opinion

राज्यसभा की प्रासंगिकता पर सवाल क्यों?

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 16:44
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर विवाद होना और सवाल उठना स्वाभाविक है. इस मसले ने एक बार फिर राज्यसभा की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. भारत में लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जिस तरह की शर्मनाक घटनाएं घट रही हैं, इसमें आम आदमी पार्टी के द्वारा राज्यसभा सदस्य बनाने की स्थितियों ने एक दाग और जड़ दिया है. इस तरह की शर्मनाक स्थितियों की वजह से लोगों की आस्था संसदीय लोकतंत्र के प्रति कमजोर होना स्वाभाविक है.

जमीर जिंदा रखिये मेरे भाई...

Submitted by NEWSWING on Thu, 01/04/2018 - 16:29

Surendra Nath Mishra

सोच और नजरिये की समृद्ध विरासत के बावजूद नौकरशाही के लोग इस समय दिवालियेपन की बानगी पेश करते नजर आ रहे हैं. झारखंड सरकार में मुख्य सचिव सरीखे सर्वोच्च ओहदेदार को 2003 से 2014 तक स्पष्टीकरण देने को 30 बार रिमाइंडर दिया गया. अभी तक झारखंड सरकार की चीफ सेक्रेटरी राजबाला वर्मा इन 15 वर्षों में अलग-अलग जिलों की डीसी भी रहीं. चाईबासा ट्रेजरी से कपटपूर्ण तरीके से पचासों करोड़ की निकासी के आदेश देने का औचित्य बताने के लिए राजबाला वर्मा को 30 बार स्पष्टीकरण पूछा गया.

घोषणाओं के जश्न पर भारी नाकामी का सच

Submitted by NEWSWING on Fri, 12/29/2017 - 10:12
रूपक राग केंद्र और राज्य सरकार क्या केवल घोषणाओं के बल जनता का कल्याण करना चाहती है. 2017 का अंत और 2018 की शुरुआत हो रही है. लेकिन केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में रघुवर सरकार के नेतृत्व में आमजनता का कितना विकास हुआ, इसे भाषणों के आभामंडल और चमकते विज्ञापनों की आड़ में कहीं छुपाने की साजिश तो नहीं की जा रही. लोकसभा के सत्र के दौरान कई सवालों के जवाब मोदी सरकार के मंत्रियों ने दिये हैं. खुद सरकार की तरफ से संसद में पेश आंकडें विकास के दावों को बेनकाब करती हैं. तो दूसरी तरफ नीति आयोग की रिपोर्ट झारखण्ड में रघुवर सरकार के विकास पुरुष होने को खोखला साबित कर रहे हैं.

‘कुरान और संविधान की मूल भावना के विपरीत बने कानून को मंजूर नहीं करेंगे’

Submitted by NEWSWING on Wed, 12/27/2017 - 16:48
Lucknow : संसद में तीन तलाक विरोधी विधेयक पेश होने से रोकने की ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) की अपील के बीच मुस्लिम महिला संगठनों ने कहा है कि अगर यह विधेयक कुरान की रोशनी और संविधान के दस्तूर पर आधारित नहीं होगा तो इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऑल इण्डिया वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने आज कहा कि निकाह एक अनुबंध है, जो भी इसे तोड़े, उसे सजा दी जानी चाहिये. हालांकि केन्द्र सरकार द्वारा बनाया जाने वाला कानून अगर कुरान की रोशनी और संविधान के दस्तूर के मुताबिक नहीं होगा तो देश की कोई भी मुस्लिम औरत उसे कुबूल नहीं करेगी.

जानें क्रिसमस की दिलचस्प दास्तां

Submitted by NEWSWING on Sat, 12/23/2017 - 17:56

Firdaus Khan

दुनियाभर में मनाए जाने वाले क्रिसमस की दास्तां बहुत ही रोचक है. क्रिसमस ईसाइयों के सबसे ख़ास त्यौहारों में से एक है. इसे ईसा मसीह के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाता है. क्रिसमस को बड़े दिन के रूप में भी मनाया जाता है.

loading...
Loading...