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नई दिल्ली, 26 जनवरी | ग्रामसभा को विधनासभाओं और संसद से ऊपर बताते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए एक कानून बनाए जाने का आह्वान किया। उन्होंने चुनाव वाले राज्यों के लोगों से उन्हीं उम्मीदवारों को चुनने की अपील की जो उत्तराखण्ड विधानसभा की तर्ज पर लोकायुक्त विधेयक पारित कराने का आश्वासन दें।
अन्ना हजारे की टीम द्वारा वेबसाइट यूट्यूब पर 'रिबिल्डिंग रिपब्लिक' नाम से पोस्ट किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएं देश की सबसे बड़ी संरचनाएं हैं क्योंकि वे अपनी ताकत सीधे जनता से प्राप्त करती हैं।
अन्ना ने कहा, "ग्राम सभा देश में सबसे ऊंची प्रणाली है। यह लोकसभा और विधानसभा से ऊपर है। प्रत्येक मतदाता देश का शासक है, इसे सरकार को समझना चाहिए। एक दूसरे स्वतंत्रता संग्राम के लिए लोगों को आगे आना होगा।"
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन लोकपाल विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में जो कुछ हुआ वह उचित नहीं था।
अन्ना ने कहा, "निर्वाचित सदस्य खुद अपने विचार दे रहे थे। यह लोकतंत्र में ठीक नहीं है। जनता के नौकर खुद को मालिक समझते हैं और अपनी इच्छा के अनुसार कानून बना रहे हैं।" उन्होंने कहा कि संसद में लोकपाल विधेयक जब आया तो सांसद अपनी इच्छाओं के मुताबिक उसमें संशोधन करा रहे थे।
अन्ना ने अपने करीब 30 मिनट लम्बे संदेश में कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को दूर करने में निर्वाचित प्रतिनिधि और नौकरशाह पिछले छह दशकों से अपने कर्तव्य में असफल हुए हैं और लोगों में जाति और धर्म के आधार पर मतभेद बरकरार हैं।
अन्ना हजारे ने सरकार से आह्वान किया कि वह केंद्र और राज्य सरकारों में निहित शक्तियों के विकेंद्रीकरण के लिए एक विधेयक पेश करे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस तरह का कानून नहीं लाती है तो लोगों को दूसरे स्वतंत्रता संग्राम के लिए तैयार रहना चाहिए।
इसके अलावा अन्ना हजारे ने विधानसभा चुनावों का सामना कर रहे राज्यों के लोगों से अपील की है कि वे उन्हीं उम्मीदवारों को अपना मत दें जो यह भरोसा दें कि जीतने के बाद वे उत्तराखण्ड विधानसभा की तर्ज पर लोकायुक्त विधेयक पारित करेंगे।
टीम अन्ना की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक खराब स्वास्थ्य के चलते सामाजिक कार्यकर्ता विधानसभा चुनावों का सामना कर रहे राज्यों की यात्रा नहीं कर सके हैं लेकिन स्वास्थ्य ठीक होते ही वह राज्यों में जाएंगे।
बयान के मुताबिक, "तबतक के लिए, उन्होंने अपना संदेश वीडियो सीडी के जरिए जारी किया है जिसे सभी सार्वजनिक सभाओं में दिखाया जाएगा..वीडियो में अन्ना हजारे ने लोगों से अपील की है कि वे सभी राजनीतिक दलों से यह पूछें कि जीत दर्ज करने पर क्या वे उत्तराखण्ड विधानसभा की तर्ज पर लोकायुक्त विधेयक पारित करेंगे।"
अन्ना ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार की मंशा एक प्रभावी लोकपाल विधेयक लाने की नहीं है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने लोगों से कहा कि वे उम्मीदवारों से एक हलफनामा देने को कहें, जिस पर लिखा हो कि वे उत्तराखण्ड विधानसभा की तर्ज पर लोकायुक्त विधेयक लाने के इच्छुक हैं।
अन्ना हजारे ने कहा कि लोग यदि संसद और विधानसभा की पवित्रता चाहते हैं तो उन्हें भ्रष्ट उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान नहीं करना चाहिए। (आईएएनएस)
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