ऊनी कपड़ों को ऐसे करें पैक, तभी रहेंगे सलामत

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 03/20/2018 - 14:59

Ranchi : सर्दियों का मौसम खत्म हो चुका है और सर्दियों   में उपयोग होने वाले कपड़ों का रख-रखाव करना भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है. अगर आपने रखरखाव के दौरान कपड़ों को लेकर सावधानी नहीं बरतती, तो कपड़े खराब हो जाते हैं. हम आपको कुछ जरूरी उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप इन कपड़ों को अगले मौसम के लिए संभालकर रख सकती हैं.

धूप दिखाने के बाद ही पैक करें ऊनी कपड़ा

गर्म कपड़ों को वापस अलमारी में रखने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ कर लें. ऊनी कपड़ों को सुरक्षित रखने से पहले उन्हें अच्छी तरह ब्रश से झाड़कर साफ कर लें आैर फिर धूप में कुछ देर इसे रखें. धूप दिखाने के बाद ही इसे पैक करें.

लिनन या कॉटन के बने बैग में
रखें ऊनी कपड़ा

यदि आप ऐसे किसी जलवायु में रहती हैं, जहां मौसम बदलता रहता है, तब आपको सावधानीपूर्वक कपड़ों को सुरक्षित रखना है, ताकि कीटाणु, फफूंदी आदि से कपड़ों की सुरक्षा हो सके. कपड़ों को रखने से यह सुनिश्चित कर लें कि आपने इन्हें अच्छी तरह साफ करके सुखा लिया है या नहीं. कपड़ों को प्लास्टिक के बैग या एयरटाइट बॉक्स में न रखें.  इन कपड़ाें को पॉलीथिन में पैक करने की बजाय लिनन या कॉटन के बने बैग में लपेटें, विशेषकर ऊनी स्वेटर्स.

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नेफ्थलीन की गोलियों को डायरेक्ट कपड़ों में ना डाले

जहां कपड़ों को रख रही हैं, वहां नेफ्थलीन की गोलियों को अच्छी तरह से  कपड़े में लपेटकर रखें. अलमारी में नेफ्थलीन की गोलियों को रखने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने कपड़ों को अच्छी तरह साफ करके रखा है या नहीं, अन्यथा आपके कपड़ों में कीड़े लग सकते हैं.

लेदर से बने कपड़ों को मलमल के कपड़े से लपेटकर रखें

इसके अलावा आप समय-समय पर कपड़ों को देखती भी रहेंं. लेदर के बने कपड़ों को उस स्थान पर सुरक्षित रखें, जहां वातावरण थोड़ा ठंडा और अच्छी तरह हवादार है. इसे साफ सुथरे सफेद मलमल के कपड़े से लपेटकर रखें. लेदर के कपड़ों को सफेद टिशू पेपर के साथ गद्देदार बनाकर फ्लैट रखना चाहिए. यदि कपड़ों को टांगने की आवश्यकता है, तब सफेद टिशू पेपर के साथ गद्दी बनाकर सफेद मलमल के कपड़े से इसे ढक दें. बुने और रेशम के कपड़ों को हमेशा फ्लैट  ही रखें. यदि आपको लगता है कि इन कपड़ों को टांगना होगा, तब अच्छी तरह साफ करके सफेद टिशू पेपर को कपड़ों के अंदर लगाकर मलमल के कपड़े से लपेटकर रख दें. 

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शॉल्स को ऐसे करें स्टोर

कश्मीरी और पश्मीना शॉल को एयरटाइट जिप लगे पॉलीथीन के बैग में पैक करें, ताकि उनमें किसी प्रकार की नमी और सिल्बरफिश चीटियां न लगें. इसके अलावा पश्मीना शॉल को नेफ्थलीन बॉल्स के साथ नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इनकी गंध यह सोख लेती है. रेशम का बना स्कार्फ और शॉल्स को मलमल के कपड़ों में लपेटकर गद्देदार हैंगर्स में टांगना चाहिए. शॉल्स और स्टोल्स के बीच में सूखी नीम की पत्तियों को भी रख सकती हैं. हमेशा शॉल को साफ करने के बाद उसे अच्छी तरह से सुखा लें, क्योंकि इनमें आसानी से सलवटें पड़ जाती हैं.

प्लास्टिक के बैग में रखें फर वाले कोट

फर वाले कोट या लेदर जैकेट्स को अगर सही तरीके से न रखें, तो नमी की वजह ये शीघ्र ही खराब होने लगते हैं. नमी के कारण लेदर को सुखाना पड़ता है, जिससे लेदर में दरार आने लगती है. इसलिए इसे ड्राईक्लीन कराना ही सही रहता है. फर वाले  कोट की पैकिंग ठीक से करें. इन्हें कॉटन के बैग में रखें न कि प्लास्टिक के बैग में, क्योंकि फर को बाहरी हवा की जरूरत होती है. प्रत्येक तीन माह में कोट को बैग से बाहर निकालें और साथ ही उसमें लगी धूल आदि को साफ कर लें. 

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