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भगवान गणेश वाले विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने से ऑस्ट्रेलियाई ब्यूरो का इनकार

News Wing

Melbourne,19September:  विज्ञापनों पर नजर रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई संस्था ने भगवान गणेश से जुड़े एक विवादास्पद विज्ञापन के खिलाफ हिंदू संगठनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को खारिज कर दिया है. इस विज्ञापन में एक डिनर टेबल पर मेमने का मांस रखा हुआ है और इसके इर्द-गिर्द गणेश के साथ कई दूसरे देवताओं और पैगंबरों को बैठे दिखाया गया है.

भगवान गणेश के चित्रण को लेकर हुआ था विवाद 

ऑस्ट्रेलिया और विश्व के कई दूसरे हिंदू संगठनों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स ब्यूरो (एएसबी) बोर्ड ने कहा कि यह विज्ञापन समावेशी है. मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया (एमएलए) द्वारा बनाए गए इस विज्ञापन में भगवान गणेश के चित्रण को लेकर विवाद हो गया है.

किसी पात्र को अपमानित करना, उसका मजाक बनाना या उसके प्रति नफरत फैलाने का नहीं है: एएसबी बोर्ड

एएसबी बोर्ड ने कहा है कि इस विज्ञापन में किसी भी पात्र को कम महत्व वाला नहीं दिखाया गया है और न ही इसे खराब ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसका मकसद किसी पात्र को अपमानित करना, उसका मजाक बनाना या उसके प्रति नफरत फैलाने का नहीं है.

अपने बचाव में एमएलए ने बोर्ड से कहा है कि, “विज्ञापन में धार्मिक विविधता दिखाई गई है और इसमें भेदभाव, पक्षपात या तिरस्कृत करने जैसे किसी कृत्य को बढ़ावा नहीं दिया गया है.

विज्ञापन वापस लेने को लेकर 200 शिकायतें दर्ज की गई थी

ऑस्ट्रेलिया की हिंदू काउंसिल ने विज्ञापन को प्रतिबंधित करने की मांग की है और कहा है कि यह, “ एमएलए द्वारा किया गया बेहद निंदनीय कृत्य है जिसमें मेमने के गोश्त के सेवन को बढ़ावा देने के लिए गणेश की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है.” ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिजनेस काउंसिल ने भी विज्ञापन को लेकर चिंता जताई है. पिछले हफ्ते, भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी कर कहा था कि उसने ऑस्ट्रेलिया के विदेश एवं व्यापार मंत्रालय, संचार और कला मंत्रालय और कृषि मंत्रालय को इस “असवंदेनशील” विज्ञापन को लेकर डेमार्श भेजा है.

सिडनी में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मामले पर सीधे मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया से बात की है और इसे वापस लेने की अपील की है.

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