आदिम जनजाति की छीनी जा रही जमीन, शिकायत के बाद भी प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 15:54

Dumka : 65 साल की कमली देवी के हौसले और इरादे बिल्कुल सरजोम की पेड़ की तरह मजबूत है. दबाब और प्रलोभन के बाद भी वह अपनी खतियानी जमीन को पाने की लालसा से दिनभर भूखे-प्यासे सरकारी कार्यलाय के चक्कर लगाती है. दो साल बीत गये हैं कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते लेकिन आज भी व अपनी जमीन वापस पाने की लालसा में अंचल कार्यालय से लेकर डीसी कार्यालय तक चक्कर काटती रहती है. गौरतलब है कि संथाल परगना में आदिवासियों की जमीन की रक्षा के लिए मजबूत कानून बने हुए है. एसपीटी एक्ट के रहते हुए भी आदिवासीयों की जमीन लीज के माध्यम से भूस्वामियों से हड़प लिए जाने की घटना संथाल परगना के साथ-साथ  पूरे झारखंड में आम है.

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कमली को नहीं मिला मुआवजे का पैसा

कमली देवी दुमका प्रखंड के गांदी कोराया गावं  की रहने वाली है. दो साल पहले रैयती जमीन साहेबंगज गोविंदपुर हाइवे में चली गई थी जिसका मुआवजा उसे नहीं मिला है. मुआवजा की राशि के लिए दो साल से वह डीसी कार्यलाय के चक्कर काट रही है बावजूद इसके आज तक कमली देवी को एक फूटी कौड़ी नहीं मिल पायी है. गौरतलब है कि कमली देवी पहाड़िया समुदाय से आती है.  उनकी कुछ जमीन हाइवे में चले जाने के बाद वहीं पर कुछ जमीन जो बचे थे उसपर बहमन मंडल और कुछ अन्य लोगों के द्वारा कब्जा कर लिया गया है और कमली देवी को वहां से बेदखल कर दिया गया है.

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क्या कहती है कमली देवी

मेरे जमीन से मुझे बेदखल कर दिया गया है, मुझे अपनी जमीन चहिए. डीसी साहेब को भी आवेदन  दी हूं, जिला से कहा गया कि अचंल कार्यलय जाइए. हम हर सोमवार को अंचल और अनुमंडल कार्यलय में दौड़ लगा रहे है लेकिन अभी तक ना हमें अपनी जमीन मिली है और ना ही  हाइवे में चली गई जमीन का मुआवजा. आवेदन की फोटोकॉपी दिखाते हुए वह कहती हैं कि हम सरकारी ऑफिस में कागज जमा कर चुके हैं, लेकिन हमें न्याय नहीं मिल रहा है. जिला में आवेदन करने के बाद गोपनीय शाखा दुमका से एक पत्र 22 मई 2017 को अंचल कार्यलाय को जारी किया गया जिसमें लिखा है कि बहमद मंडल और कुछ अन्य लोगों के द्वारा मौजा गांदी कोराया के जमाबंदी नंबर-3, खेसरा नंबर-570 और 577 को जबरन घेराव कर कमली देवी को बेदखल करना चाहते है इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए.

क्या कहते हैं प्रभारी सीओ

प्रभारी सीओ आलोक वरण केसरी ने कहा आदिम जनजाती को जमीन से बेदखल करना गलत है. इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी और कमली देवी को न्याय मिलेगा.

कब मिलेगा कमली को इंसाफ

एसपीटी एक्ट जैसे मजबूत कानून के रहते आदिम जनजाति परिवार को जमीन से बेदखल कर देना और प्रशासन के पत्र निर्गत करने के साल भर बाद भी कार्रवाई ना होना प्रशासन का नजरिया बताता है. अखिर अपनी जमीन को पाने के लिए एक बूढ़ी महिला को इसांफ के लिए कबतक दर-दर की ठोकर खाना पड़ेगा.

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