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#Sci&Tech नयी सोलर तकनीक से घरों की खिड़कियां पैदा करेंगी, स्टोर करके भी रखा जा सकेगा

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New Delhi :  लीजिये अब आप घरों की खिड़कियों से भी सोलर एनर्जी यानी बिजली पैदा कर सकें. वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस तकनीक को विकसित किया है. इस एनर्जी का इस्तेमाल आप अपने घर को गर्म रखने में कर सकेंगे. और  रूम हीटर पर होने वाले खर्च से बच सकेंगे.

वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे लोगों को महंगे इलेक्ट्रिक हीटर्स की जरूरत नहीं पड़ेगी. यही नहीं, इस एनर्जी को स्टोर करके भी रखा जा सकता है. इस तकनीक को स्वीडन की कालमर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साइंस्टिक ने तैयार किया है.

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इको फ्रेंडली है ये तकनीक

इस तकनीक को विकसित करने वाले वैज्ञानिक ने बताया है कि एनर्जी पैदा करने के लिए घर की खिड़कियों पर अलग तरह से लैमिनेशन किया जाएगा. यह लैमिनेशन कार्बन, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन मिश्रित होगा. इस लैमिनेशन पर जैसे ही सूरज की किरणें पड़ेंगी, वैसे ही तत्काल एक नया केमिकल बनना आरंभ हो जायेगा.

इस प्रक्रिया से सोलर एनर्जी का उत्पादन होगा. और यह आपके घर को गर्म रखने में सहायता करेगा. घर के साथ इस एनर्जी का प्रयोग कार की खिड़कियों और कपड़ों पर भी किया जा सकेगा. जिससे इन्हें ठंड होने से बचाया जा सके.

साइंस्टिक का दावा है कि दावा है कि इससे इकोलॉजी को भी किसी तरह की हानि नहीं होगी. वैज्ञानिकों ने बताया कि एक बार सोलर एनर्जी के इस लैमिनेशन पर पड़ने के बाद इसका हीट यानी गर्मी के रूप में बाहर निकलना शुरू हो जायेगा.

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तकनीक कैसे करेगी काम

इस तकनीक की मदद से एनर्जी को स्टोर करने के लिए साइंस्टिक ने लिथियम आयन बैटरी के बदले एक अलग डिवाइस को प्रयोग में लाया है. टीम का कहना है कि लिथियम आयन बैटरी 5 से 10 साल तक ही काम कर सकती है.

पर उसकी तुलना में यह नया डिवाइस 18 सालों तक काम कर सकेगा. ये डिवाइस लिथियम आयन बैटरी की तुलना में कम फुटप्रिंट छोड़ती है. इस कारण इकोलॉजी को अधिक क्षति नहीं होगी. बाजार तक इस तकनीक को पहुंचाने के लिए वैज्ञानिकों को और अधिक फंड की जरूरत है.

उनका मानना है कि फंड मिलने के बाद वो इस तकनीक को कमर्शियल प्रोडक्ट में तब्दील कर देंगे.

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