जेजेएमपी की टूटी कमर, अंडरग्राउंड हुआ पार्टी सुप्रीमो अनिल भुईंया

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 06/08/2018 - 19:31

Hazaribagh : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के खिलाफ पुलिस की रणनीति सफल होती दिख रही है. बीते कुछ माह से रांची, हजारीबाग, चतरा और रामगढ़ जिले में कई वारदातों को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत फैलाने वाला संगठन अब ठिठुर गया है. पुलिस की संयुक्त रणनीति और टीम वर्क के कमाल के  कारण जेजेएमपी संगठन के कई हार्डकोर नक्सली जेल भेजे जा चुके हैं. इधर, बुधवार को संगठन के सेकेंड इन चीफ मुनेश्वर उरांव की गिरफ्तारी के बाद रामगढ़-हज़ारीबाग पुलिस को जेजेएमपी के तीन हार्डकोर नक्सलियों को हथियार सहित गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है. गिरफ्तार नक्सलियों में संगठन के हार्डकोर जोनल कमांडर मोहन गंझू (सफेद टी शर्ट) सब जोनल राजेन्द्र भुईंया (नीला-लाल शर्ट), एरिया कमांडर दीपक बेदिया (नीला टी शर्ट) के नाम शामिल हैं .


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पहले टीपीसी के दस्ते में थे नक्सली   naxali 2naxali 3naxali 1

गिरफ्तार नक्सली कभी टीपीसी दस्ते में थे. आपसी मनमुटाव के बाद टीपीसी के जोनल कमांडर सागर जी समेत दस्ते के छह नक्सलियों की हत्या के बाद वे जेजेएमपी का नेतृत्त्व करने लगे. इसी क्रम में पिछले साल उरीमारी के लुरूँगा के लालबहादुर साव की हत्या हो गई, जिसमें इनलोगों की भूमिका सामने आई. इसके अलावा इनपर रांची, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ जिले के थाना क्षेत्रों के कई घटनाओं में मामले दर्ज हैं. पुलिस काफी दिनों से इनकी गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थी.

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सुप्रीमो की हालत बदतर  

जेजेएमपी के कई हार्डकोर नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद सूत्रों से संगठन के सुप्रीमो अनिल भुईंया के सामने आगे कुआं, पीछे खाई वाली स्थिति हो गई है. क्योंकि संगठन के सभी हार्डकोर लगभग पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं . चरही में पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन कमांडरों की गिरफ्तारी के बाद संगठन कमजोर जरूर हुआ था लेकिन बुधवार को मुनेश्वर उरांव और अब तीन बड़े कमांडरों की गिरफ्तारी के बाद संगठन की कमर टूट गई है. एक तरफ अनिल के पीछे पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है वहीं टीपीसी भी अनिल के पीछे पड़ी हुई है . टीपीसी ने उसपर पचास लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा है. इन परिस्थितियों में उसके सामने सरेंडर कर जान बचाने या भागते फिरने के अलावा कोई तीसरा उपाय नहीं है. क्योंकि संगठन के बाकी सदस्य दस्ता छोड़कर भागे फिर रहे हैं.

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