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19 अप्रैल 1975 को भारत ने पहला उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में लांच किया था

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 04/18/2018 - 17:57

NewDelhi :  अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को आज एक महाशक्ति के रूप में देखा जाता है और बहुत से देश कम लागत में अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत पर निर्भर करते हैं.  देश के अंतरिक्ष के इस सफर में 19 अप्रैल का खास महत्व है.

ब्लैक होल स्पेस में ऐसा गर्त है, जिसमें फंस कर हम किसी अन्य सृष्टि में पहुंच सकते हैं 

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 04/10/2018 - 17:14

 Nw desk :  ब्लैक होल क्या है. इस पर वैज्ञानिकों में माथापच्ची जारी है. वैज्ञानिक सम्मेलनों में  इस पर चर्चा का कभी अंत नहीं है. इसे लेकर आपके अंदर भी जिज्ञासा उठती होगी कि यह क्या है, कैसा होता है,  क्या इसका रंग काला होता है या फिर इसी तरह के अन्य सवाल. ब्लैक होल ऐसी खगोलीय शक्ति है, जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र काफी शक्तिशाली होता है. इसके खिंचाव से कुछ भी नहीं बच सकता, यहां तक कि प्रकाश भी. ब्लैक होल में एकतरफा सतह होती है, जिसे घटना क्षितिज कहा जाता है. इसमें वस्तुएं गिर तो सकती हैं, लेकिन इससे बाहर कुछ भी नहीं आ सकता.

‘ डीप लर्निंग ’ के इस्तेमाल से गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाने में मिल सकती है मदद

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 04/10/2018 - 16:02

London : वैज्ञानिकों ने गुरुत्वीय तरंगों की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) से जुड़ी तकनीक का इस्तेमाल किया है. महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1915 में सबसे पहले गुरुत्वीय तरंगों की परिकल्पना की थी.

वैज्ञानिकों ने किया चमत्कार, अब बनाया गायब होने वाला कपड़ा

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 04/03/2018 - 11:56

Los Angeles : समुद्री जीवस्कि्वडके गुण- स्वभाव से प्रेरित होकर वैज्ञानिकों ने एक ऐसा परिधान विकसित किया है जो अपने द्वारा प्रतिबिंबित किए जाने वाले ताप के तरीके में बदलाव कर सकता है. इस लिबास को उस उपकरण की मदद से भी नहीं देखा सकता जो रात में महीन और बारीक च

टूट रहा है पूर्वी अफ्रीका, बदल जायेगा दुनिया का नक्शा,  नया महासागर लेगा जन्म !

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/02/2018 - 15:43

New Delhi :  दुनिया का नक्शा बदलने वाला है. लेकिन आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि इसमें लाखों वर्ष लगेंगे. हालांकि इसकी नींव पड़ चुकी है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पूर्वी अफ्रीका टूट रहा है. कारण यह कि इस  महाद्वीप के पूर्वी हिस्से में विशालकाय 5000 किमी लंबी टेक्टॉनिक प्लेट बाउंड्री है, जो ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट सिस्टम की सतह की तरह है. यह अफ्रीकन प्लेट सोमालियन और नुबियन टेक्टॉनिक प्लेटों में बंटी हुई है. दोनों प्लेटें एक-दूसरे को दूर धकेल रही हैं.

चीन का हेवनली पैलेस द तियांगोंग-1 दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरा और बिखर गया

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/02/2018 - 15:32

NewDelhi: आखिरकार चीनी स्पेस स्टेशन द तियांगोंग-1 यानी हेवनली पैलेस धरती पर आ गिरा. यह दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में धरती के वायुमंडल में पहुंचा और बिखर गया. यह रिपोर्ट चीन और अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञानियों ने दी है. बता दें कि खगोलविज्ञानी जोनाथन मैकडॉवल ने ट्वीट किया कि द तियांगोंग-1 ने ग्रीनविच मानक समय के अनुसार सुबह आठ बजकर 16 मिनट पर धरती के वायुमंडल में प्रवेश किया. खबरों के अनुसार चीन के हेवनली पैलेस कहे जानेवाले स्पेस स्टेशन द तियांगोंग-1 के साथ धरती का संपर्क टूट गया था.

रविवार को धरती पर उल्कापात की तरह गिरेगा आठ हजार किलो वजनी चीन का हेवनली पैलेस

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 03/31/2018 - 16:22

New Delhi :  रविवार एक अप्रैल को अंतरिक्ष में भटक रहा आठ हजार किलो वजनी चीन का स्पेस स्टेशन तियांगोंग-1 , जिसे  हेवनली पैलेस कहा गया है,  धरती पर गिरेगा.  हालांकि अंतरिक्ष विज्ञानियों का कहना है कि यह किसी के ऊपर नहीं गिरने वाला. किसी को कोई नुकसान भी नहीं होगा.  इस संबंध में चीन के उच्चाधिकारियों का मानना है कि स्पेस लैब का वापस धरती पर आना शानदार शो की तरह होगा.  चायना मैंड स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस के अनुसार, स्पेस क्राफ्ट उस तरह धरती पर नहीं गिरते, जैसा फिल्मों में दिखाया जाता है और फिर बड़ा नुकसान होता है. कहा कि स्पेस क्राफ्ट धरती पर उल्कापात की तरह गिरते हैं.

 इसरो की अंतरिक्ष में एक और छलांग, GSAT-6A कम्युनिकेशन सेटेलाइट अंतरिक्ष में लांच

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 03/29/2018 - 18:13

 Shriharikota : इसरो ने गुरुवार को अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया कदम रख दिया. चैन्‍नई के श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से संचार सैटलाइट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लांच कर इसे कक्षा में स्थापित कर दिया गया.

जल्द आने वाला है गंध पहचानने वाला एक स्मार्टफोन ऐप

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 03/27/2018 - 17:02

Jerusalem : इस्राइल की एक कंपनी एक नया स्मार्टफोन ऐप और एक सेंसर विकसित कर रही है जो कि गंध की पहचान और विश्लेषण कर सकता है तथा यह इस तरह से लोगों को उनके अनुकूल उत्पाद का चयन करने में मदद करेगा.

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