शिक्षा मंत्री से मिले अभिभावक संघर्ष समिति के सदस्य, कहा- 'स्कूलों और अधिकारियों की मिलीभगत से नामांकन से वंचित हो रहे छात्र'

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 18:37

Ranchi : अभिभावक संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य की शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान निजी स्कूलों में हो रही समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया. स्कूलों में गरीब और वंचित तबके के लोगों के बच्चों के नामांकन को कागजात के नाम पर जानबूझकर अधिकारियों द्वारा लंबित रखे जाने की शिकायत की. इसके अलावा हो रही अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया. कैसे जाती आवासीय, आय और जन्म प्रमाण पत्र बच्चों से मांग कर आवेदन पत्र दाखिल करने से वंचित रखा जाता है. प्रतिनिधिमंडल में अभिभावक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमृतेष पाठक, किशोर महापात्रा, बसंती तिग्गा, यशवंत मिश्रा एवं विरेन्द्र प्रसाद मौजूद थे.

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62 स्कूलों के 906 सीटों में अधिकतर रह जाएंगे खाली

शिकायत पत्र में समिति ने आरोप लगाया है कि जिले के जिन 62 स्कूलों में 906 सीट के लिए अभिभावकों से आवेदन आमंत्रित किया गया था, वो इस बार भी पूरा नहीं हो पायेगा. ऑनलाईन जमा हुए आवेदनों की जांच की मांग भी इस दौरान की गयी, कि आखिर वे कौन से लोग हैं जिनको गरीब और वंचितों के नाम पर सुरक्षित सीट पर नामांकन कराया है. अधिकारियों और स्कूलों की मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि इनके मिलीभगत के वहज से ही आवेदन जमा नहीं हो पाते हैं.

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मांगा गया 72 हजार से कम का आय प्रमाण पत्र, अधिकारी 96 हजार से कम का नहीं बनाते

जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यालय से 72 हजार से कम का आय प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है. पर शहर के प्रज्ञा केंद्रों में 96 हजार से कम के आय प्रमाण पत्र बनाने से मना कर दिया जाता है. ऐसे में तय मानकों के कागजात बन नहीं पाते और गरीबों का नामांकन नहीं हो पाता. कई ऐसे लोग भी हैं जिनका न घर है, न जमीन, फिर भी आवासीय और जाती प्रमाण पत्र मांगा जाता है. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी बच्चे को कागजात के नाम पर नामांकन से वंचित रखने को गलत माना गया है.

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जिन्हें नामांकन से वंचित रखा गया है उनका लिखित विवरण दें: नीरा यादव 

शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने बच्चों और अभिभावकों के किन-किन कागजात के न होने से नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया है उसका लिखिति विवरण मांगा है. नामांकन के लिए ऑनलाईन आवेदन की तारीख खत्म हो चुकी है.

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