मिस्र की चार हजार वर्ष पुरानी ममियों के रहस्य से उठा पर्दा

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/17/2018 - 16:59

London: अगली पीढ़ी की डीएनए सीक्वेंसिंग की मदद से दो भाइयों की प्रसिद्ध ममी के बारे में शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि उनके पिता अलग-अलग व्यक्ति थे और वे दोनों सौतेले भाई थे. ये ममी 1800 ईसा पूर्व की हैं.

1907 में हुई थी इन ममियों की खोज 

गौरतलब है कि ब्रिटेन के मेनचेस्टर संग्रहालय के इजिप्टोलॉजी कलेक्शन में इन भाइयों की ममी सबसे पुरानी है. ऐसा भी माना जाता है कि ये भाई संभ्रात परिवार से संबंध रखते थे और उनका नाम खनम नख्त और नख्त अंख था. इन ममियों की खोज वर्ष 1907 में हुई थी. तभी से यह बहस छिड़ी हुई थी कि वास्तव में ये दोनों एक दूसरे के संबंधी थे या नहीं.

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यह दो भाइयों के मकबरे के नाम से प्रसिद्ध है

ताबूतों पर चित्रलिपि उत्कीर्ण है, जिससे पता चलता है कि वे दोनों एक अज्ञात स्थानीय गर्वनर के बेटे थे और उन दोनों की मां का नाम एक ही था - खनुम-आ. तभी से उन दोनों को दो भाई के रूप में पहचान मिली. काहिरा के दक्षिण में एक गांव से इन ममियों की खोज डेयर रिफेह ने की थी. यह दो भाइयों के मकबरे के नाम से प्रसिद्ध है.

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इजिप्टोलॉजिस्ट मारग्रेट मरी ने उनकी जांच की

मकबरे की पूरी सामग्री 1908 में जब मेनचेस्टर ले जायी गयी और इजिप्टोलॉजिस्ट मारग्रेट मरी ने उनकी जांच की, तो उनकी टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि उनके कंकाल की बनावट बहुत अलग है. इससे पता चलता है कि वे आपस में संबंधी नहीं थे. फिर यह माना गया कि उनमें से एक भाई को गोद लिया गया था. वर्ष 2015 में उनके दांतों से लिए गए डीएनए और सीक्वेंसिंग की अगली पीढ़ी की प्रक्रिया की मदद से यह पता लगा कि उनके बीच माता के पक्ष की ओर से कोई संबंध था.

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