Hazaribagh

अवैध माइनिंग का मामला: हजारीबाग में एनजीटी की टीम, तीन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 03/05/2018 - 19:49

HAZARIBAGH : हजारीबाग-कोडरमा जिले में अवैध माईनिंगवन्य जीवों के दुष्प्रभाव और प्रदूषण की जांच के लिए दिल्ली एनजीटी द्वारा गठित टीम हजारीबाग पहुंच गई है.

पंचायतों को  योजना बनाने का अधिकार है, लेकिन अधिकारी थोप रहे हैं योजना

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/24/2018 - 20:18

Pravin Kumar

Ranchi : पंचायतों को मिली शक्तियों के अनुसार गांवों के विकास के लिए कई प्रमुख योजनाओं को बनाने और उसके क्रियान्वमयन का अधिकार है. पर झारखंड गठन के 17 साल बाद भी उनको ये अधिकार नहीं मिल पाया है. गांवों के लिए योजनाएं बनाने और उसे अमल में लाने के लिए अफसरों का खूब दखल हो रहा है. इससे गांव की सरकार राज्य की रघुवर सरकार की कार्यशैली से बहुत ही नाराज है. अब यहां के मुखियाओं ने अपनी नाराजगी पत्रों के माध्य म से दिखाना शुरू कर दी है.

मुखिया ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, योजना बनाओ अभियान में चयनित योजनाएं पंचायत में लागू की जायें  

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/24/2018 - 19:55
Pravin Kumar Ranchi : हजारीबाग जिला के पदमा प्रखंड स्थित पिन्डारकोण पंचायत के मुखिया कामख्या कुमार सिंह आज सरकार की वादे से निराश है. योजना बनाओ अभियान के दो साल होने को है.  लेकिन आज भी पंचायत पर सरकार के द्वारा योजना थोपने का काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्‍़होंने कहा है कि पंचायत के द्वारा गांव के विकास के लिए बनाई गयी योजनाएं आज भी गांव में शुरू नहीं  की गयी हैं . डोभा निर्माण की योजना पंचायत में बल पूर्वक अधिकारी द्वारा थोपने का काम हुआ, जबकि गांव के विकास के लिए बनाई गयी विभिन्न प्रकार की मनरेगा योजनाओं जैसे कच्चा रोड, कुआं , चेक डेम,  सिंचाई  कूप निर्माण से जुड़ी गांव के विकास की 110 योजनाओं   का कोई अतापता नही है.  पत्र में कहा गया है  कि  योजना बनाओ अभियान के बाद ग्रामीणों में बड़े उत्साह था कि उपयोगिता और जरूरत के अनुसार योजना बनी है. लेकिन 2016 17 और 17-18 में ग्राम सभा द्वारा चयनित योजना के स्थान पर  विभाग दो-तीन प्रकार की योजनाएं,उदाहरण  स्‍वरूप डोभा  की येाजना  थोपने का काम कर रहा है . सरकारी अधिकारियों द्वारा विशेष ग्राम सभा करवा कर योजनाओं को थोपने का काम किया जा रहा है सरकार गांवों में योजना थोपने का काम कर रही है. 

क्या हजारीबाग पुलिस-प्रशासन एनटीपीसी के पक्ष में और विधायक व ग्रामीणों के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर काम कर रही थी !

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 02/22/2018 - 10:00

- हजारीबाग पुलिस पर उठ रहे सवाल, ट्रायल से पहले डिस्चार्ज हुआ पुलिस का चार्जशीट, धारा 307 व 33 हटाया

- बड़कागांव थाना कांड संख्या 135/16 के मामले में हुई सुनवाई.

- कोर्ट ने केस में धारा 307 ,333 को पर्याप्त नही माना.
-  कार्यपालक दंडाधिकारी कुमुद झा के बयान पर हुआ था मामला दर्ज. 

- एनटीपीसी के कोयला खनन क्षेत्र चिरुडीह के एक ही घटना पर तीन अलग-अलग मामला दर्ज हुआ था.

