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ज्वेलरी डिजाइनिंग में चमकता करियर

Kumar Rahul

Ranchi, 10 September: भारतीय समाज में ज्वेलरी का एक अलग और महत्वपूर्ण स्थान शुरू से रहा है. एक समय था जब शहर का सुनार परंपरागत तरीके से शादी-विवाह जैसे अवसरों पर आभूषण बनाया करते थे. लेकिन समय में जिस गति से बदलाव आया है, उसने हर सेक्टर को बदल कर रख दिया है. कभी संपत्ति के रूप में खरीदा जाने वाला ज्वेलरी अब फैशन का हिस्सा बन गया है. 1991 के बाद उदारीकरण के प्रवेश ने दुनिया को बाजार में तब्दील किया. इसका प्रभाव नि:संदेह ज्वेलरी पर भी पड़ा. ज्वेलरी का देशज कारोबार पूरी दुनिया में इंडस्ट्री के रूप में सामने आया. इसके साथ ही आभूषण निर्माण शब्द ज्वेलरी डिजाइनिंग कहलाने लगा. जैसे ही इस सेक्टर के इंडस्ट्री का रूप में लिया इसके विशेषज्ञों की मांग भी बढ़ी. देश-दुनिया के शैक्षणिक संस्थानों ने इससे जुड़े कोर्स शुरू कर दिये. अब यह करियर का चमकता स्वरूप बन चुका है. ऐसे में आइए जानते हैं इसमें करियर की संभावनाओं के बारे में...

12वीं के बाद से ही करें पढ़ार्इ

इस क्षेत्र से जुड़े कई डिप्लोमा, सर्टिफि‍केट और एडवांस डिप्लोमा कोर्सेज उपलब्ध हैं. कुछ बेहतरीन संस्थानों में में कंप्यूटर की सहायता से भी ज्वेलरी डिजाइनिंग की शिक्षा दी जाती है. स्नातक स्तरीय कोर्स के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है, तो वहीं डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 12वीं और स्नातक दोनों पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.

परजेंटेशन से कॉस्टिंग तक की मिलती है जानकारी

सभी तरह के कोर्स की अवधि अलग-अलग होती है. जिसमें थोड़े बदलाव के साथ लगभग एक सी बातें पढ़ाई जाती हैं. कोर्स करने के दौरान आपको पत्थरों के विभिन्न प्रकार, कलर स्कीम, डिजाइन थीम, परजेंटेशन और फ्रेमिंग, इंडिविजुअल ज्वेलरी पीस का डिजाइन करना, पुरुषों की ज्वेलरी, कॉस्ट्युम ज्वेलरी, कॉस्टिंग वगैरह के बारे में बताया जाता है. जहां तक ज्वेलरी की डिजाइनिंग का संबंध है इसके लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं होता. किसी फील्ड के प्रोफेशनल ज्वेलरी डिजाइनिंग वर्कशॉप में शामिल होकर अपना प्रॉडक्शन हाउस खोल सकते हैं.

10 से 18 हजार रुपये शुरुआती आय

इस विषय के बढ़ते रुझान के चलते करियर का स्‍कोप काफी अच्‍छा है. शुरुआती दौर में 10 से 18 हजार रुपये महीने तक आसानी से कमा सकते हैं. इसमें सबसे बेहतर बात यह है कि आप इसका काम फ्रीलांस भी कर सकते हैं या फिर अपना बिजनेस भी स्‍टार्ट कर सकते हैं. जहां तक नौकरी की बात है तो बतौर डिजाइनर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों, ज्वेलरी हाउसेस, रिसर्च एंड ऑर्गेनाइजेशन, ऑक्शन हाउसेस में नौकरी मिलने के अवसर रहते हैं.

इस तरह के कर सकते हैं कोर्स

- डिप्लोमा इन ज्वेलरी डिजाइन एंड जैमोलॉजी (दो वर्ष)

- डायमंड ग्रेडिंग कोर्स (दो माह)

- सर्टिफिकेट इन ज्वेलरी डिजाइन एंड जैमोलॉजी (एक साल)

- जैम आइडेंटिफिकेशन (तीन माह)

- शार्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेज इन जैमोलॉजी, पॉलिशिंग, मैन्‍युफैक्चरिंग

यहां से बने प्रोफेशनल डिजाइनर

- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेमोलॉजी, दिल्ली

- इनसाइन-द ज्वैल डिजाइन इंस्टीट्यूट, नयी दिल्ली

- आर्च जेमोलॉजी एंड ज्वेलरी इंस्टीट्यूट, जयपुर

- इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट

-सरदार बल्लभ भाई पटेल सेंटर ऑफ ज्वेलरी डिजाइन एंड मेन्युफैक्चर, सूरत

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