न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#SingleWindowSystem का दावा, पर हकीकत- पॉल्यूशन क्लीयरेंस के इंतजार में अटके हैं 125 प्रोजेक्ट

621

Ranchi: झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से पॉल्यूशन क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण राज्य भर के 125 प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं. यह स्थिति तब है जब राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू है.

झारखंड के अंदर किसी भी नये प्रोजेक्ट का काम शुरू करने से पहले झारखंड स्टेट पॉल्यूनशन कंट्रोल बोर्ड में आवेदन कर पॉल्यूशन क्लीयरेंस लेना होता है. इसके बाद ही प्रोजेक्ट को लाइसेंस मिल पाता है.

JMM

फिलहाल बोर्ड के पास क्लीयरेंस के लिए 125 आवेदन पड़े हैं. सिस्टम दुरुस्त नहीं होने और आधिकारिक स्तर पर लापरवाही के चलते ये आवेदन फंसे हैं. इसके कारण रोजगार सृजन भी नहीं हो पा रहा है.

इसे भी पढ़ें : #SaryuRoy का प्रचार करने जमशेदपुर पहुंचे बिहार के पूर्व मंत्री, कहा- रघुवर ने 86 बस्ती मसले पर जनता से छल किया

सरकार नये उद्योगों को करती है आमंत्रित

सरकार ने मोमेंटम झारखंड के जरिये और उसके बाद भी लगातार राज्य में उद्योग लगाने की बात की है. इसके लिए अपने स्तर से कई योजनाओं के जरिये सब्सिडी सहित कई प्रकार के लाभ देने की बात भी वह करती है.

सरकार का दावा रहा है कि सिंगल विंडो सिस्टम इसलिए अपनाया गया है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को प्रोजेक्ट लगाने में कोई दिक्कत ना आये. पर बोर्ड में  ही चक्कर लगाकर आवेदक परेशान हो चुके हैं.

नये प्रोजेक्ट लगाने में भी कई छोटे और मंझले स्तर के उद्योगपतियों को भी राज्य में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ें : #Saraikela: पुलिस ने ग्रामीण को ही मार कर कहीं नक्सली तो नहीं बता दिया था! अब कर रही है जांच

राज्य में 17 कैटेगरी की पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रीज

राज्य में पॉल्यूशन की कटेगरी भी बांटी जा चुकी है. राज्य में पॉल्यूशन बोर्ड ने पॉल्यूटिंग उद्योगों की 17 कैटेगरी बना रखी है.

इसे भी पढ़ें : #JharkhandElection: आखिरी वक्त पर रद्द हुईं अमित शाह की सभायें, पहले भी कम भीड़ से हुए थे नाराज

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like