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LITERATURE

आज के हालात को बयान करतीं दशकों पहले लिखी गयीं गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताएं

1 मैं तुम लोगों से इतना दूर हूंतुम्हारी प्रेरणाओं से मेरी प्रेरणा इतनी भिन्न हैकि जो तुम्हारे लिए विष है, मेरे लिए अन्न है.मेरी असंग स्थिति में चलता-फिरता साथ है,अकेले में साहचर्य का हाथ है,उनका जो…

कृश्न चन्दर की कहानी ‘जामुन का पेड़’ जिसे CBSC ने पिछले दिनों सिलेबस से हटा दिया है

पढ़िए कृश्न चन्दर की कालजयी कहानी 'जामुन का पेड़'. 60 के दशक में लिखी गयी इस कहानी को ICSE ने अपने पाठ्यक्रम से हटा दिया. क्योंकि एक राज्य विशेष के अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी कि यह कहानी वर्तमान प्रधानमंत्री और सरकार की आलोचना करती…

पति और प्रेमी रुद्र के नाम लिखी तस्लीमा नसरीन की मशहूर कविता-  आकाश के पते पर

बांग्ला से अनुवाद – Zeb Akhtarतसलीमा नसरीन का विवाह कवि रुद्र मुहम्मद शाहिदुल्लाह से हुआ था. हालांकि, एक समय के बाद तस्लीमा ने कई प्रेम के आरोपों के बाद अपने प्रेमी और पति रुद्र मुहम्मद शाहिदुल्लाह को छोड़ दिया. तस्लीमा से तलाक के 9 साल…

समय से साक्षात्कार से करतीं बीरेंद्र कुमार महतो की चार कविताएं

Birendra Kumar Mahto बीच चौराहे में रोते हैं हम अपने ही अपनों की लाश पर,छलनी कर देते हैं चंद सेकेंड में सीने अपने ही भाई-बंधु के,बूढी हड्डियों का बनेगा सहारा सोच,बनाये थे आशियाने,बिखेर देते हैं चंद सेकेंड में सारे के सारे…

Ranchi : राज्यसभा टीवी के कार्यक्रम गुफ्तगू में शामिल होंगे साहित्यकार रणेन्द्र, 27 अक्टूबर को होगा…

Ranchi  : 'ग्लोबल गांव के देवता' तथा 'गायब होता देश' जैसे चर्चित उपन्यास के लेखक रणेन्द्र रविवार को राज्यसभा टीवी के कार्यक्रम गुफ्तगू में होंगे. जहां उनसे बात करेंगे सीनियर प्रोड्यूशन इरफान. कार्यक्रम का प्रसारण 27 अक्टूबर को रात 10.30 बजे…

#Literature : अनवर शमीम का कविता संग्रह ‘अचानक कबीर’ – मौजूदा समय में हांका लगाने की अहमीयत

Laldeep सुनसान ठिठुरती रात में/बरवाडीह के प्लेटफार्म नंबर तीन पर/ दोने बनाने में जुटी-भिड़ी औरतों के बीच/ सिकुड़-सिमटकर बैठी/ बूढ़ी आदिवासी औरत/ जब दुःख में पगा/ कोई खोरठा गीत गुनगुनाती है/ तो उसके स्वर में/गूंज उठता है/ लय में लिपटा…

नोबल पुरस्कार विजेता #OlgaTokarczuk की दो कविताएं

2018 के लिए नोबल पुरस्कार विजेता ओल्गा तकारचुक की दो कविताएं आपके लिए. पूर्वी यूरोप की स्लाव भाषाओं में कविता आज भी तुकान्त ही लिखी जाती है. अतुकान्त या मुक्त छन्द में वे ही कवि कविता लिखते हैं, जो यूरोप में चर्चित होना चाहते हैं. तकारचुक…

हत्यारा और तानाशाह शीर्षक पर हरिओम राजोरिया की तीन कविताएं

हत्यारा और तानाशाह शीर्षकों से हिन्दी में वर्षों से कवितायें लिखी जा रही हैं. जिस तरह तानाशाह बदल रहा है उसी तरह इन कविताओं में भी बदलाव आ रहा है. दुख ये है कि आज तानाशाह और हत्यारे पर कविता लिखने की ज़रूरत और ज़्यादा बढ़ गयी है. ऐसे ही…

निदा फाजिली की गजल और कविता कृष्‍णपल्‍लवी की कविता- तानाशाह जो करते हैं

गजलनिदा फाजिलीअपना ग़म ले के कहीं और न जाया जाये घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जायेजिन चराग़ों को हवाओं का कोई ख़ौफ़ नहीं उन चराग़ों को हवाओं से बचाया जायेख़ुद-कुशी करने की हिम्मत नहीं होती सब में और कुछ दिन अभी औरों को सताया…

#MobLynching पर कविता लिख सोशल मीडिया पर छाये नवीन चौरे

होशंगाबाद (मप्र) के रहने वाले नवीन चौरे इन दिनों साहित्यिक हलचल को लेकर सोशल मीडिया तक की सुर्खियों में हैं. वे आइआइटीयन हैं. उन्होंने दिल्ली आइआइटी से बीटेक किया है. लेकिन उनके सुर्खियों में रहने की वजह यह नहीं बल्कि मॉब लिचिंग पर उनकी…