पीएम बनने से पहले तो रेप की घटना पर क्या-क्या नहीं बोलते थे मोदी, अब दे रहें सिर्फ बयान

Submitted by NEWSWING on Tue, 04/17/2018 - 13:07

Newswing Desk: बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण, धर्म शास्त्रों में महिला की महानता, दैवी रुप का वर्णन ये सारी बड़ी-बड़ी बातें आपने अक्सर देश के प्रधानमंत्री और बीजेपी के बड़े नेताओं को बोलते हुए सुनी होंगी. पीएम मोदी खुद भी देवी के उपासक हैं, नारी को शक्ति का स्वरुप मानते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेन्द्र भाई मोदी के महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध पर उनके बयान छोटे होते गये हैं.

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कठुआ-उन्नाव रेप केस को लेकर जहां पूरे देश में निंदा हो रही थी. लोगों में वारदात को लेकर आक्रोश था, इंसाफ की मांग के लिए देशभर में प्रदर्शन था. लेकिन देश के प्रधान सेवक चुप्पी साधे बैठे थे. हर तरफ से पड़ते दबाव और पीएम मोदी के मौन होने पर उठते सवालों के बीच प्रधानमंत्री ने अपनी चुप्पी तोड़ी और बड़े ही नपे-तुले शब्दों में घटना की निंदा करते हुए, दोषियों को नहीं बख्शे जाने की बात कही.

क्या कहा था पीएम मोदी ने  

जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई गैंगरेप की घटनाओं और देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 13 अप्रैल को अपनी चुप्पी तोड़ी. और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का वादा किया. नई दिल्ली में डॉक्टर आंबेडकर फाउंडेशन में आयोजित नेशनल मेमोरियल समारोह में उन्होंने कहा, “गुनहगारों को सख्त से सख्त सजा हो ये हम सबकी जिम्मेदारी है और भारत सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करने में कोई कोताही नहीं होने देगी, ये मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं.” साथ ही उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं वो किसी भी सभ्य समाज में शोभा नहीं देती हैं, ये शर्मनाक हैं. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं. देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं पर मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई अपराधी नहीं बचेगा, न्याय होगा और पूरा होगा। हमारी बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा.”

पीएम बनने से पहले कैसे होते थे बयान

पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी, जहां इन मसलों पर कम शब्दों में अपनी बातों को रखते नजर आते हैं. वही नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 में पीएम पद के उम्मीदवार थे, तब रेप, यौन उत्पीड़न जैसे मसलों पर बेबाक बोलते नजर आते थे. 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने एक टीवी चैनल पर कहा था, जब हम किसी पीड़िता की जगह खुद को रखकर या उसके सगे-संबंधी बनकर सोचते हैं तो रुह कांप जाती है. देश की किसी भी लड़की को हमारी बेटी की तरह बताते हुए उन्होंने कहा था कि हमलोग 21वीं सदी में हैं बावजूद इसके आए दिन दुष्कर्म से जुड़ी दिल दहला देने वाली खबरें सुनते हैं. छत्तीसगढ़ में भी एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने केंद्र की कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार पर हमला बोला था और कहा था कि जब भी आप टीवी खोलते हैं तो अक्सर रेप की खबरें दिखाई देती हैं. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की सरकार में कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है.

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बहरहाल, आज देश महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर चिंतित है. बेटियों की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है. ऐसे में जरुरत है सरकार को रेप जैसे बढ़ते संगीन अपराध पर लगाम लगाये, ताकि देश की बेटियां खुली हवा में सांस ले सके.

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