पश्चिम बंगाल से चोरी का कोयला धनबाद में लाकर डिस्को पेपर पर भेजा रहा मंडियों में, हर दिन 150 ट्रक का धंधा, सरकार को सालाना 80 करोड़ का नुकसान

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 03/07/2018 - 12:32

- झारखंड के पुलिस अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है कोयला का अवैध करोबार.

- पश्चिम बंगाल सरकार और कोल मंत्रालय को भी हो रहा भारी नुकसान.

Ranchi: झारखंड सरकार और पुलिस के सीनियर अफसर दावा करते हैं कि कोयला का अवैध कारोबार बंद है.  लेकिन एेसा है नहीं. धनबाद में कोयले का अवैध कारोबार अब भी जारी है. पश्चिम बंगाल से हर दिन 150 ट्रक चोरी का कोयला धनबाद के मैथन व राजगंज के करीब 30 डिपो में गिरता है. वहां से डिस्को पेपर के जरिये कोयला को वाराणसी या दूसरी जगह की मंडियों तक पहुंचाया जाता है. कोयला का यह काला कारोबार पिछले छह माह से चल रहा है और इसकी जानकारी पुलिस-प्रशासन के अफसरों को भी है. लेकिन कार्रवाई नहीं होती. क्योंकि कुछ वरिष्ठ अफसरों का संरक्षण इस कारोबार को मिला हुआ है. 

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झारखंड सरकार को 80 करोड़ रुपये टैक्स का नुकसान

चोरी का कोयला पश्चिम बंगाल से धनबाद में लाकर फिर डिस्को पेपर बनाकर मंडियों में भेजने से झारखंड सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा है. इस कारोबार को नजदीक से जानने वालों के मुताबिक प्रति टन करीब 450 रुपया जीएसटी (प्रति टन मूल्य 9000 रुपया का 5 प्रतिशत) का नुकसान हो रहा है. अवैध कोयला के कारोबारी इन दिनों एक ट्रक पर 38 टन कोयला लोड कर बनारस पहुंचाते हैं. इस तरह एक ट्रक पर 3.42 लाख रुपया का कोयला लोड हो रहा है.  इस हिसाब से प्रति ट्रक 17,100 रुपया टैक्स का नुकसान झारखंड सरकार को हो रहा है. एक दिन में करीब 150 ट्रक कोयला खपाया जा रहा है. इस हिसाब से झारखंड सरकार को प्रति दिन 25.65 लाख रुपया का और प्रति माह 7.70 करोड़ और प्रति वर्ष करीब 92 करोड़ रुपया का नुकसान हो रहा है.

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संरक्षण देने वाले अफसरों को मिल रहा प्रति ट्रक 30 हजार रुपया

चोरी का कोयला पश्चिम बंगाल से धनबाद सुरक्षित पहुंचे और उस पर कोई कार्रवाई ना हो, इसके लिए सरकारी महकमें के लोगों को बड़ी राशि दी जाती है. कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक प्रति ट्रक करीब 30 हजार रुपया अफसरों के बीच बंट रहा है. इसमें धनबाद से लेकर रांची तक के अफसर और कुछ नेता शामिल हैं.

25 फरवरी को बगोदर थाना ने चार ट्रक कोयला पकड़ा

25 फरवरी को बगोदर थाना की पुलिस ने जीटी रोड पर जांच के दौरान चार ट्रक कोयला पकड़ा था. ट्रक के चालक और खलासी के द्वारा 26 फरवरी तक कोयला के संबंध में कोई कागजात पुलिस के समक्ष नहीं उपलब्ध कराया गया. इसके बाद पुलिस ने चारो ट्रक पर सवार नौ लोगों (चालक व खलासी) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को बताया है कि अरुप गांजे उर्फ बाबा, दिनेश तिवारी और मनोज अग्रवाल नामक व्यक्ति के द्वारा पश्चिम बंगाल से चोरी का कोयला बनारस की मंडी में भेजा जा रहा है. 

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भाजपा नेता ने की है कार्रवाई की मांग

धनबाद के भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य डीएन पाठक ने इस अवैध कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, वाणिज्य कर विभाग के सचिव और धनबाद के डीसी को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने अवैध कोयला कारोबार के बारे में विस्तृत जानकारी दी है. कोयला कारोबार के सरगना और उसका मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है. साथ ही पत्र के साथ फर्जी चलान की कॉपी भी संलग्न किया है. उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है. 

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