छात्र ने केंद्र सरकार को लिखा 'पुलिस बनने की पूरी ट्र‍ेनिंग मिली, वादे के मुताबिक नौकरी नहीं दे रही रघुवर सरकार, क्‍यों न नक्‍सली बन जाऊं'

Submitted by NEWSWING on Fri, 01/12/2018 - 19:54

Ranchi: झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची के एक स्‍टूडेंट ने केंद्र सरकार के एचआरडी मिनिस्‍ट्री और मुख्‍यमंत्री जनसंवाद केंद्र पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें अंकित कश्‍यप नाम के छात्र ने रघुवर सरकार के वादों और दावों को खोखला बताते हुए कहा है कि हमलोग बेरोजगारी से तंग आकर सभी स्‍टूडेंट माओवादी (Naxlite) बनने की सोच रहे हैं.

अंकित ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि यूनिवर्सिटी शुरू होने के दौरान कहा गया था कि पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद हमलोगों को दारोगा के समकक्ष दारोगा बनाया जायेगा. इसलिए हम सभी से एक साल का कोर्स डिप्‍लोमा इन पुलिस साइंस करवाया गया. पढ़ाई के दौरान हमलोगों को आईपीसी, सीआरपीसी, संविधान,पुलिस की संरचना, डिजास्‍टर मैनेजमेंट, मनोविज्ञान, लॉ, कंप्‍यूटर, फॉरेंसिक साइंस, पुलिस साइंस की पढ़ाई पूरी कराई गयी. ट्रेनिंग के दौरान पीटी, परेड, कराटे, योगा,हथियार और विस्‍फोटकों के बारे में बताया गया और चलाना सिखाया गया. हमें थाने में चार दिनों की ट्रेनिंग भी दी गई.

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छात्रों के साथ धोखाधड़ीः चेन्नई में ले जाकर बना दिया गया सिक्यूरिटी गार्ड

छात्र ने अपने मैसेज में कहा है कि जब यूनिवर्सिटी आरंभ हुआ था तब उद्घाटन समारोह के दौरान राज्‍यपाल, सीएम और शिक्षा मंत्री के दौरान कहा गया था कि यहां के स्‍टूडेंट्स को पुलिस के उच्‍च पदों और एसआईएसफ में भी पर नियुक्‍त किया जायेगा. उसने अपने पत्र में अपने सहपाठियों के साथ नियुक्ति में हुई ठगी और धोखाधड़ी के बारे में भी बताया है. उन्‍होंने बताया कि जब हमलोगों ने झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची में अपनी पढ़ाई पूरी की तो हमलोगों का कैंपस सेलेक्‍शन भी हुआ. चेन्‍नई की जी फोर एस सिक्‍यूरिटी कंपनी में सुपरवाइजर पद पर सेलेक्‍ट कर लिया गया. जब स्‍टूडेंट वहां जॉब करने गये तो सिक्‍यूरिटी गार्ड बना दिया गया. सभी साथी जॉब छोड़कर वापस आ गये.

जब गार्ड ही बनाना था तो 220 करोड़ खर्च कर क्यों बनाया गया रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय

छात्र ने सीधे रघुवर सरकार पर सवाल उठाया है कि यदि झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची में पढ़ाई करने के बाद सरकार को गार्ड ही बनाना था तो राज्‍य सरकार को यूनिवर्सिटी के लिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत ही क्‍या थी. यहां यह कोर्स कराकर और बड़े सपने दिखाकर हमारे साथ सरकार ने धोखा किया है. यहां पढ़ाई करने का कोई मायने नहीं रह गया है. हमलोग अब बेरोजगारी से तंग आ गये हैं और सभी स्‍टूडेंट नक्‍सली बनने की सोच रहे हैं. आजकल माओवादियों को हमलोग जैसे पढ़े-लिखे और प्रशिक्षित नौजवान लड़कों की ही जरूरत है. हम सभी अपनी मार्ग से भटक रहे हैं और हमलोगों के पास भी कोई दूसरा रास्‍ता बचा नहीं है. पढ़ाई के दौरान हमलोगों को बम और बारूद बनाना सिखाया गया था. यदि हमलोग जैसे नौजवान लड़के यदि अपनी मार्ग से भटके तो हमारे देश को बहुत नुकसान होगा और दुश्‍मन देश हम जैसे लड़कों के मजबूरी का फायदा उठायेगा.

हम सभी स्टूडेंट को गलत रास्ते में जाने से रोक लीजिये

उसने आखिर में आग्रह किया है कि हम सभी स्‍टूडेंट को गलत रास्‍ते पर जाने से रोक लिजिये और सरकार के द्वारा जो वादा किया गया था, झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची के स्‍टूडेंट को पुलिस में नियुक्ति करने का उसे पूरा करें. अपनी इन्‍ही बातों और विचारों को झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची के स्‍टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन, मुख्‍यमंत्री जनसंवाद केंद्र, एचआरडी मिनिस्‍ट्री को भी अवगत कराया है. पर कहीं से किसी भी तरह का जवाब उन्‍हें नहीं मिला है.

झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी रांची के बारे में सरकार ने क्‍या कहा

3 नवंबर 2017 को रघुवर दास का ट्विट : कैबिनेट का फैसला- झारखंड रक्षा शक्ति विश्‍वविद्यालय से उत्‍तीर्ण उम्‍मीदवारों को पुलिस अवर निरीक्षक एवं आरक्षी की नियुक्ति की स्‍वीकृति.

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