नासा ने हमारे जैसा सौर मंडल खोजने में ली गूगल एआई की मदद

Submitted by ADMIN on Sat, 12/16/2017 - 13:19

Washington: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा को एक बड़ी सफलता मिली है. NASA के केपलर स्पेस टेलिस्कोप ने हमारे जितना बड़ा ही एक और सोलर सिस्टम ढूंढ निकाला है. दरअसल, यह स्टार सिस्टम पहले ही खोजा गया था, अब वहीं पर आठवें ग्रह की भी पहचान कर ली गई है. ऐसे में सूर्य या उस जैसे किसी स्टार की परिक्रमा करने के मामले में केपलर-90 सिस्टम की तुलना हमारे सौरमंडल से की जा सकती है. 

केपलर 90i रखा गया इस आठवें ग्रह का नाम  

खास बात यह है कि इस खोज में गूगल की ओर से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली गई, जो इंसानों के रहने योग्य ग्रहों की तलाश करने में काफी मदद करेगा. केपलर-90 सोलर सिस्टम के इस आठवें ग्रह का नाम केपलर 90i है. गूगल और नासा के इस प्रॉजेक्ट द्वारा हमारे जैसे ही सौर मंडल की खोज से इस बात की उम्मीद बढ़ी है कि ब्रह्मांड में किसी ग्रह पर ऐलियन मौजूद हो सकते हैं. 

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केपलर 90i सौर मंडल हमसे करीब 2,545 प्रकाश वर्ष दूर

दिलचस्प है कि केपलर-90 के ग्रहों की व्यवस्था हमारे सौर मंडल जैसी ही है. इसमें भी छोटे ग्रह अपने स्टार से नजदीक हैं और बड़े ग्रह उससे काफी दूर मौजूद हैं. NASA के अनुसार, इस खोज से पहली बार स्पष्ट होता है कि दूर कहीं स्टार सिस्टम में हमारे जैसे ही परिवार मौजूद हो सकते हैं. यह सौर मंडल हमसे करीब 2,545 प्रकाश वर्ष दूर है. 

केपलर 90i ऐसी जगह नहीं है, जहां आप जाना चाहेंगे

टेक्सस यूनिवर्सिटी के नासा सगन पोस्टडॉक्टरल फेलो एवं खगोल विज्ञानी एंड्रयू वांडबर्ग ने कहा, 'नया ग्रह पृथ्वी से करीब 30 फीसदी बड़ा माना जा रहा है. हालांकि यह ऐसी जगह नहीं है, जहां आप जाना चाहेंगे.' उन्होंने बताया कि यहां काफी चट्टानें हैं और वातावरण भी घना नहीं है. सतह का तापमान काफी ज्यादा है और इससे लोग झुलस सकते हैं. वांडबर्ग के मुताबिक सतह का औसत तापमान करीब 800 डिग्री फ़ारनहाइट हो सकता है. इसका सबसे बाहरी ग्रह केपलर-90h अपने तारे का उतनी ही दूरी से चक्कर लगाता है जितनी दूरी से धरती सूर्य का चक्कर लगाती है.

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