बेबेसिओसिस से दो बाघों की मौत के बाद जू प्रशासन की टूटी नींद, सीसीटीवी से जानवरों की हो रही निगरानी

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 03/30/2018 - 11:03

Jamshedpur : शहर में टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में दो बाघों की मौत के बाद जू प्रशासन अलर्ट हो गया है. जू में सीसीटीवी कैमरे से जानवरों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. साथ ही चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन एलआर सिंह ने जू प्रबंधर को एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें यह कहा गया है कि जानवरों पर लगातार नजर रखा जाए और निरंतर उनकी जांच कराई जाए.

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सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे जानवरों पर रखी जा रही नजर

एलआर सिंह की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद से जू में सीसीटीवी कैमरे से सभी जानवरों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. इनमें से बाघों पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है. बाघों का ज्यादा ध्यान इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि उनकी संख्या कम होती जा रही है. साथ ही पिछले दिनों दो बाघों की मौत भी हो गयी थी. गौरतलब है कि जू में एक नर बाघ है जो सफेद बाघ है, तीन मादा है जिसमें दो शावक हैं.

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बाघों की मौत के बाद जांच टीम पहुंची जू

बाघों की मौत के बाद बुधवार को टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट काॅरपोरेट सर्विसेज सुनील भाष्करन जू पहुंचे. उन्होंने जू निदेशक विपुल चक्रवर्ती और चिकित्सक डॉ एम पालित से बातचीत की और बाघों के बारे में व जू के बारे में पूरी जानकारी ली. इसके अलावा सेंट्रल जू अथॉरिटी की दो सदस्यीय टीम यहां आ रही है, जो बाघों की मौत की जांच करेगी.

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बाघों के ब्लड सैंपल की होगी जांच

जिन बाघों की मौत हुई है उनका ब्लड सैंपल बेंगलुरु के इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल एंड वेटनरी साइंसेस में भेजने का निर्देश भी दिया गया है. वहीं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन एलआर सिंह ने बाघों के ब्लड सैंपल को भुवनेश्वर के वेटनरी कॉलेज में भेजकर जांच कराने की बात कही है, ताकि बाघों की मौत के कारणों का पता चल सके. इधर डीएफओ शबा आलम अंसारी ने भी ब्लड सैंपल की जांच रांची वेटनरी कॉलेज में कराने की बात कही है.

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जानवरों के लिए जू में की जा रही बेहतर व्यवस्था

वीपी काॅरपोरेट सर्विसेज सुनील भाष्करन ने कहा की जू में जानवरों के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है. ताकि उन्हें यहां रहने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जानवरों में बेबेसिओसिस का फैलाव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जा रहे है. और फिलहाल स्थिति संतोषजनक है.

किसी अन्य जानवर में बेबेसिओसिस का फैलाव नहीं : जू डायरेक्टर

बेबेसिओसिस के फैलाव के बारे में बात करते हुए जू के डायरेक्टर विपुल चक्रवर्ती ने कहा कि जू में किसी भी दूसरे जानवर में बेबेसिओसिस का फैलाव नहीं है. उन्होंने बताया कि जानवर काफी ज्यादा सेंसेटिव होते है, इसलिए इनका खास तौर पर ध्यान रखना जरूरी है. यह गाय और भैंस की तरह नहीं होते हैं कि कभी भी इंजेक्शन लगा दिया जाये. जानवरों के स्वास्थ्य के लिए जो भी जरूरी है वो सब कदम उठाया जा रहा है. जांच के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सकों की टीम भी आ रही है. साथ ही सेंट्रल जू ऑथोरिटी के साथ झारखंड सरकार के सहयोग से जानवरों को सुरक्षित रखा जा रहा है.

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