साहिबगंज : मदर्स डे पर एक दलित गरीब मां की गुहार, मेरे जवान बेटे को बचा लीजिए सरकार

Publisher NEWSWING DatePublished Sun, 05/13/2018 - 18:13

बेटे की दोनों किडनी है खराब, पिता राजू पासवान किडनी देने को तैयार, मगर ऑपरेशन और अन्य खर्च के लिए पैसे नहीं

Sahibganj : पिछले छह महीने से दर-दर की ठोकरें खाकर एक गरीब दलित परिवार अपने जवान बेटे की किडनी बदलने के लिए ऑपरेशन खर्च के लिए पैसे जुटा रहा है. एक गरीब दलित मां उर्मिला देवी अपने बेटे को बचाने की लोगों से गुहार लगा रही है. रसूलपुर दहला निवासी राजू पासवान जो रिक्शा चालक है. उनका परिवार अत्यंत गरीब है. राजू पासवान के तीन बेटे है, जिसमें तीसरा पुत्र रवि पासवान है. जो साहिबगंज कॉलेज के बीए डिग्री-3 का छात्र है. शुरू से पढ़ाई में अच्छे रहने और सरकारी नौकरी कर घर का सारे बोझ अपने सर पे लेने की इच्छा शक्ति के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर रहा था. मगर भगवान ने इसके जीवन में अचानक से अंधेरा ला दिया. रवि को अचानक लगभग छह माह पूर्व आंखों से धुंधला दिखने लगा. उसने इसकी जानकारी अपने पिता को दी. पिता ने स्थानीय आंख के डॉक्टर से उसकी आंखों का इलाज कराया. जब इलाज सफल नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने मालदा रेफर कर दिया. मालदा में भी ठीक नहीं होने के बाद परिजन उसे स्थानीय क्लीनिक में डॉ मल्लिक से इलाज कराया, जहां जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि रवि की दोनों किडनी खराब है.

इसे भी पढ़ें - शिक्षा विभाग टैब घोटाला : 56 करोड़ के टैब फांक रहे धूल, 41 हजार शिक्षकों को बांटना था, बंटा एक भी नहीं (1)

परिजनों आगे इलाज कराने में असमर्थ

जांच रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट

आनन-फानन में परिजन उसे पटना और फिर दिल्ली में इलाज के लिए ले गये, जहां किडनी बदलने की सलाह दी गई. किडनी डोनेट करने के लिए रवि पासवान के पिता राजू पासवान तैयार हुए, लेकिन खर्च 7-8 लाख रुपये बताने के बाद परिजन उसे वापस लेकर साहिबगंज आ गये. परिजनों की मानें तो अभी तक रवि के इलाज में परिजन कर्ज लेकर व जैसे तैसे लगभग एक लाख रुपये खर्च कर चुके हैं. मगर अब परिजन और खर्च करने में असमर्थ हैं.

इसे भी पढ़ें - शिक्षा विभाग टैब घोटाला : 41,000 शिक्षकों के बदले दे दिया करीब 2500 बीआरपी और सीआरपी को टैब, आठ महीने में नहीं करा पाए एक दिन की ट्रेनिंग (2)

परिवार में रवि के अलावे तीन भाई और दो बहन है

रवि पासवान कुल चार भाई महेश पासवान, अजित कुमार पासवान, रवि पासवान एवं रौशन पासवान व दो बहन बबिता कुमारी एवं रिंकू कुमारी है. भाईयो में रवि तीसरे नम्बर पर है. मां का लाडला रवि जीवन और मौत से जूझ रहा है. मां लोगों से उसे बचाने की गुहार लगाती फिर रही है. मगर कहीं से कोई सहायता नहीं मिल रही है.

परिजनों ने सरकार व जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार

रवि के परिजनों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं. वोट के समय सभी दलित राग अलापते हैं, मगर एक दलित की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. मां ने अपने बेटे के लिए सरकार के प्रतिनिध व जनप्रतिनिधियों से अपने बेटे को बचाने की गुहार लगाई है. 

रवि पासवान के शरीर में 3 ग्राम ब्लड था, शनिवार को साहिबगंज सदर अस्पताल में उसे एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया. पेसेंट रवि पासवान का ब्लड ग्रुप "ओ पॉजिटिव" है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

na