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पति और प्रेमी रुद्र के नाम लिखी तस्लीमा नसरीन की मशहूर कविता-  आकाश के पते पर

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बांग्ला से अनुवाद – Zeb Akhtar

तसलीमा नसरीन का विवाह कवि रुद्र मुहम्मद शाहिदुल्लाह से हुआ था. हालांकि, एक समय के बाद तस्लीमा ने कई प्रेम के आरोपों के बाद अपने प्रेमी और पति रुद्र मुहम्मद शाहिदुल्लाह को छोड़ दिया. तस्लीमा से तलाक के 9 साल बाद रुद्र मुहम्मद शाहिदुल्लाह का निधन हो गया. अत्यधिक दवा के उपयोग को उसकी अकाल मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है.

रुद्र की मृत्यु के बाद, उन्हें “इनसाइड आउटसाइड माई हार्ट” कविता मिली जो बाद में बहुत प्रसिद्ध हुई. कई लोग कहते हैं कि उन्होंने इसे तस्लीमा नसरीन के लिए लिखा था. इसके जवाब में तस्लीमा नसरीन ने भी एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने रुद्र के प्रति अपने प्रेम के बारे में लिखा और साथ ही रुद्र के अन्य प्रेम संबंधों के बारे में लिखा.

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रुद्र की कविता

“मेरे दिल के अंदर बाहर भी दिल है
तुम मेरे दिल में हो
जैसे
पंखुड़ियों पर फसल बनने की नींद
तुम्हारी तरह, अपने पास रखूं
मर्म के मुख्य पथ पर
सीप की तरह धक्के खाते हुए
आवरण पर मोती की खुशी लिए
अपने गहरे चिनवा की तरह
भीतरी नीले बंदरगाह में
ठीक है, अच्छा बनो
अपने जवाब को आकाश के पते पर लिखना
मुझे अपनी माला दो
बाउल का दिमाग इस पर है … “

तस्लीमा नसरीन का जवाब:

आकाश के पते पर

प्रिय रुद्र,
वैसे, आकाश.
तुमने आकाश के पते पर पत्र लिखने के लिए कहा है. क्या तुम अब आकाश में रहते हो? क्या तुम आकाश में उड़ते हो? रुई की तरह, चिड़िया की तरह? तुम संसार छोड़कर स्वर्ग चले गये. सच पूछो तो तुम वास्तव में बच गये. खैर, क्या तुम एक पक्षी नहीं बनना चाहते हो… और वापस उड़ना चाहते हो? अपने इंदिरा रोड स्थित घर में, फिर से उस नीलकंठ, शाहबाग, परबाग, लालबाग में? वैसे मुझे विश्वास नहीं है कि यह तुम्हारा है या नहीं, लेकिन मैं ये चाहती हूं.

लेकिन एक समय पर तुम ऐसा करना चाहते रहे होगे. अगर मैं चाहती तो मैं रात भर सो नहीं पाती – लेकिन कहानी भर के लिए. अगर मुझे पूरा दिन चलना होता है – चलना. तुम्हें किसने रोका. जिंदगी तुम्हारे हाथ में थी. जैसा कि तुम इस जीवन के साथ खेलते रहे. मुझे आश्चर्य है, अगर जीवन अब तुम्हारे हाथ में नहीं है. उन्होंने तुम्हें ट्रक में उठाया और ले गये.  तुम विरोध नहीं कर सकते थे.

रुद्र से विवाह के समय तस्लीमा.

खैर, लालबाग के अपने प्रेमी के बारे में क्या, जिसने तुम्हें नीले नहर के साथ वर्षों से प्यार किया है? एक दिन मैं रोयी. जब मैंने उसके प्रेम की प्रेम कविता देखी! तुम किसी और के साथ प्यार में थे. यह मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता. क्या बेवकूफ लड़की हूं मैं भी. तो क्या मानूं, मुझे तुमसे प्यार करना है. मानो हम दोनों दो जन्म के थे. जिस दिन तुम ट्रक से गये. मैं बहुत करीब महसूस कर रही थी. ढाका शहर इतना खाली कभी नहीं लगा. मुझे अपने सीने में ऐसा रोना कभी महसूस नहीं हुआ. मैंने ढाका छोड़ दिया. और उस दिन मयमनसिंह के लिए निकल गयी. हमारा अलगाव चार साल का था. इन सभी वर्षों के बाद, तुम अभी भी छाती में कहीं गहरे बसे थे! ये जानकर, उस दिन मैं घबरा गयी.

मेरी बड़ी मुस्कान देखकर अब तुम्हारे सैकड़ों दोस्त सामने आ रहे हैं. वे तब कहां थे? जब आपके पास पैसे की कमी थी, तो तुमने एक दोपहर एक तुरही खाकर बिताई. मैं तुम्हारी दोस्त नहीं हैं. क्योंकि मैंने तुम्हें छोड़ दिया है. अब जब तुम्हारा नाम मेरे लिए उचित नहीं है. तो मुझे पता है कि तुम केवल एक लापता हो. वे लोग कहां हैं जो अब यह नहीं समझते कि रुद्र दुखी है?

अंत में आप शिमुल नाम की एक लड़की से प्यार करते हैं. शादी की बात चल रही थी. एक दिन शिमुल की सारी कहानियां मुझे सुनाईं. सुनो … तुम्हें एहसास नहीं था कि मैं बहुत अधिक परेशानी में हूं. सोचें कि आप आसानी से प्यार में हैं! उसकी कहानी बताओ! ऐसा लगा कि एक समय में यह मेरे लिए था! आज दूसरे के लिए आपकी बेचैनी है.

रात में बिना रोये रात बिताने के बारे में बताइये? अगर आप शिमुल के बारे में एक कविता लिखते हैं और कहते हैं कि यह एक दया है! अगर तुम मुझसे फिर से पूछोगे, यह कैसे हो गया? मैंने कहा, बहुत अच्छा. मैंने कभी किसी शिमुल नाम की लड़की को नहीं देखा. तुम उससे प्यार करते हो, जब तुमने खुद से कहा था. तो तुमने मेरा दर्द नहीं समझा. मैंने तुम्हें सही छोड़ा लेकिन किसी और से प्यार नहीं कर सकती. प्यार कोई ऐसी चीज नहीं है जो मुझे परेशान करे.

आकाश रोज के साथ कितनी बातें करता है! कष्ट, सुख. एक दिन हम एक आकाश में भटक रहे थे. तुमने एक गीत सुना जो कठिनाइयों के साथ लिखा है. “मैं ठीक हूं, आकाश के पते पर एक पत्र भेजो.” आपने मंगल पर बैठे गीत लिखा. आपको किसका पत्र याद है? मेरा? नाखून की नहरें? मैं लंबे समय से तुम्हें एक पत्र लिखना चाहती थी. एक समय था जब मैं आपको रोज लिखती थी. आप भी रोज लिखते थे. आकाश का पता तब चलता है जब आप घर पर बैठते हैं. क्या तुम्हें यह पत्र मिलेगा? जीवन और दुनिया की प्यास लोगों को संतुष्ट करने में कभी विफल नहीं होती है, लेकिन लोग कितने दिन रहते हैं? अभी दिन है. क्या मेरा दिन कठिन नहीं है? तुम ठीक हो मैं अच्छी नहीं हूं.

निःसंदेह, इस सुबह में.

 

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