भारत में सरकार के खिलाफ लिखने पर मीडिया को किया जाता है परेशान  :  अमेरिका 

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/21/2018 - 21:43

Washington :  ट्रंप प्रशासन ने दावा किया है कि 2017 में भारत में सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया संस्थानों पर दबाव बनाया गया और उन्हें परेशान किया गया.  अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 2017 के लिए अपनी वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा  कि भारत के संविधान ने बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी दी है. लेकिन प्रेस की आजादी का साफ तौर से जिक्र नहीं है. भारत की सरकार आमतौर पर इन अधिकारों का सम्मान करती है लेकिन कुछ ऐसे मामले भी हुए हैं, जिनमें सरकार ने अपनी आलोचना करने वाले मीडिया संस्थानों को कथित रूप से परेशान किया और उन पर दबाव बनाया.  बता दें कि विदेश मंत्रालय की इस वार्षिक रिपोर्ट में दुनिया के लगभग सभी देशों में मानवाधिकार की स्थिति बताई जाती है.

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रिपोर्ट में पत्रकार गौरी लंकेश और शांतनु भौमिक की हत्या का उल्लेख

रिपोर्ट में कहा गया कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में मानवाधिकार की स्थिति कहीं बेहतर है. लेकिन,  इसमें उन प्रमुख घटनाओं को भी शामिल किया गया,  जिन्हें भारत में प्रेस की आजादी पर हमले के रूप में देखा गया. यह रिपोर्ट ऐेसे वक्त आयी है जब ट्रंप प्रशासन पर भी प्रेस की आजादी पर हमले के आरोप लग रहे हैं. विदेश विभाग ने कहा है कि 2017 में कुछ पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को न्यूज कवरेज के वक्त कथित रूप से हिंसा का सामना करना पड़ा या उन्हें परेशान किया गया. रिपोर्ट में पत्रकार गौरी लंकेश और शांतनु भौमिक की हत्या का भी उल्लेख किया गया है.

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