सतारा में किसानों के लिए यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की कीमत तो नहीं है बीएमसी की कार्रवाई : शत्रुघ्न सिन्हा

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 01/11/2018 - 12:54

New Delhi : मुंबई में नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के आवास पर अवैध निर्माण के हिस्से को गिराये जाने के दो दिन बाद सिन्हा ने बुधवार को कहा कि यह सतारा में किसानों के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा को उनकी ओर से किये गये समर्थन की वजह से हुआ हो सकता है. गौरतलब है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सोमवार को फिल्म अभिनेता एवं सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की आठ मंजिला आवासीय इमारत ‘रामायण’ पर अवैध निर्माण कार्यों को गिरा दिया था.

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दिल्ली में सुरक्षा घेरा हटाने के साथ शुरूआत और घर के हिस्सों को गिराने की कार्रवाई

जिसके बाद सिन्हा ने ट्वीट किया और कहा कि लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या मैं तथ्यों, आंकड़ों और सचाई पर आधारित ईमानदार राजनीति के लिए और सतारा में किसानों के लिए यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की कीमत तो नहीं चुका रहा. पिछले कुछ महीनों से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार मतभेद रखने वाले सिन्हा ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ऐसा हो सकता है. दिल्ली में मेरा सुरक्षा घेरा हटाने के साथ शुरूआत हुयी और अब मेरे घर के हिस्सों को गिराने की कार्रवाई. यह भी हो सकता है कि यह दक्षिण मुंबई के रेस्तरांओं में आग की भयावह घटना के बाद बीएमसी की जल्दबाजी में की गयी प्रतिक्रिया हो. अगर ऐसा है तो मैं इस प्रतिक्रिया का स्वागत करता हूं. उम्मीद करता हूं कि बीएमसी यह जारी रखेगी. सिन्हा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छता और शौचालय निर्माण पर जोर देने से प्रभावित हैं. उन्होंने आवासीय इमारत में काम करने वाले लोगों के लिए छत पर शौचालय बनवाया था जो मुंबई के नगर निगम अधिकारियों को पसंद नहीं आया.

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घर में काम करने वाले लोगों के लिये छत पर बनवाया था शौचालय

उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मैं अपने मुंबई वाले घर की छत पर वहां काम करने वाले लोगों के लिए शौचालय बनवाकर स्वच्छता और शौचालय निर्माण का संदेश दे रहा हूं लेकिन उसे अवैध बताया गया और गिरा दिया गया. इमारत के हिस्सों को गिराने के काम की निगरानी करने वाले निगम के एक अधिकारी ने कहा कि इमारत में कुछ हिस्से बढ़ा लिये गये थे और रिफ्यूज इलाके में दो शौचालयों और पेंट्री का निर्माण किया गया. एक शौचालय छत पर, एक कार्यालय और एक पूजा कक्ष बनवाये गये. उन्होंने कहा कि यह सब स्वीकृत योजना के अनुरूप नहीं थे.

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