Skip to content Skip to navigation

ईसाई संगठन ने पीएम को लिखा पत्र, कहा रघुवर दास नफरत फैलाने का कर रहे काम

Manjusha Bhardwaj

Ranchi, 14 September: देश में बीजेपी सरकार भले ही सबका साथ सबका विकास का नारा लगाती है, लेकिन झारखंड में बीजेपी सरकार की लोकप्रियता कम होती नजर आ रही है, और विकास के लिए सबका साथ शायद झारखंड में बीजेपी को नहीं मिल पाये. ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में रोमन कैथोलिक ईसाइयों के सबसे बड़े संगठन कैथोलिक बिशप्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने पीएम मोदी को झारखंड के सीएम रघुवर दास के खिलाफ पत्र लिखा है और कहा है कि रघुवर दास नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं, कृप्या करके इस मामले में दखल दें और नफरत को खत्म करें.

नफरत को करें खत्म

अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ में छपे एक रिपोर्ट के अनुसार संगठन के सेक्रेट्री जनरल थिओडोर मास्कारेंहस ने कहा है कि वह झारखंड में हो रही नफरत की राजनीति से परेशान हैं. इसी नफरत की राजनीति से परेशान होकर उन्होंने पीएम मोदी से अपील कि है, ताकि इसे खत्म किया जा सके. गौरतलब है कि पत्र लिखने से महीने पहले झारखंड सरकार ने धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए 12 अगस्त को एक बिल पास किया था, जिसे लेकर झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ी थी.

ईसाई समुदाय के खिलाफ हमले की शुरुआत

पत्र में संगठन के सेक्रेट्री ने कहा है कि पीएम मोदी ने 2014 के चुनाव के वक्त प्रचार करते हुए खुद कहा था कि वो सबका साथ सबका विकास पर विश्वास करते है, जिसके बाद चुनाव जीतने के बाद रघुवर दास को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन हाल में ही धर्मांतरन बील पास करने के बाद ये देखा जा सकता है कि रघुवर दास ने ईसाई समुदाय के खिलाफ हमला शुरु कर दिया हैं. इस पत्र के माध्यम से उन्होंन ये भी इशारा कर दिया है कि रघुवर दास को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाना चाहिए, अगर वो नफरत की विचारधारा को रोकने में सफल नहीं है.

फैलाई गई नफरत में दें दखल

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहा कि इस साल के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने कहा था कि धर्म के नाम पर हिंसा कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिसके बाद पूरे देश ने उनके इस बात को सराहा था. लेकिन झारखंड में उनकी ये बात नाकाम दिखती नजर आ रही हैं, क्योंकि आपने जिस बात की घोषणा करते हुए लोगों का विश्वास जीता था आज वही वात गलत साबित हो रही है. सीएम रघुवर दास और उनके सलाहकार आपके उस विचारधारा से कोई संबंध नही रखते हैं. प्रधानमंत्री जी,  मैं आपसे अपील करता हूं कि आप झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा फैलाई गई नफरत के मामले में दखल दें और इस नफरत को खत्म कर दें.

ईसाई समुदाय को बदनाम करने की कोशिश

उन्होंने एंटी-कन्वर्जन बिल पास करने से एक महीने पहले सरकार द्वारा अखबारों में दिए गए फुल पेज के विज्ञापन की बात करते हुए कहा कि बिना किसी का नाम दिए महात्मा गांधी का गलत उदाहरण विज्ञापन में दिया गया था कि वो धर्म पर बोले है, जो कि ईसाई समुदाय को बदनाम करने के लिए किया गया था.

राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा पत्र

ऑल चर्चेज कमिटी के मेंमबर चेयरमैन बिसप ए.जे एक्का के नेतृत्व में गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें पांचवी अनुसुचित इलाका में आदिवासियों को मिली संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है साथ ही भूमि अधिग्रहण बिल एवं स्वतंत्र धर्म विधेयक 2017 पर भी सवाल उठाया गया है. 

जनसंख्या में मामूली वृद्धी

पिछले सात दशकों में झारखंड में ईसाइयों की जनसंख्या में मामूली वृद्धी हुई है. अगर वृद्धी ही नहीं हुई है तो फिर धर्मांतरन कराने का आरोप क्यों? अगर धर्मांतरन कराया जाता तो जनसंख्या में भारी वृद्धी होती ना कि मामूली वृद्धी.

एकता तोड़ने की साजिश

आदिवासियों की एकता तोड़ने के लिए ये धर्मांतरण बिल लाया गया है. साथ ही झारखंड के प्रकृतिक संसाधनों का दोहन करने और कॉरपरेट को सौपने की सरकार की तैयारी है. इसमें सबसे बड़ी बाधा आदिवासी समाज है. इसलिए सरकार इस तरह का काम कर रही हैं.

ऑल चर्चेज कमिटी के चेयरमैन बिसप ए.जे एक्का ने क्या कहा हैं देखे वीडियों

 

Slide
Share

Add new comment

INTERNATIONAL

News Wing
Taupo, 23 September: न्यूजीलैंड की जनता आज राष्ट्रीय चुनाव के मतदान में हिस्सा ले...

UTTAR PRADESH

News Wing Shahjahanpur, 22 September: समाजसेवी ने बलात्कार के दोषी बाबा राम रहीम की राजदार हनीप्रीत...
Website Designed Developed & Maintained by   © NEWSWING | Contact Us