दुष्कर्म और हत्याओं से हाहाकार : सहमा हुआ है पाकुड़ जिला

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 04/24/2018 - 18:02

Pakur : देश भर से आ रही नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और उसके बाद हत्या की खबरों से देश से कोना कोना सहमा हुआ है. केंद्र सरकार ने बारह वर्ष तक कि बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा मुकर्रर तो कर दी है, लेकिन पाकुड़ में भी पिछले कई सप्ताह से हो रही ऐसी घटनाओं से एक ओर पूरा जिला सहमा हुआ है तो दूसरी ओर दुष्कर्मी अपने दुस्साहसों से बाज नही आ रहे. पिछले कुछ सप्ताहों में ऐसी कई घटनाएं पाकुड़ जिले में हुई जिसमें नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी हुए और कई मामलों में दुष्कर्म के बाद हत्या भी हुई. अधिकतर वारदातें हाल के दिनों की है. जानकारों की मानें तो यौन हिंसा को लेकर कानून चाहे जितने भी सख्त क्यों न कर दिए गए हों, महिलाएं फिर चाहे किसी भी वर्ग व उम्र की हों, सुरक्षित नही है.

केस स्टडी 1

जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र के सिमलढाप पहाड़ में कोटालपोखर की एक नाबालिग बच्ची की गला दबाकर पहले हत्या की गई, इसके बाद साक्ष्य छुपाने के लिए पेट्रोल छिड़क कर जला दिया गया. बताया जाता है रिश्ते के मौसेरा जीजा ने हत्त्या कर दी थी.

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केस स्टडी 2

जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के फूलपहाड़ी गांव में बीते 10 जनवरी 18 को नाबालिग की रेप कर हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि फुलपहाड़ी गांव की 13 वर्षीय बच्ची शौच के लिए घर से बाहर गई थी. क्योंकि घर में शौचालय नही था. इसके बाद बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्त्या कर दी गई.

केस स्टडी 3

जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के दतियारपोखर गांव में बीते 23 अप्रैल 18 को एक नाबालिग बच्ची की हत्त्या कर दी गई. परिजनों ने मौत से पूर्व रेप की आशंका जताई है. हालांकि अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही मिली है.

केस स्टडी 4

जिले के महेशपुर प्रखंड के घनश्यामपुर में 13 जुलाई 2017 को नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म किया गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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टीवी और इंटरनेट द्वारा खुलेआम परोसी जाने वाली अश्लीलता पर लगे रोक

बुद्धिजीवियों और चेतना संपन्न लोगों की माने तो टीवी और इंटरनेट द्वारा खुलेआम अश्लीलता परोसी जा रही है. इसपर शासन-प्रशासन को रोक लगानी होगी. नैतिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा. सरकार अकेले इस तरह की घटनाओं को रोक नहीं सकती, बल्कि घर घर के लोगों को इसके प्रति सचेत रहना होगा. सरकार के साथ साथ आमजनता को जागरूकता अभियान चलाना होगा

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