हजारीबाग जेल में भोजन कटौती पर भड़के बंदी, टकराव की स्थिति, कटौती के पीछे बंदरबांट की साजिश तो नहीं!

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/19/2018 - 16:37
हजारीबाग के जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में बंदियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई. पर्व-त्योहार के नाम पर होनेवाले भेजन की कटौती के मामले पर बंदी दो गुट में बंट गये हैं और आपस में ही भिड़ने को तैयार हैं. यह भी कहा जा रहा है कि जेल के अंदर जेलर के करीबी बंदियों की मनमानी बढ़ गयी है. वहीं कैदियों के भोजन में कटौती कर लाखों रूपये के बंदरबांट का खेल यहां खेले जाने की बात भी सामने आ रही है.

हजारीबाग और कोडरमा में हो रहा है अवैध उत्खनन, जांच के लिए NGT ने बनायी विशेष टीम

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/19/2018 - 12:57

Ranchi: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक आदेश जारी किया गया है. यह आदेश झारखंड के दो जिले कोडरमा और हजारीबाग में कई जगहों पर अवैध उत्‍खनन को गंभीरता से लिया है. और इसके लिए कमिटी बनाकर भौतिक और वैज्ञानिक जांच कराने का निर्देश दिया है.

3000 करोड़ मुआवजा घोटालाः जिस CO ने की ज्यादा गड़बड़ी, भू-राजस्व विभाग ने उसे टंडवा भेजा, जहां एनटीपीसी कर रहा था भूमि अधिग्रहण

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/12/2018 - 11:46

Ranchi: हजारीबाग के बड़कागांव में पकरी-बरवाडीह कोल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए 3000 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले के तार सरकार के शीर्ष अफसरों से भी जुड़े हुए हैं. रिटायर आईएएएस देवाशीष गुप्ता की एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त सबसे अधिक गड़बड़ी की गयी, उस वक्त बड़कगांव के अंचलाधिकारी (सीओ) दिलीप ठाकुर थे. रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि उनके कार्यकाल में ही सबसे अधिक गड़बड़ी की गयी. रिपोर्ट में ही इस बात का भी जिक्र है कि उस सीओ को बाद में चतरा के टंडवा अंचल में पोस्टिंग दी गयी, जहां एनटीपीसी का एक और परियजोना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा था.

खुले पैसे के बदले चॉकलेट देने पर खैर नहीं, विशाल मेगा मार्ट पर लगा 50 हजार रुपये का जुर्माना

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/10/2018 - 16:18

Hazaribagh : दुकान, टोल प्लाजा या किसी प्रतिष्ठान में अक्सर यह देखा जाता है कि ग्राहकों को खुले पैसे देने के बदले चॉकलेट दे दी जाती है. और उनके द्वारा कहा जाता है कि खुले पैसे नहीं है. लेकिन अब इसे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. प्रशासन इसे लेकर सख्त होती नजर आ रही है. ताजा मामला हजारीबाग के विशाल मेगा मार्ट का है. जिसपर प्रशासन ने खुले पैसे के बदले चॉकलेट देने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. और कहा है कि अगर जुर्माने के पैसे जमा नहीं किये गये तो प्रतिष्ठान को सील कर दिया जायेगा.

जीरो टॉलरेंस वाली सरकार ने नहीं करायी 3000 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाला की विस्तृत जांच

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/10/2018 - 09:41
Ranchi: दिसंबर 2014 में शपथ लेने के बाद वर्तमान सरकार के मुखिया रघुवर दास ने कहा था कि यह सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम करेगी. भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर तुरंत कार्रवाई होगी. लेकिन अधिकांश मामलों में एेसा नहीं हुआ. हजारीबाग के बड़कागांव में एनटीपीसी के पकरी-बरवाडीह कोल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजा घोटाला में सरकार ने रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की. रिटायर आइएएस देवाशीष गुप्ता की रिपोर्ट को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया. अब यह आशंका जतायी जा रही है कि आगे चल कर यह मामला भ्रष्टाचार और उसमें लिप्त अफसरों को बचाने का भी साबित हो सकता है.
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