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#Saraikela: पुलिस ने ग्रामीण को ही मार कर कहीं नक्सली तो नहीं बता दिया था! अब कर रही है जांच

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Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र की रायसिंदरी पहाड़ी पर 28 नवंबर को पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में जिस रघुनाथ मुंडा का शव मिला था, वह नक्सली था या आम ग्रामीण. इस मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया है.

पुलिस ने रघुनाथ मुंडा को पहले नक्सली करार दिया था. इस मामले में पुलिस 30 नवंबर को अपने बयान से पलट गयी. अब पुलिस का कहना है कि मृतक नक्सली है या गांव का रहनेवाला है, इसकी जांच की जा रही है.

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ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या पुलिस ने ग्रामीण को ही मार कर कहीं नक्सली तो नहीं बता दिया था. जब मृतक रघुनाथ मुंडा की पत्नी ने शव की शिनाख्त की तो अब पुलिस जांच कर रही है कि मृतक नक्सली था या गांव का रहनेवाला था.

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पत्नी ने की थी शव की शिनाख्त

रघुनाथ मुंडा (35 वर्ष) की पत्नी जानकी मुंडा ने बताया था कि उसके पति रायसिंदरी कुचाई के रहनेवाले थे. उनके भाई का नाम रुही दास है. उसका घर रायसिंदरी पहाड़ी पर है.

उसका पति 28 नवंबर को फोन करने के लिए पहाड़ी से नीचे गया था. फोन कर वह घर लौट रहा था तभी नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गयी. दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं जिसमें उसके पति की मौत हो गयी.

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ग्रामीणों का आरोप- पुलिस चार अन्य लोगों को पकड़ कर ले गयी है

उपायुक्त रविशंकर शुक्ला के आदेश के बाद 30 नवंबर की शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे रघुनाथ मुंडा का शव शीतगृह से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया गया.

उपायुक्त द्वारा तैनात मजिस्ट्रेट प्रमोद राम की निगरानी में पोस्टमार्टम शुरू हुआ. जिसकी वीडियोग्राफी भी करायी गयी. मिली जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस में रघुनाथ मुंडा के परिजनों के अलावा ग्रामीण भी पहुंचे थे.

ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस चार अन्य लोगों को पकड़ कर ले गयी है. इनमें बुरुबांडी का पुकड़ू लोहार, बले लोहार, सेंगड़ा मुंडा और बुलाई मुंडा हैं. इनसे पुलिस पूछताछ कर रही है. ये जंगल में लकड़ी काटने गये थे. हालांकि इस मामले को लेकर पुलिस ने साफ तौर पर इंकार कर दिया.

रघुनाथ मुंडा को नक्सलियों की गोली लगी या पुलिस की, इसकी भी हो रही जांच

जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में मारे गये रायसिंदरी निवासी रघुनाथ मुंडा (35) को पांच गोलियां लगी थीं. दो गोली उसके दोनों तरफ पेट में लगी थी. दो गोली उसकी दोनों जांघों में लगी थी और एक गोली पीठ पर लगी थी, जो सामने सीने से आर-पार हो गयी थी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रघुनाथ मुंडा को मुठभेड़ में नक्सलियों की गोलियां लगीं या फिर पुलिस की.

इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारी का कहना है कि इस मामले में अनुसंधान चल रहा है कि रघुनाथ मुंडा नक्सली था या कोई आम आदमी. अनुसंधान पूरा होने के बाद ही मामला साफ हो सकेगा.

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