डीजीपी के गले में सांप : क्या वन विभाग डीजीपी डीके पांडेय पर केस कर जेल भेजेगा, मेनका गांधी लेंगी संज्ञान !

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 12:44

Ranchi: क्या जिस तरह से आम लोगों पर वन विभाग कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करता है, उसी तरह की कार्रवाई झारखंड पुलिस विभाग के सबसे ऊंचे पद पर बैठे अधिकारी यानि डीजीपी पर करेगा. या डीजीपी डीके पांडेय की पद की महानता को देखते हुए विभाग खामोश रहेगा. इस तरह की चर्चा झारखंड में आम लोगों के बीच हो रही है. इन दिनों सोशल मीडिया पर डीजीपी डीके पांडेय की दो तस्वीरों वायरल हो रहा है. जिसमें वह अपने गले में सांप लपेटे हुए हैं. कहा जा रहा है कि डीजीपी सोमवार को चतरा के ईटखोरी में थे. पूजा कर जैसे ही वो ईटखोरी मंदिर के बाहर निकले उनकी नजर वहां एक सपेरे पर पड़ी. सपेरे के पास कई तरह के सांप थे. पुलिस विभाग के सबसे आला अधिकारी होने के नाते जो कार्रवाई कानून तोड़ने वाले सपेरे के साथ डीजीपी डीके पांडेय को करनी थी, वो कार्रवाई ना करते हुए वो खुद सपेरे के पास जाकर जमीन पर बैठ गये. सपेरे से एक कोबरा सांप लेकर उन्होंने अपने गले पर रखा. कुछ मिनटों तक वो सांप से खेलते रहे. तस्वीरें खिचवाते रहे. व्हाट्सअप पर ये फोटो मिनटों में वायरल हो गया. बुधवार को एक प्रतिष्ठित मीडिया ने फोटो को पहले पन्ने पर जगह भी दिया. इन सबके बीच सवाल ये उठने लगे कि क्या सांप के साथ फोटो का सच सामने आने के बाद वन विभाग उसी तरह की कार्रवाई करेगा, जैसा इस मामले में वो करता आया है.

इसे भी पढ़ें - जिस बीजेपी ने चारा घोटाले का पर्दाफाश किया था, अब उसी की सत्ता में रहते झारखंड में भी हो गया चारा घोटाला   

जुलाई 2008 में सांप के साथ रैंप पर चलने वाले को भेज दिया था जेल

 मोहम्मद शाबीर हुसैन
मोहम्मद शाबीर हुसैन

बात जुलाई 2008 की है. सेंटर फॉर एजुकेशन के फैशन डिपार्टमेंट के हेड मोहम्मद शाबीर हुसैन और गेंदा नाथ को वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था. सेंटर फॉर एजुकेंशन ने एक फैशन शो आयोजित किया था. फैशन डिपार्टमेंट के हेड मोहम्मद शाबीर हुसैन ने शो के दौरान कुछ मॉडल्स को सांप के साथ रैंप पर इंट्री करायी थी. मॉडल्स ने जब रैंप पर इंट्री की थी तो उनके हाथ और गले में सांप लिपटे हुए थे. मामले की जानकारी जब वन विभाग के रेंजर सोवेंदर कुमार को हुई तो उन्होंने कांटा टोली से मोहम्मद शाबीर हुसैन को और हरमू हाउसिंग कॉलोनी से गेंदा नाथ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने इन दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. डीजीपी ने भी सांप को अपने गले में लपेटा था, तो सवाल ये कि इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होगी.

