क्वार्टर मिला था. दिलीप के पिता एचईसी सेवानिवृत हो चुके हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद

पुलिस ने घटना स्थल से सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसे दिलीप ने अपने नौ माह के पुत्र के नाम से लिखा है. लिखा है हमलोग तुम्हे छोड़कर जा रहे हैं. हमारे पास कोई चारा नहीं है. हमलोगों को माफ करना. नाना-नानी के पास रहना, सबकी ईज्जत करना, हमलोगों की इच्छा पूरी करना. हमलोग हमेशा तुम्हारे साथ रहेगे. 5 लाख रूपया जो मिलेगा उसमें से डेढ़ लाख नाना-नानी को देना. बाकी राशि अपनी पढ़ाई पर खर्च करना. पढ़-लिखकर हमलोगों की ईच्छा पूरी करना.

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नौ माह के बच्चे के रोने से पड़ोसी को पता चला

मृतक दिलीप कुमार मांझी और उसकी पत्नी रीमा मांझी के नौ माह के बच्चे के लगातार रोने के बाद लोगों को मामले का पता चला. सुबह करीब दस बजे के आसपास बच्चा काफी रो रहा था. काफी देर रोने के बाद पड़ोस के लोग देखने आए. घर का मुख्य दरवाजा खुला था. अंदर देखने पर दोनों का शव झूल रहा था. इसके बाद लोगों ने घटना की जानकारी दिलीप मांझी के भाई सुनील को दिया. सुनील यहीं बी में रहता है, जानकारी मिलने पर वह तुरंत घटना स्थल पर आया और इस बात की जानकारी पुलिस को दिया. बच्चे को लेकर सुनील अपने घर चले गए.

फोरेंसिक टीम के विलंब के कारण कई घंटे तक शव रखा रहा

पुलिस को जानकारी मिलने के बाद भी वह घटना स्थल पर काफी देर से पहुंची. घर को तुरंत बंद कर दिया गया. उस स्थान पर एक महिला आरक्षी को तैनात किया गया, लेकिन वह डर के कारण मना कर रही थी. तब एक पुरूष को भी वहां तैनात किया गया. लोगों ने हत्या का संदेह जताया तो पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया, लेकिन जब दोपहर 3 बजे तक फॉरेंसिक टीम नहीं पहुंची तो लोग आक्रोशित हो गये. पुलिस ने बड़ी मुश्किल से लोगों को शांत कराया.

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