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वर्ल्ड कप ट्रॉफी के लिए 21 वर्षों तक करना पड़ा इंतजार : तेंदुलकर

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Mumbai, 12 September :
 मंगलवार को एक कार्यक्रम में मास्टर बलास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारतीय टीम के लिये 2007 का विश्व कप सबसे बुरा दौर था. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले तेंदुलकर ने कहा कि वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप के पहले दौर में टीम के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट में कई सकारात्मक बदलाव आए. सचिन ने कहा कि‘ मुझे लगता है 2006-07 का सत्र हमारे टीम के लिये सबसे बुरा था. हम विश्व कप के सुपर आठ दौर के लिये भी क्वालीफाई नहीं कर सके थे. लेकिन हमने वहां से वापसी की, नये तरह से सोचना शुरू किया और सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया. राहुल द्रविड के नेतृत्व में उस विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप चरण में श्रीलंका और बांग्लादेश से हार कर बाहर हो गयी थी.

वर्ल्ड कप के बाद करने पड़े कई बदलाव

तेंदुलकर ने कहा कि वर्ल्ड कप के बाद हमें कई बदलाव करने पड़े. एक बार जब हमने यह तय कर लिया कि टीम के तौर पर हमें क्या करना हैं तो हम पूरी शिद्दत के साथ उसे करने लगे, जिसके नतीजे भी आए. सचिन ने आगे बताया कि हमें कई बदलाव करने थे. हमें यह नहीं पता था कि वह सही है या गलत. यह बदलाव एक दिन में नहीं आया. हमें नतीजों के लिये इंतजार करना पड़ा. मुझे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने के लिये 21 वर्षों का इंतजार करना पड़ा.

 

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