इसे भी पढ़ें - हैकिंग (Hacking), हैकर्स (Hackers), एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking) क्या है, इसे जानिए

किस कानून के तहत होती है कार्रवाई

The Wild Life (Protection) Act, 1972
The Wild Life (Protection) Act, 1972

The Wild Life (Protection) Act, 1972 के चैप्टर तीन की धारा नौ के मुताबिक किसी इंसान को जंगली जानवर का शिकार करने पर रोक है. जिसका उल्लेख वन विभाग की अधिसूचना एक, दो, तीन और चार में है. इसी कानून के तहत वन विभाग ने शाबीर हुसैन और गेंदा नाथ पर 2008 में कार्रवाई कर 14 दिनों के लिए जेल की हवा खिलवायी थी. वहीं इस एक्ट के चैप्टर छह के सेक्शन 51 में साफ उल्लेख हैं कि इस एक्ट के किसी भी धारा का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति को तीन साल तक की सजा हो सकती है. साथ ही 25 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है.

इसे भी पढ़ें - कोर्ट में गवाही देने आए थे एडीजी एमवी राव, सरकार ने आदेश जारी कर कहा- अनुमति लेकर झारखंड आएं

कोबरा के साथ फोटो शेयर करने पर टीवी एक्ट्रेस पर हुई थी एफआईआर

अभिनेत्री श्रुति उल्फत
अभिनेत्री श्रुति उल्फत

टीवी अभिनेत्री श्रुति उल्फत को मुंबई के ठाणे वन विभान ने फरवरी 2017 में अरेस्ट कर लिया था. दरअसल अरेस्ट होने से कुछ महीने पहले श्रुति ने कोबरा के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी. श्रुति टीवी कार्यक्रम 'नागर्जुन एक योद्धा' में प्रमुख भूमिका निभा रही थी. जो नाग लोक की कहानी है. जिस नाग के साथ श्रुति ने फोटो पोस्ट की थी उसे टीम के सदस्यों ने शूटिंग के लिए पकड़ा था. श्रुति के अलावा शो के प्रोड्यूसर उत्कर्ष बाली, नितिन सोलंकी और लीड एक्टर पर्ल वी पुरी को भी गिरफ्तार किया गया था. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर संतोष कंक ने उस वक्त कहा था कि अक्टूबर 2016 में कोबरा के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करने के आरोप में हमने श्रुति उल्फत और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्हें बोरिवली कोर्ट में प्रस्तुत किया गया और फिर ठाणे रेंज द्वारा उन्हें हिरासत में रखा गया गया.

इसे भी पढ़ें - झारखंड चारा घोटाला : पहले टेंडर निकालने में विभाग ने की नियमों की अनदेखी, मीडिया में खबर आने के बाद दिया एफआईआर का आदेश, कंपनी से मांगा स्पष्टीकरण 

सांसद और पशु अधिकारवादी मेनका गांधी लेंगी संज्ञान !

सांसद और पशु अधिकारवादी मेनका गांधी क्या डीजीपी के इस फोटो पर संज्ञान लेंगी. पशु के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज बुलंद करने वाली मेनका गांधी के बारे कहा जाता है कि अगर वैसे मामले पर संज्ञान लेकर वो आगे की कार्रवाई करती हैं, जिसमें उन्हें जानवरों के अधिकार का हनन दिखता है. कानपुर के घाटमपुर ब्लॉक में सांप-बिच्छु का जहर निकालने वाला एक परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया. उनका आरोप है कि बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने उनके घर के मुखिया को सांप और बिच्छुओं का जहर निकालने का काम बंद करने का फरमान सुनाया. सदमे में उसकी मौत हो गई. तब से उनका यह पुश्तैनी धंधा बंद हो गया, जबकि यही एक इनकम का जरिया था. अब हालत ऐसी हो गई है कि इस परिवार को भर पेट भोजन करने के भी लाले पड़ गए हैं. ये एक आम जनता की कहानी है. जिसके लिए कानूनन कार्रवाई हुई. तो क्या कानूनन डीजीपी डीके पांडेय पर भी कार्रवाई होगी.

इसे भी पढ़ें - साहब आप तो कागजों पर वो हादसा देख रहे हैं, मैंने अपनी नंगी आंखों से नक्सलियों का वो तांडव देखा हैः पीसी देवगम