साहेबगंज : 06 अप्रैल 2017 को प्रधानमंत्री ने की थी कई घोषणाएं, बंदरगाह निर्माण छोड़ किसी भी  योजना पर काम शुरू नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 04/06/2018 - 16:21

जानिए -  एक साल बाद क्या हाल है उन योजनाओं का जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया था..

Ranchi :  छह अप्रैल 2017. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहेबगंज आये थे. 4000 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास व उदघाटन किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उस दिन संथाल परगना प्रमंडल के लोगों को विकास का सपना दिखाया था. कई वायदे किये थे. ठीक एक साल बाद हमने यह जानने की कोशिश किया कि आखिर साल भर में क्या बदलाव आया साहेबगंज में. क्या सच में साहेबगंज जिला संथाल परगना प्रमंडल का विकास का द्वार बन गया है. तब यह वायदा किया गया था कि तीन साल में संथाल परगना विकसित क्षेत्र बन जायेगा. बहरहाल एक तिहाई वक्त बीतने के बाद भी वहां पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ या हो रहा है, जिससे ऐसा लगे कि सरकार संथाल परगना के विकास के प्रति गंभीर है. वैसे प्रधानमंत्री के दौड़े को राजनीतिक दलों ने चुनावी दौड़ा बताकर आरोप लगाया था कि उन्होंने नौ अप्रैल 2017 को होने वाले पोड़ैयाहाट उप चुनाव को प्रभावित करने का काम किया. जिसके बाद भी भाजपा के प्रत्याशी वहां पर हार गये.

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घोषणा नंबर - 01- 22.885 किमी लंबी साहेबगंज-मनिहारी गंगा पुल निर्माम का शिलान्यास.

स्थिति - इस पुल के निर्माण के लिए अब तक कोई काम शुरु नहीं हुआ है.

घोषणा नंबर – 02 - साहेबगंज जिला में टूरिज्म सेंटर स्थापित किया जायेगा. इससे इलाके में रोजगार के अवसर विकसित होंगे और इलाका आर्थिक रुप से समृद्ध होगा.

स्थिति जिला में टूरिज्म सेंटर खोलने के लिए कोई काम शुरु नहीं किया गया है.

घोषणा – 03 - झारखंड सरकार ने साहेबगंज जिला में डेयरी प्लांट खोलने की योजना बनायी थी. जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री से कराया गया.

स्थिति  - डेयरी प्लांट के लिए अभी तक जमीन का इंतजाम तक नहीं किया गया है.

घोषणा – 04 - साहेबगंज के 78 गांवों में बनेगा तुलसी बगिया. यह काम वन विभाग को करना है. प्रधानमंत्री से इसका शिलान्यास कराया गया था.

स्थिति  कुछ गांवों में इस पर काम शुरु किया गया है. पर  ग्रामीणों का कहना है कि काम जिस तेजी से होने चाहिए थे, उस तेजी से हो नहीं रहे. 78 में से अधिकांश गांवों तक सिर्फ यही पता है कि उनके यहां किसी तरह का बगिया बनने वाला है. पर क्या और कैसे बनेगा, नहीं पता.

घोषणा – 04 - सखी मंडल के एक लाख सदस्यों को मोबाइल फोन देने की योजना की शुरुआत.

स्थिति महिलाओं के कल्याण और उन्हें डिजिटल युग में लाने के लिए सरकार ने यह योजना बनायी थी. इस योजना के तहत महिलओं को जो फोन दिये गये, वह घटिया क्वालिटी के थे. अधिकांश महिलाओं का फोन काम ही नहीं कर रहा था. दरअसल वो फोन किसी काम का ही नहीं है. एक जीबी रैम वाला फोन उस जमाने में सरकार की तरफ से बांटा गया, जब फोर जीबी से कम रैम वाला फोन किसी के हाथ में देखने को शायद ही मिलता है.

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गोविंदपुरसाहेबगंज रोड का शिलान्यास

इस रोड को बनाने का काम शुरू हुआ है. लेकिन रफ्तार धीमी होने की वजह से काम पूरा होने में काफी समय लग सकता है.

उद्घाटन

सरकार ने प्रधानमंत्री से गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-साहेबगंज रोड का उद्घाटन करा दिया था. उस वक्त तक यह सड़क बनी भी नहीं थी. अधूरी थी. लेकिन प्रधानमंत्री से उदघाटन करा दिया गया. कहने को अब इस सड़क का निर्माण तो पूरा हो चुका है. लेकिन दुमका और पाकुड़ के बीच अब भी कई जगहों पर सड़क अद्धनिर्मित ही है.

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जो काम शुरु हो गया है

मल्टी मॉडल टर्मिनल व बंदरगाह का निर्माण

केंद्र सरकार इस योजना पर काम शुरु हो गया है. सालभर पहले योजना का शिलान्यास करते वक्त प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि यह बंदरगाह साहेबगंज को दुनिया के दूसरे देशों से समुद्र् मार्ग से जोड़ेगा. तब यह इलाका विकसित इलाका बनेगा. इस योजना पर काम शुरु हो गया है. स्थानीय लोगों का मानना है कि मल्टी मॉडल टर्मिनल व बंदरगाह का निर्माण अगले दो साल में हो जायेगा.

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