गिरिडीह : ओडीएफ की हकीकत, खुले में शौच मुक्त घोषित सिकदारडीह पंचायत का सच (देखें वीडियो)

Publisher NEWSWING DatePublished Sun, 02/11/2018 - 11:49

Pravin Kumar

Giridih : ओडीएफ के तहत खुले में शौच मुक्त अभियान एक मुहिम की तरह जिलेभर में जोर-शोर से चलाया जा रहा है. जल्द से जल्द जिले को खुले में शौच मुक्त करने को लेकर कवायद तेज कर दी गयी है. तेज़ गति में चारों तरफ शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है. वहीं लगातार अलग-अलग पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर पंचायत को ओडीएफ होने की घोषणा भी की जा रही है. तेज गति से ओडीएफ होती पंचायतों की वस्तुस्थिति को देखने के लिए न्यूज़ विंग की टीम अपने कैमरे के साथ शनिवार को ओडीएफ पंचायत पहुंची. इस क्रम में जो तस्वीरें सामने आयी उससे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. आप स्वयं देखें जिले के सदर प्रखंड स्थित सिकदारडीह पंचायत में बने शौचालय का हाल, जिसे 5 फरवरी को ओडीएफ यानि खुले में शौच मुक्त होने की घोषणा की गयी है.

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जमीन पर कछुये और फाइलों में खरगोश की चाल में चल रही योजना

5 फरवरी को खुले में शौच मुक्त किये गए सिकदारडीह पंचायत में जब हमारी टीम पहुंची तो पाया कि काफी हड़बड़ी में पंचायत को ओडीएफ किया गया हो. अधिकतर शौचालय पुराने और जर्जर हाल में मिले. वहीं पंचायत को भले ही शानदार कार्यक्रम आयोजित कर ओडीएफ घोषित कर दिया गया हो, लेकिन पंचायत में अब भी कई परिवार शौचालय से वंचित हैं. वहीं कई में काम चल रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या केवल फाइलों में ही पंचायत को ओडीएफ करने के लिए यह योजना चलायी जा रही है.

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ओडीएफ हो गया पंचायत, लाभुकों के पास नहीं है शौचालय

ओडीएफ पंचायत घूमने के दौरान लोगों से बातचीत में योजना की पोल खुल गयी. इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं को रखा और इसके समाधान की मांग की. इस क्रम में ओडीएफ घोषित सिकदारडीह पंचायत की आरती देवी ने कहा कि हमलोग का शौचालय नहीं बना है. मुखिया के पास गए बोलने के लिए तो पैसा मांगता है. हमलोग पैसा कहां से देंगे. इसलिये हमलोग शौच करने बाहर ही जाते हैं. बहुत दिक्कत होती है, शौचालय जल्द बनाने की मांग की.

10 दिन जैसे मेहमान आते हैं, वैसा बना दिया शौचालय

पंचायत की बिन्दा देवी ने बताया कि जिसका शौचालय नहीं बना है वो लोग खेत की तरफ जाते हैं, उसके साथ लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं. 10 दिन के लिए जैसे मेहमान आते हैं, वैसा शौचालय बना दिया गया है. शौचालय निम्न स्तर का बना है. 6-7 महीना में ही शौचालय की दुर्दशा होने की आशंका है. शिकायत की बात पूछने पर कहा कि निर्माण के दौरान बताया गया कि 12 हजार में ऐसा ही शौचालय बनता है.

मेरे पास पैसा रहता तो हम सरकार की मदद क्यों लेते

पंचायत की रहने वाली रेणु देवी ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मुखिया कहता है खुद शौचालय बना लो, यदि मेरे पास पैसा रहता तो हम सरकार से मदद क्यों लेते.

बहुत दुख तकलीफ है, मरेंगे तो मिलेगा लाभ

इधर लोगों से बातचीत के दौरान 60 वर्षीय मसोमात सुगिया देवी रोती हुई न्यूज विंग की टीम के पास पहुंची और अपना दर्द बताया. मसोमात सुगिया ने बताया कि काफी दुख में जी रहे हैं. अबतक उन्हें वृद्धा या विधवा पेंशन नहीं मिला है, कई बार इस मामले की शिकायत मुखिया से की गयी. कई बार फॉर्म भरा, पैसे खर्च किये, लेकिन अबतक कुछ नहीं हुआ.

ओडीएफ पंचायत में शिकायतों की लंबी लिस्ट

पंचायत के सुजीत कुमार, अर्जुन राणा, स्कूली छात्र करण कुमार, रोहित, छात्रा खुशबू आदि ने भी अपनी समस्याओं पर हमसे बात की बताया कि इनमें से किसी के पास शौचालय नहीं है. सभी जल्द से जल्द शौचालय बनाने की मांग कर रहे हैं.

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बने शौचालय में दरार पड़ने पर तोड़ डाला

ओडीएफ पंचायत में एक ऐसा भी परिवार मिला, जिसके यहां शौचालय बन गया था. लेकिन उसमें इतनी अनिमयतिता बरती गयी थी कि शौचालय में दरार पड़ गयी. शिकायत पर मुखिया ने उस शौचालय को हटाकर दूसरे शौचालय का निर्माण करवा देने की बात कही, लेकिन अबतक इस पर कोई पहल नहीं की गयी, वहीं पंचायत को ओडीएफ घोषित कर दिया गया.

इन सभी सवालों को लेकर जब पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी से बात करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि पंचायत में मुखिया पति ठाकुर दास ही हर काम को संचालित करवाते हैं. मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने खुद को प्रखण्ड से बाहर बताया. ओडीएफ के सवाल पर माना कि पंचायत में अभी कुछ शौचालय बनने बाकी है, काम चल रहा है, जल्द ही सभी घर में शौचलय बन जायेगा.

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