इंफोर्समेंट टीम की मनमानी और जबरदस्ती से तंग हैं रांची के दुकानदार

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 19:15

Ranchi : रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम की जबरदस्ती और मनमानी से शहर के दुकानदारों में काफी रोष है. दुकानदारों का आरोप है कि इंफोर्समेंट टीम द्वारा गरीबों की दुकान उजाड़ दी जा रही है. मनमानी वसूली और समान जब्त कर लिया जाता है. लोगों की लुंगी तक खोल दी जाती है. इनका कहना है कि निगम की इंफोर्समेंट टीम गरीब दुकानदारों पर तानाशाही कर रही है. हॉकर और फुटपाथ दुकानदारों के लिए काम करने वाली अनीता दास कहती हैं कि रांची नगर निगम को बिना व्यवस्था किए फुटपाथ दुकानदारों को हटाने का अधिकार नहीं है. लेकिन यह सबकुछ हो रहा है. निगम अपनी इंफोर्समेंट टीम द्वारा दुकानदारों पर डंडा चलवा रही है. उनकी दुकानें उजाड़ी जा रही है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार 2014 के कानून के तहत ऐसे दुकानदारों को तब तक नहीं हटाया जा सकता है, जबतक उन्हें टाउन वेंडिंग कमेटी जगह नहीं मुहैय्या कर देती है. लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि अभी तक निगम ने टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन ही नहीं किया है.

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रात के अंधरे में समान ले भागते है इंफोर्समेंट टीम वाले

रांची फुटपाथ दुकानदार हॉकर संघ के दिपक सिंह ने कहा कि निगम की इंफोर्समेंट टीम लोगों को परेशान कर रही है. फुटपाथ दुकानदार को उजाड़ कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निगम इसके लिए जिम्मेदार है, क्योंकि निगम ने ही इन्हें पावर दे रखा है. उन्होंने बताया कि रात दस बजे से 12 बजे के बीच इंफोर्समेंट वाले दुकानदारों का ठेला और समान लेकर भाग जाते हैं. फिर दुकानदारों से उसे देने के बदले सौदेबाजी करते हैं. गरीब दुकानदारों से फाइन के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये मांगे जाते हैं. जबकि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि बिना व्यवस्था किये फुटपाथ दुकानदारों को हटाया नहीं जा सकता है.

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उजाड़े गये दुकानदार

रांची नगर निगम अतिक्रमण को इंफोर्समेंट टीम के जरिये हटवाता है. लोगों की शिकायत है कि इंफोर्समेंट टीम वाले दुकानदारों पर जबरदस्ती करते हैं. उनके साथ बुदसलूकी कर उनकी दुकान को उजाड़ देते हैं, साथ ही समान भी जब्त कर लेते हैं. जबकि निगम का कहना है कि इंफोर्समेंट वाले दो बार अतिक्रमण हटाने के लिए चेतावनी देते हैं और उन्हें समझाते भी हैं, फिर नहीं मानने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हैं. हाल ही में लालपुर और कोकर के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लगभग दो सौ सब्जी विक्रेताओं की दुकान इंफोर्समेंट टीम द्वारा हटायी गयी थी, जिसमें दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ था. हालांकि दुकानदारों के हंगामे के बाद उन्हें वहां पर निर्धारित समय के लिए दुकान लगाने को कहा गया है. इससे पहले बिरसा चौक, रातू रोड के पास फुटपाथ दुकानदार पर इंफोर्समेंट का डंडा चल चुका है. वहीं इंफोर्समेंट द्वारा खुले में शौच करने वालों की लुंगी उतरवाने जैसी भी मनमानी किसी से छिपी नहीं है. जबकि इस हफ्ते होटल राजस्थान कलेवालय में इंफोर्समेंट ऑफिसरों पर बिना रसीद दिये पैसा वसूलने जैसा आरोप भी लग चुका है.

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नगर आयुक्त ने दिया इन्हें अधिकार

रांची नगर निगम का कहना है कि इंफोर्समेंट सेल असाइन के तहत काम करता है. इसमें अवैध पार्किंग, अवैध वेंडिंग जोन चेकिंग, ई-रिक्शा का ट्रांसपोर्ट रूट उल्लंघन, खुले में शौच या पेशाब करना, अतिक्रमण, अवैध होर्डिंग-बैनर, पॉलिथीन का प्रयोग आदि शामिल है. इंफोर्समेंट सेल में 100 सिटी गार्ड और 51 सिटी मार्शल हैंजिन्हें होम गार्ड और आउट सोर्सेस एजेंसियों से लिया गया है. लेकिन वसूली या जुर्माना इंफोर्समेंट ऑफिसर ही करते हैं, जिन्हें नगर आयुक्त ने अधिकार दे रखा है. सभी ऑफिसर और गार्ड ड्यूटी आवर में रांची नगर निगम का बैच लगाये रहते हैं. जल्द ही इन्हें निगम की ओर से युनीफॉर्म भी दिया जायेगा.

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