खूंटी जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जारी किया नोटिस- राशन कार्ड को आधार से जोड़ना अनिवार्य

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/19/2018 - 13:55

 Khunti: राज्य में हो रही भूख से मौत का मामला कहीं न कहीं राशन कार्ड से जुड़ा हुआ है. ऐसे में जिस तरीके से पूरे राज्य के 11 लाख 64 हजार राशन कार्ड रद्द किए गए, उसके बाद राशन कार्ड बनाने की रफ्तार राज्य में बहुत धीमी है. भोजन अधिकार से जुड़े कार्यकर्ता धीरज कुमार कहते हैं, मुख्य सचिव के आदेश से पूरे राज्य में राशन कार्ड के आधार से नहीं जुड़े होने के कारण राशन कार्ड रद्द कर दिये गये थे. वही खूंटी जिला में भी करीब 13 हजार राशन कार्ड रद्द किये गये थे. इसके बावजूद राज्य में राशन कार्ड बनने की रफ्तार काफी धीमी है. खाद्य और आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने ऐसे तमाम लोगों को जिनका राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है, उन्हें रजिस्टर के माध्यम से अनाज उपलब्ध कराने की बात कही थी लेकिन जिला में वैकल्पिक व्यवस्था का भी पालन नहीं किया जा रहा है. ऐसे में लाभुकों को राशन लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पहले की तरह एक बार फिर आधार से राशन कार्ड जोड़ने की अनिवार्यता को सख्ती से लागू किया जा रहा है जबकि आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया अत्यंत धीमी है.

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राशन कार्ड से परिवार के सदस्यों के नाम हटाने की कवायद

जिला में एक बार फिर राशन कार्ड के लाभुकों का कार्ड से नाम हटाने की प्रकिया की जा रही है. जिला आपूर्ति शाखा खूंटी द्वारा जारी किये गये नोटिस जिसे डीलर के माघ्यम से परिवारों को भेजा जा रहा है, इसमें कहा गया है कि राशन कार्डधारी अपने परिवार का लाभुक आधार नंबर कार्ड में इनरोलमेंट करा लें जिनके परिवार के सदस्यों का नाम छुटा हुआ है. अगर ऐसा नहीं किया जता है, तो माना जाएगा कि आप के परिवार के उन सदस्यों के लिए राशन की आवश्यकता नहीं है एवं वैसे लाभुकों का नाम नियम अनुसार राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा.

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क्या कहते हैं जिला आपूति पदाधिकारी

नोटिस के संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीलम सुषमा सोरेंग का कहना है कि यह नोटिस सिस्टम जनरेटेड है, जिसमें मेरा हस्ताक्षर नहीं है. इस तरह की नोटिस कोई भी निकाल सकता है. जिला में रेंडमली कुछ लोगों के राशन कार्ड का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा रहा है. साथ ही विभाग द्वारा राशन कार्ड लाभुकों से अपील की जा रही है कि आधार कार्ड को राशन कार्ड से जुड़ावा लें. लेकिन इस प्रकिया से किसी जरूरतमंद का नाम नहीं हटया जा रहा है. हां वैसे लोगों का नाम जरूर हटाया जा रहा है, जो पलायन कर चुके हैं या क्षेत्र छोड़कर कहीं और चले गए हैं.

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काफी धीमी है राशन कार्ड बनाने की रफ्तार, प्रति दिन औसतन दो से तीन कार्ड ही नये बनाये जा रहे

मुंडारी खुटक्टी परिषद से जुड़े समीर तोपनो का कहना है कि जिले में धन कटनी के बाद सैकड़ों लोग काम की तलाश में राज्य से बाहर पलायन कर जाते हैं. यदि उन लोगों का नाम राशन कार्ड से हट जाता है, तो जब वह वापस आएंगे तो उन्हें काफी परेशानी होगी ऐसे में राशन कार्ड से नाम हटाना अनुचित है. इससे जिला में पलायन और तेजी से बढ़ेगा. खूंटी जिला में 13 हजार के करीब रशन कार्ड रद्द किये गये थे लेकिन जिला में फिर से राशन कार्ड बनाने की रफ्तार काफी धीमी है. प्रति दिन औसतन दो से तीन कार्ड ही नये बनाये जा रहे हैं.

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