इलेक्ट्रो स्टील में आईटी विभाग का सर्वे फाइनेंस डिपार्टमेंट के जनरल मैनेजर से हुई पूछताछ

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/10/2018 - 11:09

Bokaro : इलेट्रोस्टील में इनकम टैक्स की टीम ने शुक्रवार देर शाम तक सर्वे का काम किया. संयंत्र के वित्त कार्यालय में किये गये स्पॉट सर्वे के बाद टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों लेकर चंडीचेरी ब्लॉक के तहत सियालजोरी में शुक्रवार को बैठक हुई. इस बैठक में बोकारो और रांची के आयकर अधिकारियों (आईटी) के एक संयुक्त दल ने इलेक्ट्रोस्टील स्टील लिमिटेड (ईएसएल) के वित्त विभाग के प्रमुख जनरल मैनेजर, विक्रस कुमार अग्रवाल पर इसे लेकर सवाल उठाया. गौरतलब है कि ईएसएल, 2.51 एमटीपीए ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट, पिग आयरन, टीएमटी बार, बिलेट और नमनीय लोहे के पाइप के निर्माता है.

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करोड़ों की गड़बड़ियों का किया था पर्दाफाश

सर्वे ने स्क्रैप की बिक्री पर सफल बोलीकर्ताओं द्वारा जमा किये गये स्रोत (टीसीएस) में टैक्स कलेक्शन में करोड़ों में गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया था. स्क्रैप एक माध्यमिक उत्पाद है इस बीच कर्मचारियों को दिये गये भत्तों पर स्रोत (टीडीएस) में कटौती और ट्रांसपोर्टरों को बिलों का भुगतान की भी जांच की जा रही है. टैक्स अधिकारियों के अलावा कंपनी ने व्यापारियों को टैक्स छूट देकर 27 (सी) के फार्म का दुरुपयोग किया है, जो वास्तव में अंत उपभोक्ताओं के लिये हैं.

टैक्स कलेक्शन में लगभग पांच करोड़ की पायी गयी गड़बड़ी

पांच सदस्यीय आईटी टीम, रांची में डिप्टी कमिश्नर अजय कुमार सिंह, बोकारो सर्कल के आयकर अधिकारी के साथ ए के चौबे ने ईएसएल में वित्त विभाग में पांच घंटे से अधिक समय के लिए सर्वे किया. यह सर्वे आयकर अधिनियम की 133 ए (2 ए) के तहत किया गया था. "ईएसएल के हिस्से में टैक्स कलेक्शन में लगभग पांच करोड़ रुपये की गड़बड़ियां पायी गयी है. ईएसएल सालाना 85 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचता है, जिसमें से 27 फीसदी सीट पर 40 फीसदी बेचा जाता है.

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स्कैनर के तहत टैक्स की कटौती

आईटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि टीसीएस के स्क्रैप और अन्य माध्यमिक उत्पादों से ईएसएल प्रबंधन बेदखल है, जो ईएसएल के द्वारा बेचा जाता है. इसके अलावा, कंपनी कर्मचारियों को दिये गये भत्तों में टैक्स में कटौती भी स्कैनर के तहत है. टैक्स कटौती में इस तरह के अंतर भी ट्रांसपोर्टर बिलों पर पाये जाते हैं जिसकी जांच की जा रही है. साथ ही शोधकर्ताओं ने यह भी आकलन किया है कि टीएससी में ईएसएल की कमी पिछले चार साल से है.

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गड़बड़ियों को लेकर विकास कुमार अग्रवाल से की गयी पूछताछ

ईएसएल संयंत्र का सर्वे करने वाले आईटी अधिकारी विकास कुमार अग्रवाल अग्रवाल के कार्यालय गये और किये गये गड़बड़ियों के बारे में पूछताछ किया. साथ ही उन्होंने दस्तावेजों, बिल और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की. सिंह ने कहा कि हमने ईएसएल के वित्त विभाग के अधिकारियों को एक प्रश्नावली दे दी है और उन्हें जल्द ही इसे जमा करने के लिए कहा है. प्रश्नावली के उत्तर के आधार पर, ईएसएल के भाग के कारण आगे की जांच और टीसीएस और टीडीएस संग्रह का पता लगाया जायेगा.

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