जमशेदपुर में ऑनर किलिंग: प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने ली बेटी की जान

Submitted by NEWSWING on Thu, 01/04/2018 - 13:27

Jamshedpur: झारखंड में इज्जत के नाम पर एक पिता ने क्रुरता की सारी हदों को पार करते हुए अपनी ही मासूम बेटी की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी. हत्या भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसकी बेटी अपने प्रेमी के घर चली गयी थी. इस बात से गुस्साये पिता ने बिना किसी तरह की सफाई सुने अपनी बेटी की कुल्हाड़ी से लगातार वारकर हत्या कर दी.

पहले छुपाने की कोशिश की फिर गुनाह कबूला

ऑनर किलिंग का यह मामला जमशेदपुर के गालूडीह थाना क्षेत्र की बड़ाकुर्शी पंचायत स्थित पायरागुड़ी गांव का है. बेटी की हत्या करने के बाद पहले तो पिता (जगदीश महतो) ने इस मामले को छुपाने की कोशिश की लेकिन फिर पुलिस पुछताछ के दौरान अपना गुनाह कबुल कर लिया.

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क्या है मामला

17 वर्षीय नियति घाटशिला कॉलेज की बीए पार्ट टू की छात्रा थी. उसे अपने पड़ोसी टिंकू बनर्जी से प्यार हो गया था. एक जनवरी को टिंकू की भांजी का बर्थडे थे और वह उसी के इंविटेशन पर बर्थडे सेलिब्रेट करने उसके घर गयी थी. शाम को नियति के पिता को टिंकू के पिता (समीर बनर्जी) का फोन आया कि तुम्हारी बेटी मेरे घर पर है उसे ले जाओ. टिंकू के पिता द्वारा फोन किये जाने पर नियति के पिता आगबबुला हो गये. उन्हें नियति की यह हरकत नागवार गुजरी. गुस्से में वह छोटे बेटे (राज किशोर महतो) के साथ बाइक से नियति को लेने पहुंचे.

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नियति को बाइक पर बिठा कर जंगल में ले गये

नियति को बाइक पर बिठा कर दोनों उसे जंगल में ले गये. वहां उन्होंने पहले नियति को दुपटटे से अपना मुंह बांधने को कहा. नियति ने डर के मारे अपना मुंह दुपटटे से बांध लिया. उसके बाद नियति के पिता ने अपने बैग से एक कुल्हाड़ी निकाली और एक के बाद एक कुल्हाड़ी से नियति के चेहरे पर कई वार किये.

कुल्हाड़ी के वार से कुछ देर में ही हो गयी नियति की मौत

कुल्हाड़ी के वार से कुछ देर बाद ही नियति की मौत हो गयी. नियति की मौत के बाद उसके पिता ने उसकी लाश को वहीं जंगल में फेंक दिया और फिर बेटे के साथ वापस घर आ गये. घर आने पर जब नियति की मां ने उसके बार में पुछा तो नियति के पिता और भाई ने कहा कि वह आ जायेगी. उसके बाद नियति के पिता और भाई खाना खा कर सो गये.

थाने में नियति के गायब होने की शिकायत दर्ज करायी

अगले दिन सुबह दैनिक रूटीन के अनुसार नियति के पिता अपने काम पर चले गये. शाम को नियति के भाई ने थाने में नियति के गायब होने की शिकायत दर्ज करायी. इससे पहले पुलिस को जंगल में एक लड़की की बॉडी मिली थी. नियति के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाने पर पुलिस को शक हुआ और फिर पुलिस ने नियति के पिता से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया.

पिता ने कहा इज्जत उछाल रही थी बेटी

उन्होंने कहा कि अफेयर के नाम पर उनकी बेटी घर की इज्जत उछाल रही थी और किसी भी कीमत पर उन्हें नियति का ऐसा करना स्वीकार नहीं था, इसलिए उन्होंने नियति को मार डाला. उन्होंने कहा कि नियति को मारने में उनके बेटे का हाथ नहीं था वह इस काम से दूर था.

टिंकू बनर्जी ने कहा नियति से नहीं था कोई अफेयर

टिंकू बनर्जी ने नियति के साथ अफेयर की बात अस्वीकार करते हुए कहा है कि उसका नियति के साथ किसी तरह का प्रेम संबंध नहीं था. वह उसकी भांजी की दोस्त थी और उसके बर्थ डे सेलिब्रेशन में घर आयी थी. शाम को नियति के पिता और भाई आये और उसे अपने साथ ले गये थे.

पुलिस ने हिरासत में लिया

अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने नियति के पिता और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी और खून लगी कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है.

झारखंड में नया नहीं है ऑनर किलिंग का मामला, पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

कुछ दिन पहले ही नोवाडी के मगा दीघिया गांव की सातवीं क्लास की 15 वर्षीय छात्रा बिमला बोबोंगा की हत्या भी ऑनर किलिंग का मामला था जिसकी पुष्टि पुलिस ने भी की थी. छात्रा की हत्या उसके ही भाई ने प्रेम-प्रेसंग के संदेह में कर दी थी.

नवंबर 2017 में ऐसे ही एक मामला लातेहार में भी सामने आया था जिसमें तुबेद गांव में रह रहे एक प्रेमी जोड़े को ग्रामीणों ने खूब परेशान किया. लड़के को पीट-पीट कर मार डाला और लड़की को अधमरा कर दिया था. लड़के के पिता ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

रांची के बहुचर्चित ऑनर किलिंग मामले में हाल में ही कोर्ट ने ऑनर किलिंग के आरोपी को दोषी करार दिया है. मामला रिटायर्ड नेवी अफसर अरूण कुमार सिंह के बेटे कुणाल भरद्वाज का था. जिसकी अपहरण के बाद हत्या कर लाश छुपा दी गयी थी. इस मामले के आरोपी जपला निवासी अंजनी सिंह और उसके बेटे सर्वजीत को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी.

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